100 साल पुरानी बलि प्रथा पर लगा विराम, छोटी रण बहियार मंदिर में अब वैष्णवी पद्धति से होगी पूजा
छोटी रण बहियार के सार्वजनिक दुर्गा मंदिर में बलि प्रथा पर रोक लगाने के निर्णय में प्रशासनिक सहयोग का एसडीओ को आवेदन देते ग्रामीण. | Prabhat Khabar Network
रामगढ़ के छोटी रण बहियार में 100 साल से अधिक पुरानी बलि प्रथा को समाप्त कर दिया गया है. ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से इस बार से दुर्गा पूजा वैष्णवी पद्धति से कराने का निर्णय लिया है. इस ऐतिहासिक फैसले के लिए प्रशासन से भी सहयोग मांगा गया है.
रामगढ़ : प्रखंड के छोटी रण बहियार स्थित सार्वजनिक दुर्गा मंदिर में सौ वर्षों से अधिक समय से चली आ रही बलि प्रथा को बंद करने का निर्णय ग्रामीणों ने लिया है. इस बार दुर्गा पूजा वैष्णवी पद्धति से कराने पर ग्रामीणों ने सहमति जतायी है.
प्रशासन से मांगा सहयोग
मंदिर से जुड़े लोगों ने दुमका के अनुमंडल पदाधिकारी, आरक्षी अधीक्षक और रामगढ़ थाना प्रभारी को लिखित आवेदन देकर बलि प्रथा बंद करने के निर्णय को लागू कराने में प्रशासनिक सहयोग का आग्रह किया है. आवेदन में कहा गया है कि मंदिर में वर्षों से दुर्गा पूजा के साथ बलि प्रथा का भी रिवाज चला आ रहा है.
बैठकों के बाद बनी सहमति
आवेदन के अनुसार, मंदिर परिसर में पिछले कुछ वर्षों से दुर्गा पूजा के अलावा श्रीमद्भागवत कथा समेत विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन होता रहा है. कुछ ग्रामीणों ने बलि प्रथा को अमानवीय और कालबाह्य बताते हुए इसे समाप्त करने का प्रस्ताव रखा. इसे लेकर समिति के सदस्यों, मुख्य पुरोहित आचार्य अरुण मुखर्जी सहित ग्रामीणों के साथ लगातार बैठकें की गयीं.
दूसरी बैठक में सर्वसम्मति
पहली बैठक में कुछ लोगों की आपत्ति और विरोध के कारण निर्णय नहीं हो सका था. इसके बाद दोबारा बैठक आयोजित की गयी, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण और बुजुर्ग शामिल हुए. आवेदकों के अनुसार, बैठक में वर्तमान समय और सामाजिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए बलि प्रथा बंद करने तथा वैष्णवी पूजा पद्धति अपनाने पर सर्वसम्मति से सहमति बनी.
विवाद रोकने की अपील
समिति की ओर से इसे सामाजिक एवं धार्मिक सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय बताया गया है. आवेदन के माध्यम से अधिकारियों को निर्णय की जानकारी देते हुए आग्रह किया गया है कि आगामी दुर्गा पूजा के दौरान मंदिर परिसर में बलि प्रदान पर रोक को लेकर किसी प्रकार का विवाद अथवा व्यवधान उत्पन्न न हो, इसके लिए प्रशासन आवश्यक सहयोग करे.
इस बार वैष्णवी पद्धति से पूजा
समिति की ओर से स्पष्ट किया गया है कि मंदिर में दुर्गा पूजा की परंपरा में बदलाव करते हुए इस बार से बलि प्रथा के बजाय वैष्णवी पद्धति से पूजा संपन्न कराने के निर्णय का अनुपालन कराना सामूहिक जिम्मेवारी है.
आपके शहर में
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए