जयराम महतो की अग्रिम जमानत पर फैसला टला, 10 सितंबर को होगी अगली सुनवाई; कोर्ट ने मांगी केस डायरी

Updated:
विज्ञापन

डुमरी विधायक जयराम महतो

धनबाद एमपी-एमएलए कोर्ट ने विधायक जयराम महतो की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई टाल दी है. अब अगली सुनवाई 10 सितंबर को होगी. केस डायरी तलब की गई है.

विज्ञापन

धनबाद. डुमरी विधायक जयराम महतो समेत अन्य आरोपियों की अग्रिम जमानत अर्जी पर मंगलवार को एमपी-एमएलए न्यायालय में सुनवाई हुई. विशेष न्यायाधीश दुर्गेश चंद्र अवस्थी की अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद पुलिस से केस डायरी प्रस्तुत करने का निर्देश दिया. मामले की अगली सुनवाई अब 10 सितंबर 2026 को होगी.

आपके शहर में

विज्ञापन

चार आरोपियों ने दाखिल की अग्रिम जमानत अर्जी

अग्रिम जमानत की अर्जी विधायक जयराम महतो, सुशील मंडल, महेंद्र साव और राजकुमार मंडल की ओर से दाखिल की गयी है. बचाव पक्ष के अधिवक्ता शाहनवाज ने अदालत में आरोपियों की ओर से पक्ष रखते हुए पीड़क कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की.

बरवाअड्डा थाना में समर्थकों के साथ थाना पहुंचे थे जयराम महतो
बरवाअड्डा थाना में समर्थकों के साथ थाना पहुंचे थे जयराम महतो

वहीं, अपर लोक अभियोजक सत्येंद्र कुमार राय ने बचाव पक्ष की मांग का विरोध किया. उन्होंने पुलिस से मामले की केस डायरी मंगाने का आग्रह किया. दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने केस डायरी तलब करते हुए अगली सुनवाई के लिए 10 सितंबर की तारीख तय की.

22 अगस्त को दर्ज हुई थी प्राथमिकी

मामले में बरवाअड्डा थाना प्रभारी रवि कुमार के बयान पर 22 अगस्त 2026 को बरवाअड्डा थाना कांड संख्या 146/26 दर्ज की गयी थी. प्राथमिकी में जयराम महतो के अलावा सुशील मंडल, दिलीप चौधरी, राजकुमार मंडल, जितेंद्र हजारी, अजय दास, गोलक कुमार महतो, महेंद्र साव, रंजीत कुमार साव, राजेश महतो और त्रिपुरारी पांडेय समेत अन्य समर्थकों को आरोपी बनाया गया है.

गणेश दास की गिरफ्तारी की सूचना पर थाना पहुंचे थे विधायक

प्राथमिकी के अनुसार, गणेश दास को एक मामले में गिरफ्तार कर बरवाअड्डा थाना की हाजत में रखा गया था. इसकी जानकारी मिलने के बाद विधायक जयराम महतो करीब 40 से 50 समर्थकों के साथ थाना पहुंचे थे.

ये भी पढ़ें: पुलिस एसोसिएशन से विवाद के बीच बोले जयराम, "मेरी लड़ाई किसी पुलिसकर्मी से नहीं, भ्रष्ट सिस्टम के खिलाफ है; मैं न झुकूंगा न रुकूंगा"

पुलिस की प्राथमिकी में आरोप लगाया गया है कि विधायक ने पुलिस पदाधिकारियों के साथ अभद्र व्यवहार किया और समर्थकों से गणेश दास को हाजत से बाहर निकालने को कहा.

सरकारी काम में बाधा डालने का आरोप

पुलिस के अनुसार, समर्थकों को हाजत की ओर जाने से रोकने के दौरान थाना प्रभारी के साथ धक्का-मुक्की हुई. प्राथमिकी में आरोप है कि इसी दौरान दिलीप चौधरी ने थाना प्रभारी की मेज पर मुक्का मारकर वहां रखा पदनाम बोर्ड तोड़ दिया.

मामले में थाना परिसर में हंगामा करने, गाली-गलौज करने और पुलिसकर्मियों के सरकारी काम में बाधा डालने समेत अन्य आरोप लगाये गये हैं. अब अदालत में अगली सुनवाई के दौरान पुलिस की केस डायरी पेश किये जाने के बाद मामले में आगे की कार्रवाई होगी.

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola