अवैध कमाई का अंजाम तय, ईडी-सीबीआई एक दिन हिसाब लेती है : जयराम महतो

Updated:
विज्ञापन

जयराम महतो की फाइल फोटो

WhatsApp चैनल से जुड़ेंगूगल पर प्रभात खबर चुनें

डुमरी विधायक जयराम महतो ने अवैध कोयला कारोबार पर सरकार और प्रशासन को घेरा. उन्होंने कहा कि गलत तरीके से अर्जित संपत्ति पर जांच एजेंसियों की कार्रवाई जायज है और ऐसे लोगों का अंत तय है. महतो ने 77 रैयतों की जमीन पर अवैध खनन का मुद्दा भी उठाया.

विज्ञापन

संजीव झा की रिपोर्ट

विज्ञापन

न्यायालय से जुड़े एक मामले की सुनवाई में शामिल होने शुक्रवार को धनबाद कोर्ट पहुंचे डुमरी विधायक जयराम महतो ने धनबाद में हाल के दिनों में हुई प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई और अवैध कोयला कारोबार को लेकर सरकार व प्रशासन पर तीखा हमला बोला. मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि अवैध तरीके से अर्जित संपत्ति पर जांच एजेंसियों की कार्रवाई पूरी तरह जायज है. जो लोग गलत तरीके से अकूत संपत्ति बनाते हैं, उनके खिलाफ कानून का सख्ती से लागू होना जरूरी है. उन्होंने कहा कि धनबाद में अवैध कोयले का कारोबार इतने बड़े पैमाने पर हो रहा है कि उसका आर्थिक आकार झारखंड के 24 जिलों के कुल बजट से भी अधिक है. ऐसे राज्य में जिसे आज भी कई विकास सूचकांकों पर पिछड़ा माना जाता है, वहां से करोड़ों और अरबों रुपये की अवैध संपत्ति का मिलना सरकार और जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़ा करता है. उन्होंने कहा कि यह केवल किसी एक व्यक्ति का मामला नहीं, बल्कि पूरे तंत्र की विफलता का संकेत है.

गलत तरीके से धन अर्जित करने वालों का अंत तय

जयराम महतो ने कहा कि धन का भी अपना चरित्र होता है. पहला चरित्र है उसका सदुपयोग, जिससे समाज और जरूरतमंदों का भला हो. दूसरा चरित्र है दान, क्योंकि आज भी राज्य में लाखों लोग गरीबी और अभाव में जीवन जी रहे हैं. यदि किसी के पास अधिक संपत्ति है तो उसका उपयोग समाज के हित में होना चाहिए. लेकिन जब धन अवैध तरीके से कमाया जाता है तो उसका तीसरा और अंतिम चरित्र नष्ट होना है. उन्होंने कहा कि इडी, सीबीआइ और अन्य जांच एजेंसियां अंततः ऐसे अवैध धन को जब्त कर उसे समाप्त कर देती हैं. इसलिए गलत तरीके से संपत्ति अर्जित करने वालों का अंत तय है.

77 रैयतो की जमीन पर कब्जा कर हुआ उत्खनन

विधायक ने विधानसभा के निर्देश पर गठित समिति द्वारा अवैध खनन की जांच का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने कहा कि प्रशासनिक जांच में यह सामने आ चुका है कि 77 रैयतों की जमीन पर अवैध तरीके से कब्जा कर कोयला उत्खनन किया गया. कई रैयतों की जमीन पूरी तरह बर्बाद हो गई और उनकी आजीविका पर संकट खड़ा हो गया. इसके बावजूद अब तक दोषियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं होना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है. उन्होंने कहा कि जब जांच रिपोर्ट में तथ्य स्पष्ट हैं तो प्रशासन को बिना किसी दबाव के दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए. प्रभावित रैयतों को न्याय, उचित मुआवजा और उनकी जमीन की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है. उन्होंने कहा कि अवैध खनन और अवैध संपत्ति के खिलाफ केवल छापेमारी ही नहीं, बल्कि दोषियों को सजा दिलाने की दिशा में भी प्रभावी कार्रवाई होनी चाहिए. तभी लोगों का कानून और प्रशासन पर विश्वास मजबूत होगा.


आपके शहर में

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola