पांच दशक से चुनावी मुद्दा बन रही है कनहर जलाशय परियोजना

गढ़वा : जब लोकसभा चुनाव में मुद्दों की बात हो, तो पलामू लोकसभा क्षेत्र का चर्चित बाराडीह कनहर जलाशय सिंचाई परियोजना की चर्चा न हो, यह कैसे हो सकता है. सदा अकाल और सुखाड़ से जूझते पलामू प्रमंडल के इस इलाके में स्थायी रूप से राहत प्रदान के लिए बाराडीह कनहर जलाशय सिंचाई परियोजना इस […]
गढ़वा : जब लोकसभा चुनाव में मुद्दों की बात हो, तो पलामू लोकसभा क्षेत्र का चर्चित बाराडीह कनहर जलाशय सिंचाई परियोजना की चर्चा न हो, यह कैसे हो सकता है. सदा अकाल और सुखाड़ से जूझते पलामू प्रमंडल के इस इलाके में स्थायी रूप से राहत प्रदान के लिए बाराडीह कनहर जलाशय सिंचाई परियोजना इस लोकसभा क्षेत्र की अति महात्वाकांक्षी योजना है.
इस क्षेत्र के लिए इतनी बड़ी सिंचाई परियोजना (साथ में विद्युत परियोजना भी) को इसके पूर्व कभी स्वीकृति नहीं मिली थी. क्योंकि इस परियोजना से गढ़वा जिले के वर्तमान सभी 20 प्रखंडों सहित पलामू जिला के चैनपुर प्रखंड को पूरी तरह से सिंचित करना था. साथ ही इस परियोजना से 320 मेगावाट बिजली का भी उत्पादन करना था.
उस समय के करीब 1500 करोड़ की इस परियोजना को केंद्र व राज्य सरकारों से न सिर्फ हरी झंडी मिली, बल्कि इसका डीपीआर बनाते हुए तत्कालीन बिहार, मध्य प्रदेश व उत्तर प्रदेश तीनों सरकारों से संयुक्त रूप से स्वीकृति भी मिली. शुरुआती कार्यों के लिए एक अच्छी राशि खर्च कर कुछ आधारभूत संरचना भी खड़े किये गये.
कनहर योजना के लिए भवन बनाये गये, कर्मचारी भी बहाल हुए. लेकिन उल्लेखनीय ये है कि इतना सब के बावजूद यह परियोजना आजतक क्रियान्वित नहीं की जा सकी. जबकि तब से आज तक हर लोकसभा चुनाव में प्रत्याशियों की घोषणा पत्र में बाराडीह कनहर जलाशय परियोजना को क्रियान्वित करने का वादा प्रमुखता से बना रहा.
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By Prabhat Khabar Digital Desk
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