तीज पर शिवभक्ति में डूबा बासुकिनाथ, 50 हजार श्रद्धालुओं ने बाबा पर चढ़ाया जल
बासुकिनाथ में भक्तों की भीड़ व कतारबद्ध श्रद्धालु | Prabhat Khabar Network
बासुकिनाथ में हरतालिका तीज और गणेश चतुर्थी के पावन अवसर पर भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा. करीब 50 हजार श्रद्धालुओं ने बाबा फौजदारीनाथ पर जलार्पण कर सुख-समृद्धि की कामना की. बोल बम के जयघोष से मंदिर परिसर गुंजायमान रहा.
प्रतिनिधि, बासुकिनाथ : भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी के पावन अवसर पर सोमवार को बाबा फौजदारीनाथ की नगरी बासुकिनाथ में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा. हरतालिका तीज और गणेश चतुर्थी को लेकर अहले सुबह से ही मंदिर परिसर में कांवरियों और श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी. मंदिर प्रबंधन के अनुसार करीब 50 हजार श्रद्धालुओं ने बाबा फौजदारीनाथ पर जलार्पण कर परिवार के सुख-समृद्धि और मंगल की कामना की.

बोल बम के जयघोष से गूंजा मंदिर परिसर
सुल्तानगंज की उत्तरवाहिनी गंगा से जल उठाकर हजारों महिला-पुरुष कांवरिया गाजे-बाजे के साथ बासुकिनाथ पहुंचे. बोल बम और हर-हर महादेव के जयघोष से पूरा मंदिर परिसर गुंजायमान रहा. श्रद्धालुओं ने पवित्र शिवगंगा में आस्था की डुबकी लगायी और कतारबद्ध होकर बाबा फौजदारीनाथ पर जलार्पण किया.

सुहागिन महिलाओं ने रखा निर्जला व्रत
हरतालिका तीज को लेकर सुहागिन महिलाओं में विशेष उत्साह दिखा. महिलाओं ने निर्जला व्रत रखकर भगवान शिव और माता पार्वती की विधिवत पूजा-अर्चना की तथा पति की दीर्घायु, अखंड सौभाग्य और परिवार की सुख-शांति की कामना की.
शीघ्रदर्शनम से सुगम हुआ जलार्पण
भीड़ को देखते हुए मंदिर में शीघ्रदर्शनम की व्यवस्था प्रभावी रही. इसके तहत श्रद्धालुओं ने अपेक्षाकृत सुगमतापूर्वक बाबा पर जलार्पण कर पूजा-अर्चना की. मंदिर प्रबंधन की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा और भीड़ नियंत्रण को लेकर आवश्यक व्यवस्था की गयी थी.
मान्यता है कि माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए कठोर तपस्या करते हुए हरतालिका तीज का व्रत किया था. इसी कारण यह व्रत महिलाओं के लिए संकल्प शक्ति, अखंड सौभाग्य और दांपत्य सुख का प्रतीक माना जाता है.
श्रद्धा और संकल्प का पर्व है तीज
हरतालिका तीज पर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा का विशेष महत्व रहा. मंदिर के पंडित सुधाकर झा ने बताया कि हरतालिका तीज श्रद्धा और संकल्प का पर्व है. विधिपूर्वक व्रत रखकर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं और मनोकामनाएं पूर्ण होने की मान्यता है.
भगवान शिव को बेलपत्र, अक्षत, चंदन, सफेद पुष्प, भांग और धतूरा अर्पित करने से पुण्य की प्राप्ति होती है. उन्होंने बताया कि भगवान शिव और माता पार्वती के पुनर्मिलन की मान्यता के कारण इस दिन सुहागिन महिलाएं पति की लंबी आयु और अखंड सौभाग्य की कामना से विशेष पूजा करती हैं.
सीसीटीवी से रखी गयी नजर
मंदिर प्रभारी सह सीओ संजय कुमार ने कंट्रोल रूम में लगे सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से मंदिर परिसर की गतिविधियों और श्रद्धालुओं की आवाजाही पर लगातार नजर बनाये रखी.
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