मेडिकल बिल में छोटी सी गलती और क्लेम रिजेक्ट, कोल इंडिया के रिटायर्ड कर्मचारी रखें ये सावधानी
कोल इंडिया लिमिटेड
कोल इंडिया के रिटायर्ड कर्मचारियों के मेडिकल क्लेम छोटी गलतियों के कारण रिजेक्ट हो रहे हैं। जानें किन बातों का रखें ध्यान ताकि आपका क्लेम न हो वापस।
मेडिकल बिल में छोटी-सी कमी भी रिटायर्ड कर्मचारियों के लिए परेशानी का कारण बन रही है. कोल इंडिया मुख्यालय ने सेवानिवृत्त कर्मचारियों व उनके पति-पत्नी के मेडिकल बिलों को लेकर जरूरी सूचना जारी की है. इसमें बताया गया कि सीपीआरएमएसइ और सीपीआरएमएस-एनइ के तहत जमा होने वाले मेडिकल क्लेम कई कारणों से वापस किये जा रहे है.
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कंपनी के अनुसार दावा फॉर्म नहीं लगाना, फॉर्म पर सेवानिवृत्त कर्मचारी के हस्ताक्षर नहीं होना, मूल बिल की जगह फोटो कॉपी देना और अस्पताल के फाइनल बिल का पूरा ब्योरा नहीं देना प्रमुख कारण है. दवा या इंजेक्शन की मूल रसीद नहीं लगाने पर भी बिल लौटाया जा रहा है.
इसके अलावा छह महीने से पुराने बिल, अस्पताल का डिस्चार्ज प्रमाणपत्र नहीं लगाना और सीपीआरएमएसइ कार्ड की स्वप्रमाणित प्रति नहीं देना भी क्लेम में परेशानी का कारण बन रहा है. ओपीडी में चालू वित्तीय वर्ष की 25 हजार रुपये की सीमा से अधिक दावा भी स्वीकार नहीं किया जायेगा. कोल इंडिया ने कहा है कि बतायी गयी कमियों को दूर करने के बाद मेडिकल क्लेम दोबारा जमा करने को कहा है.
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