भादो की बारिश बनी किसानों की संजीवनी, सूखते धान के खेतों में लौटी हरियाली; फसल बचने की जगी उम्मीद

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जरमुंडी में धान के खेतों में हरियाली, | Prabhat Khabar Network

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जरमुंडी प्रखंड के किसानों के लिए हाल की बारिश किसी वरदान से कम नहीं है. जिन खेतों में धान की फसलें पीली पड़ रही थीं, उनमें फिर से हरियाली लौट आई है. इससे किसानों को महंगी सिंचाई से भी राहत मिली है.

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प्रतिनिधि, बासुकिनाथ : जरमुंडी प्रखंड के विभिन्न गांवों में पिछले दिनों हुई बारिश किसानों के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं है. बारिश की बूंदों ने जहां खेतों की प्यास बुझाई है, वहीं पानी के अभाव में पीली पड़ रही धान की फसल में भी फिर से जान लौटने लगी है. खेतों में पानी का जमाव और धान के पौधों में नजर आ रही हरियाली ने लंबे समय से बारिश का इंतजार कर रहे किसानों के चेहरे पर राहत और उम्मीद दोनों ला दी है.

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बारिश की बेरुखी से परेशान थे किसान

भादो में बारिश की बेरुखी के कारण कालाडुमरिया क्षेत्र के किसान खासे परेशान थे. महंगी खेती करने वाले किसानों को अपनी फसल बचाने के लिए पंपसेट के सहारे खेतों की सिंचाई करनी पड़ रही थी. कई किसान दूर-दराज के जलस्रोतों से पानी खींचकर खेतों तक पहुंचा रहे थे. इसके अलावा ट्रैक्टर से खेतों की जुताई और सिंचाई पर लगातार खर्च बढ़ रहा था.

बारिश से सिंचाई के खर्च से मिली राहत

ऐसे में बारिश ने किसानों को अतिरिक्त सिंचाई के खर्च से राहत देने के साथ फसल बचने की उम्मीद भी जगा दी है. खेतों में पानी जमा होने से धान की फसल में भी हरियाली लौटने लगी है.

बारिश जारी रही तो होगा फायदा

किसान हरेन्द्र राय, नारायण राय, मुकेश राय, राजू राय, राजेश मरांडी और बसंत मंडल का कहना है कि यदि आने वाले दिनों में भी बारिश का सिलसिला जारी रहा तो धान की फसल को काफी फायदा होगा. फिलहाल भादो की रिमझिम ने सूखते खेतों में उम्मीद की नई कोंपल जरूर फूटा दी है.

पीली पड़ने लगी थी धान की फसल

किसान हरेन्द्र राय ने बताया कि बारिश नहीं होने से धान की फसल पीली पड़ने लगी थी. कई जगह पौधों की बढ़वार रुक गई थी और फसल खराब होने का खतरा मंडरा रहा था. अब लगातार बारिश से खेतों में पानी पहुंचा है और धान में फिर से हरियाली दिखाई देने लगी है.

महंगी खेती के बाद जगी उम्मीद

किसान देवासी सोरेन ने बताया कि उन्होंने काफी मुश्किल से महंगी खेती की है. बारिश के बाद खेत में खड़ी धान की फसल देखकर अब उन्हें अच्छा लग रहा है और उम्मीद बंधी है कि फसल बच जाएगी.

खेतों में जमा पर्याप्त पानी

देवेंद्र मांझी ने बताया कि बारिश से खेतों में पर्याप्त पानी जमा हुआ है तथा धान के पौधों में हरियाली लौट आई है.

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