कांवरियों की भीड़ से गुलजार बासुकिनाथ, बाजार में छाई रौनक
बासुकिनाथ में श्रद्धालुओं की भीड़ और दुकानों पर खरीदारी करते कांवरिये. | Prabhat Khabar Network
बासुकिनाथ धाम में श्रावणी मेले की रौनक से स्थानीय बाजार गुलजार . श्रद्धालुओं की भीड़ से कारोबारियों को भारी मुनाफा. जानें पूरी खबर.
प्रतिनिधि, बासुकिनाथ. राजकीय श्रावणी मेला महोत्सव के दौरान बासुकिनाथ धाम में श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ का असर स्थानीय बाजार पर साफ दिखाई दे रहा है. सुबह से देर रात तक मेला क्षेत्र और आसपास की दुकानों में चहल-पहल बनी हुई है. देश के विभिन्न हिस्सों से पहुंच रहे कांवरियों और श्रद्धालुओं के कारण बाजार में खरीदारी बढ़ी है. इससे दुकानदारों और छोटे कारोबारियों के कारोबार में तेजी आयी है.
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होटल, धर्मशाला, भोजनालय और चाय-नाश्ते की दुकानों पर भी ग्राहकों की संख्या बढ़ी है. मेला अवधि में स्थानीय युवाओं और ग्रामीणों को अतिरिक्त रोजगार मिल रहा है. पार्किंग, परिवहन और अन्य सेवाओं से जुड़े लोगों की आमदनी में भी इजाफा हुआ है. बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था और बाजार की रौनक में कोई कमी नहीं आयी है. कारोबारियों को मेला अवधि में बेहतर आमदनी की उम्मीद है.
पूजा सामग्री की बढ़ी मांग
बाबा फौजदारीनाथ के दर्शन और जलार्पण के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालु बेलपत्र, फूल, माला, प्रसाद, फल और अन्य पूजा सामग्री की खरीदारी कर रहे हैं. फूल-माला, पूजा सामग्री और प्रसाद की दुकानों पर श्रद्धालुओं की भीड़ नजर आ रही है. पेड़ा और अन्य स्थानीय खाद्य सामग्री की बिक्री में भी तेजी आयी है.
होटल और भोजनालयों को मिला सीधा फायदा
श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या का सीधा लाभ होटल, धर्मशाला, भोजनालय और चाय-नाश्ते की दुकानों को मिल रहा है. मेला क्षेत्र में आने वाले श्रद्धालु भोजन और नाश्ते के लिए इन दुकानों का रुख कर रहे हैं. इससे संचालकों के साथ वहां काम करने वाले कर्मचारियों को भी अधिक काम मिल रहा है.
छोटे कारोबारियों की बढ़ी आमदनी
श्रावणी मेले से छोटे दुकानदारों और फुटपाथ पर कारोबार करने वालों को भी राहत मिली है. फल, पेय पदार्थ, खिलौने, धार्मिक वस्तुओं और दैनिक उपयोग की सामग्री बेचने वाले कारोबारियों की बिक्री बढ़ी है. कई दुकानदारों का कहना है कि श्रावणी मेला उनके लिए साल की सबसे बड़ी व्यावसायिक गतिविधियों में से एक है.
स्थानीय युवाओं को मिल रहा अतिरिक्त रोजगार
मेला अवधि में स्थानीय युवाओं और ग्रामीणों को भी अतिरिक्त रोजगार के अवसर मिल रहे हैं. कई युवा दुकानों, भोजनालयों, पार्किंग, परिवहन और अन्य सेवा कार्यों से जुड़कर अपनी आमदनी बढ़ा रहे हैं. इससे मेले का आर्थिक लाभ स्थानीय स्तर पर बड़ी संख्या में लोगों तक पहुंच रहा है.
बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं के उत्साह में कोई कमी नहीं आयी है. मौसम खराब होने के बाद भी कांवरियों और श्रद्धालुओं का बासुकिनाथ पहुंचना जारी है. बाबा फौजदारीनाथ के दर्शन और जलार्पण के बाद श्रद्धालु बाजार में खरीदारी भी कर रहे हैं.

कारोबारियों में उत्साह
स्थानीय कारोबारियों के अनुसार, श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने के साथ बिक्री में भी लगातार बढ़ोतरी हो रही है. मेला क्षेत्र में उमड़ रही भीड़ से बाजार की आर्थिक गतिविधियां तेज हुई हैं. कारोबारियों को उम्मीद है कि मेला समाप्त होने तक खरीदारी का सिलसिला जारी रहेगा.
स्थानीय अर्थव्यवस्था का भी बड़ा आधार बना मेला
श्रावणी मेला बासुकिनाथ की धार्मिक पहचान के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था का भी महत्वपूर्ण आधार बन गया है. श्रद्धालुओं की आस्था से जहां मंदिर और मेला क्षेत्र भक्तिमय बना हुआ है, वहीं बढ़ती भीड़ ने स्थानीय कारोबारियों के चेहरों पर भी रौनक ला दी है.
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