मुनिया की मौत, कई घायल, अनफिट वैन पर उठे सवाल; मासूम की मौत का कौन देगा जवाब ?

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वाहन का ऑन लाइन कागजात | Prabhat Khabar Network

सारठ में स्कूल वैन और पिकअप की टक्कर में एक मासूम की मौत, कई बच्चे गंभीर रूप से घायल. अनफिट वैन के इस्तेमाल पर सवाल उठ रहे हैं.

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सारठ : सड़क हादसे में एक मासूम मुनियां की मौत हो गयी, जबकि कई बच्चे गंभीर रूप से घायल हैं. हादसे में स्कूल वैन के परखच्चे उड़ गये और उसका अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया.

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हादसा के बाद वाहन का अगला हिस्सा परखच्चे उड़ा व 28 अगस्त 26 को छपी खबर | Prabhat Khabar Network
हादसा के बाद वाहन का अगला हिस्सा परखच्चे उड़ा व 28 अगस्त 26 को छपी खबर | Prabhat Khabar Network

पिकअप वाहन से हुई जोरदार टक्कर

जानकारी के अनुसार, मंगलवार को एमडी एकेडमी विद्यालय से बच्चों को लेकर स्कूल वैन जा रही थी. इसी दौरान पिकअप वाहन से उसकी जोरदार टक्कर हो गयी. हादसे में एक मासूम की मौत हो गयी, जबकि कई बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गये.

बताया गया कि गरीबों के एक मसीहा ने स्कूल प्रबंधन और वाहन मालिक से 50 हजार और 30 हजार रुपये दबाव डालकर इलाज के लिए जमा करवाये. सवाल उठ रहा है कि क्या इससे स्कूल प्रबंधन और वाहन मालिक की लापरवाही एवं नियम विरुद्ध अनफिट वाहन चलवाने के मामले को दबा दिया जायेगा.

हादसा के बाद वाहन का अगला हिस्सा परखच्चे उड़ा व 28 अगस्त 26 को छपी खबर | Prabhat Khabar Network
हादसा के बाद वाहन का अगला हिस्सा परखच्चे उड़ा व 28 अगस्त 26 को छपी खबर | Prabhat Khabar Network

बड़ा सवाल : अनफिट वैन को कौन चला रहा था

जेएच 15 इ-1466 नंबर की स्कूल वैन के कागजात सही नहीं होने की बात कही गयी है. आरोप है कि वैन का फिटनेस सर्टिफिकेट अपडेट नहीं था और परमिट व इंश्योरेंस भी नहीं था. इसके बावजूद स्कूल प्रबंधन द्वारा बच्चों की जान जोखिम में डालकर यह अनफिट वाहन रोज चलाया जा रहा था.

मोटर वाहन अधिनियम के अनुसार स्कूल वैन के लिए फिटनेस, परमिट, पीयूसी और इंश्योरेंस अनिवार्य है. 12 साल से पुरानी डीजल वैन स्कूली बच्चों के लिए नहीं चलायी जा सकती. स्कूल वैन में स्पीड गवर्नर, सीसीटीवी और महिला अटेंडेंट होना जरूरी है. आरोप है कि सिर्फ एमडी एकेडमी ही नहीं, बल्कि अन्य स्कूलों में भी नियमों का पालन नहीं हो रहा है.

स्कूल प्रबंधन की लापरवाही पर जनप्रतिनिधियों की चुप्पी क्यों

सारठ में घटना के बाद कई जनप्रतिनिधि और अन्य लोग घटनास्थल व निजी क्लिनिक पहुंचकर घायलों का हाल लिया. विधायक चुन्ना सिंह, पूर्व स्पीकर शशांक शेखर भोक्ता, पूर्व कृषि मंत्री रंधीर सिंह, झामुमो नेता परिमल सिंह, समाजसेवी अशोक राय और विधायक प्रतिनिधि राहुल सिंह ने घटना पर दुख जताया.

हालांकि, खबर के अनुसार किसी भी जनप्रतिनिधि ने स्कूल प्रबंधन पर कोई टिप्पणी नहीं की. जबकि 28 अगस्त को प्रभात खबर में इस समस्या को प्रमुखता से प्रकाशित किया गया था.

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