खनिज अधिकार से लेकर जल-जंगल-जमीन तक, सारठ में MMDR के खिलाफ गरजे चुन्ना सिंह

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धरना प्रदर्शन के दौरान ज्ञापन सौंपते विधायक चुन्ना सिंह. | Prabhat Khabar Network

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सारठ में MMDR संशोधन के खिलाफ विधायक चुन्ना सिंह के नेतृत्व में धरना हुआ. राष्ट्रपति के नाम BDO को ज्ञापन सौंपकर राज्य के खनिज अधिकार, वित्तीय स्वायत्तता और स्थानीय हितों का मुद्दा उठाया गया.

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प्रतिनिधि, सारठ: खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन अधिनियम, 2026 को लेकर शनिवार को सारठ प्रखंड मुख्यालय में धरना-प्रदर्शन किया गया. विधायक उदय शंकर सिंह उर्फ चुन्ना सिंह के नेतृत्व में आयोजित प्रदर्शन के दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गयी और खनिज संपदा से जुड़े प्रावधानों पर पुनर्विचार की मांग उठायी गयी. कार्यक्रम के बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के नाम ज्ञापन सारठ के बीडीओ चंदन कुमार सिंह को सौंपा गया.

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MMDR संशोधन कानून 2026 में खनिज-असर वाली भूमि के नियमन में केंद्र की भूमिका बढ़ाने और राज्यों द्वारा खनिज अधिकारों तथा खनिज-असर वाली भूमि पर कुछ कर, सेस या अन्य लेवी लगाने पर केंद्र द्वारा निर्धारित शर्तों के अधीन करने जैसे प्रावधान शामिल हैं.

चुन्ना सिंह बोले - राज्य और स्थानीय लोगों के हितों का ध्यान जरूरी

धरना को संबोधित करते हुए विधायक चुन्ना सिंह ने कहा कि झारखंड की पहचान जल, जंगल, जमीन, पहाड़, नदियों और खनिज संपदा से जुड़ी है. उन्होंने कहा कि राज्य की खनिज संपदा पर राज्य और यहां के लोगों के हितों का ध्यान रखा जाना चाहिए.

उन्होंने केंद्र सरकार के खिलाफ तीखी राजनीतिक टिप्पणी भी की और कहा कि खनिज अधिकारों से जुड़े प्रावधानों पर राज्य के हितों को ध्यान में रखते हुए पुनर्विचार होना चाहिए.

आदिवासी-मूलवासी हित और विस्थापन का मुद्दा उठा

विधायक ने कहा कि आदिवासी और मूलवासी समाज के लिए प्राकृतिक संसाधन केवल आर्थिक संसाधन नहीं हैं, बल्कि उनकी संस्कृति, पहचान और जीवन का आधार भी हैं.

उन्होंने लंबे समय से खनन के कारण विस्थापन, भूमि से वंचित होने, पर्यावरण प्रदूषण और पारंपरिक आजीविका प्रभावित होने जैसे मुद्दों का उल्लेख करते हुए कहा कि खनिज संपदा से मिलने वाले आर्थिक लाभ में राज्य और खनन प्रभावित लोगों की सार्थक भागीदारी सुनिश्चित की जानी चाहिए.

राष्ट्रपति के नाम सौंपा गया ज्ञापन

धरना के बाद प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के नाम ज्ञापन सारठ के बीडीओ चंदन कुमार सिंह को सौंपा. ज्ञापन में खनिज राजस्व और राज्य के अधिकारों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया.

ज्ञापन में संवैधानिक एवं संघीय अधिकारों की रक्षा, केंद्र-राज्य वित्तीय संबंध, खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास और स्थानीय लोगों के अधिकारों की सुरक्षा की मांग की गयी.

काला कानून के खिलाफ झामुमो का धरना प्रदर्शन को संबोधित करते विधायक चुन्ना सिंह | Prabhat Khabar Network
धरना प्रदर्शन को संबोधित करते विधायक चुन्ना सिंह. | Prabhat Khabar Network

विस्थापित परिवारों और पर्यावरण संरक्षण पर जोर

ज्ञापन में विस्थापित परिवारों के हितों की रक्षा और पर्यावरण संरक्षण की मांग भी की गयी. इसके अलावा खनन क्षेत्रों में स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और स्थानीय स्तर पर मूल्यवर्धन को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया.

धरना में यह मांग भी रखी गयी कि झारखंड को केवल खनिज उपलब्ध कराने वाले राज्य के तौर पर नहीं, बल्कि खनिज आधारित विकास में सहभागी राज्य के रूप में देखा जाए.

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बड़ी संख्या में समर्थक रहे मौजूद

धरना को लखेश्वर मुर्मू, इस्तियाक मिर्जा, अनिल सिंह और पवन कुमार दास ने भी संबोधित किया. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समर्थक और कार्यकर्ता मौजूद रहे.

एक नजर में

  • सारठ प्रखंड मुख्यालय में MMDR संशोधन के खिलाफ धरना.
  • विधायक उदय शंकर सिंह उर्फ चुन्ना सिंह ने किया नेतृत्व.
  • राष्ट्रपति के नाम BDO को सौंपा गया ज्ञापन.
  • राज्य की वित्तीय स्वायत्तता और खनिज अधिकारों का मुद्दा उठा.
  • आदिवासी-मूलवासी हित और विस्थापन पर जोर.
  • खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास और पर्यावरण संरक्षण की मांग.
  • स्थानीय रोजगार और खनिज आधारित विकास में हिस्सेदारी की मांग.

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