महिला समूह लोन बना साइबर ठगों का नया निशाना, सर्विस चार्ज के नाम पर लगा रहे चूना

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साइबर फ्राड गिरोह के सदस्यों द्वारा महिलाओं से ठगी गई राशि के ट्रांसफर के स्क्रीनशॉट की तस्वीर. | Prabhat Khabar Network

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साइबर ठग एक बार फिर सक्रिय हो गए हैं और अब महिलाओं के समूह लोन को निशाना बना रहे हैं. वे लोन की किश्त या नए लोन का झांसा देकर सर्विस चार्ज और बीमा के नाम पर ठगी कर रहे हैं. राशि मिलते ही फोन नंबर ब्लॉक कर देते हैं.

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प्रतिनिधि, रामगढ़ : साइबर फ्राड से जुड़े जालसाजों का गिरोह क्षेत्र में एक बार फिर सक्रिय हो गया है. साइबर अपराधियों के विरुद्ध पुलिस की सख्ती और आम लोगों में जागरूकता से पिछले कुछ समय से साइबर फ्राड में कमी आयी थी, लेकिन कुछ समय की शांति के बाद साइबर अपराधी अपनी कार्यप्रणाली में बदलाव कर फिर सक्रिय हो गये हैं.

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इस बार साइबर फ्राड से जुड़े लोग विभिन्न नन बैंकिंग फाइनांस कंपनियों से महिला समूह के माध्यम से समूह लोन लेने वाली सामान्यतः कम पढ़ी-लिखी महिलाओं को अपना शिकार बना रहे हैं. यह गिरोह दुमका जिले के रामगढ़, नोनीहाट, सरैयाहाट, गोड्डा जिले के पोड़ैयाहाट सहित बिहार के सीमावर्ती क्षेत्र बौंसी, बाराहाट और धोरैया आदि में सक्रिय बताया जा रहा है.

पहले जुटाते हैं महिलाओं का डेटा

साइबर फ्राड से जुड़े गिरोह के सदस्य पहले विभिन्न नन बैंकिंग कंपनियों से लोन लेने वाली महिलाओं का डेटा जुटाते हैं. इसके बाद उन्हें फोन कर लोन की किश्त का भुगतान करने तथा तुलनात्मक रूप से अधिक ब्याज वाले समूह लोन की बजाय कम ब्याज वाले पर्सनल लोन का कंपनी के विशेष ऑफर का झांसा दिया जाता है.

सर्विस और इंश्योरेंस चार्ज के नाम पर ठगी

जालसाज लोन के लिए सर्विस चार्ज, इंश्योरेंस चार्ज आदि के नाम पर यूपीआई सहित अन्य ऑनलाइन माध्यमों से राशि ट्रांसफर करा लेते हैं. महिलाओं या उनके परिजनों को ठगी का पता तब चलता है, जब वे कथित रूप से स्वीकृत पर्सनल लोन की राशि लेने या पुराने लोन की ईएमआई के एवज में भेजी गयी राशि की रसीद लेने संबंधित कंपनी के शाखा कार्यालय पहुंचते हैं.

राशि मिलते ही नंबर कर देते हैं ब्लॉक

एक बार राशि ट्रांसफर हो जाने के बाद जालसाज ठगी की शिकार महिला या उसके परिजनों का मोबाइल फोन नंबर ब्लॉक कर देते हैं. ज्यादातर मामलों में ग्रामीण पृष्ठभूमि वाले पीड़ितों की शिकायतें भी सामने नहीं आ पाती हैं.

एक माह में सामने आये कई मामले

पिछले करीब एक माह में दुमका तथा बिहार के सीमावर्ती क्षेत्र में ऐसी ठगी की कई घटनाएं सामने आयी हैं. रामगढ़ प्रखंड के भदवारी गांव के ऊपर टोला निवासी श्रीकांत भगत की पत्नी सुनीता देवी से पर्सनल लोन की स्वीकृति के बाद भुगतान से पहले बीमा आदि के नाम पर 3150 रुपये ठग लिये गये.

वहीं बिहार के बौंसी थाना क्षेत्र के बलथरिया निवासी सिकंदर कापरी की पत्नी खुश्बू देवी से 3450 रुपये की ठगी की गयी.

सविता देवी से तीन बार में 10050 रुपये ठगे

रामगढ़ प्रखंड के गंगवारा गांव निवासी पंकज राउत की पत्नी सविता देवी से जालसाजों ने पुराने लोन की किश्त के नाम पर 30 अगस्त 2026 को 4350 रुपये ठग लिये. इसके अलावा नये लोन के बीमा तथा अन्य चार्ज के नाम पर उसी दिन 3700 रुपये और 31 अगस्त 2026 को 2000 रुपये ट्रांसफर करा लिये.

सविता देवी को अपने साथ हुए साइबर फ्राड की जानकारी तब हुई, जब कंपनी के प्रतिनिधि निर्धारित तिथि पर लोन की ईएमआई की वसूली के लिए सेंटर पर पहुंचे और लोन की किश्त जमा करने को कहा.

कई मामले अब भी सामने नहीं आ पाते

बताया गया कि सामने आये मामले साइबर ठगी की कुछ घटनाएं हैं. ठगी के ज्यादातर मामले सामने भी नहीं आ पाते हैं.

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