न रसोइया, न सुविधा, न छात्रवृत्ति, कल्याण छात्रावासों की बदहाली पर छात्रों का आक्रोश

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बैठक में उपस्थित विभिन्न् छात्रावासों के छात्रनायक व छात्र समन्वय समिति के नेतागण. | Prabhat Khabar Network

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दुमका में आदिवासी कल्याण छात्रावासों की बदहाल व्यवस्था से छात्र आक्रोशित हैं. रसोइयों की कमी, जर्जर भवन और छात्रवृत्ति न मिलने से परेशान छात्रों ने 15 दिनों का अल्टीमेटम दिया है.

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दुमका : आदिवासी कल्याण छात्रावासों की बदहाल व्यवस्था को लेकर गुरुवार को छात्रों का आक्रोश फूट पड़ा. दुमका कल्याण छात्रावास परिसर में छात्र समन्वय समिति के बैनर तले जिले के विभिन्न कल्याण छात्रावासों के छात्र नायक, छात्र नायिकाओं और वरिष्ठ छात्रों की बैठक हुई. अध्यक्षता छात्र नेता डॉ. श्याम देव हेंब्रम ने की.

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रसोइया नहीं, खुद बनाना पड़ रहा खाना

बैठक में छात्रों ने कहा कि झारखंड गठन के बाद से अब तक किसी भी आदिवासी कल्याण छात्रावास में रसोइया की नियमित नियुक्ति नहीं हुई है. संयुक्त बिहार के समय नियुक्त रसोइयों के निधन के बाद पद खाली पड़े हैं. छात्रों के अनुसार लड़कों और लड़कियों के सभी छात्रावासों में लगभग यही स्थिति है. रसोइया नहीं होने के कारण छात्रों को स्वयं खाना बनाना पड़ रहा है.

पढ़ाई के लिए नहीं मिल रहा पर्याप्त समय

छात्रों ने कहा कि सुबह खाना बनाने के बाद कॉलेज जाना पड़ता है और लौटने के बाद दोबारा खाना बनाना पड़ता है. इससे पढ़ाई के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल पा रहा है. छात्रों का कहना था कि वे छात्रावास में पढ़ाई करने आये हैं, खाना बनाने के लिए नहीं.

जर्जर भवन और शौचालयों की स्थिति दयनीय

छात्र नेता डॉ. श्याम देव हेंब्रम ने कहा कि जिले के अधिकांश कल्याण छात्रावास जर्जर हो चुके हैं. शौचालयों की स्थिति भी दयनीय है और कई छात्रावासों में बुनियादी सुविधाओं का अभाव है. उन्होंने कहा कि समस्याओं को लेकर जिला कल्याण पदाधिकारी, उपायुक्त और सरकार को कई बार लिखित आवेदन दिया गया, लेकिन अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई.

छात्रवृत्ति नहीं मिलने से फीस का संकट

उन्होंने कहा कि सत्र 2024-25 और 2025-26 के यूजी, पीजी, बीएड, प्लस टू, बीबीए, बीसीए और इंजीनियरिंग के विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति नहीं मिलने से आर्थिक रूप से कमजोर आदिवासी छात्रों के सामने फीस जमा करने का संकट खड़ा हो गया है.

15 दिनों का अल्टीमेटम

छात्र समन्वय समिति ने छात्रावासों की समस्याओं के समाधान के लिए 15 दिनों का अल्टीमेटम दिया है. समिति ने सभी छात्रावासों में रसोइया एवं रात्रि प्रहरी की नियुक्ति, जर्जर भवनों की मरम्मत तथा लंबित छात्रवृत्ति का भुगतान करने की मांग की है.

21 सितंबर को घेराव की चेतावनी

छात्रों ने चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं होने पर 21 सितंबर को सभी जिलों में कल्याण पदाधिकारियों का घेराव किया जाएगा. इसके बाद भी मांगें नहीं मानी गयीं तो संताल परगना से बाहर जाने वाले कोयला और खनिज लदे वाहनों को अनिश्चितकाल के लिए रोकने का आंदोलन शुरू किया जाएगा.

बैठक में ये छात्र रहे मौजूद

बैठक में जोसेफ बास्की, जिदलाल हांसदा, बबरोई हेंब्रम, अनुज मुर्मू, लोगुलुमन सोरेन, इमानुएल हेंब्रम, मनोज मुर्मू, राम सोरेन, माइकल मरांडी, शिवलाल मरांडी, बिमल टुडू, राजेंद्र मुर्मू, संजय हांसदा, बाबूतम सोरेन, जकरियास किस्कू, विकास टुडू सहित कई छात्र मौजूद थे.

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