सीजीएल परीक्षा घोटाले में सीआइडी की बड़ी कार्रवाई, देवघर से दुमका पशुपालन विभाग का लिपिक गिरफ्तार

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लिपिक सुधाकर एवं मोहनपुर थाना में खड़ी सीआईडी रांची की छापेमारी टीम की गाड़ी । Prabhat Khabar Network

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झारखंड CGL परीक्षा घोटाले में CID ने देवघर में बड़ी कार्रवाई करते हुए पशुपालन विभाग के लिपिक सुधाकर कुमार को गिरफ्तार किया है. उन पर परीक्षा पेपर लीक करने और नौकरी सेटिंग के गंभीर आरोप हैं. जांच में कई प्रतियोगी परीक्षाओं तक तार पहुंचने की आशंका है.

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आशीष/श्रवण की रिपोर्ट

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देवघर/मोहनपुर : सीजीएल परीक्षा में गड़बड़ी कर अभ्यर्थियों को पास कराने के मामले में झारखंड सीआइडी ने देवघर में बड़ी कार्रवाई की है. सीआइडी की पांच सदस्यीय टीम ने देवघर पुलिस के सहयोग से रिखिया थाना क्षेत्र के बंधा बैजनाथपुर में छापेमारी कर पशुपालन विभाग के लिपिक सुधाकर कुमार को गिरफ्तार किया. गिरफ्तारी के बाद सीआइडी टीम उसे ट्रांजिट रिमांड पर रांची ले गयी. वहां उससे पूछताछ की जायेगी. छापेमारी के दौरान सुधाकर के पास से दर्जनों चेकबुक, कई लोगों के महत्वपूर्ण कागजात, रुपये समेत अन्य सामान बरामद किये गये हैं. सीआइडी अब जब्त चेकबुक व दस्तावेजों की पड़ताल कर यह पता लगाने में जुटी है कि ये किसके हैं और इनका इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जाता था.

पेपर उपलब्ध कराने से लेकर नौकरी की सेटिंग तक का आरोप

सूत्रों के अनुसार, सुधाकर का संपर्क परीक्षा में गड़बड़ी कर अभ्यर्थियों को पास कराने वाले गिरोह से था. आरोप है कि किसी स्रोत से उसके पास परीक्षा का पेपर आता था, जिसे वह सेटिंग के जरिये परीक्षा पास कराने वाले अभ्यर्थियों को उपलब्ध कराता था. अभ्यर्थियों को पेपर रटवाने के बाद परीक्षा पास कराने और नौकरी लगवाने की सेटिंग की जाती थी. कुछ अभ्यर्थियों से परीक्षा पास कराने के नाम पर 15-15 लाख रुपये लिये जाने का भी आरोप है. इनमें कुछ ऐसे अभ्यर्थी हैं, जिनकी नौकरी नहीं लगी. वहीं, सूत्रों के अनुसार, उसके माध्यम से कुछ अभ्यर्थियों ने परीक्षा पास कर सरकारी नौकरी में योगदान भी दिया है.

रांची से दुमका तबादला, देवघर में बना लिया ठिकाना

सुधाकर मूल रूप से बिहार के बांका जिले के जयपुर थाना क्षेत्र के जयपुर गांव का रहने वाला है. वर्ष 2018 में पशुपालन विभाग में लिपिक के पद पर बहाल हुआ था. करीब पांच वर्षों तक कोडरमा में सेवा देने के बाद उसका तबादला रांची हुआ. सूत्रों के अनुसार, रांची में परीक्षा सेटिंग से जुड़े लोगों की गिरफ्तारी बढ़ने के बाद करीब 10 दिन पूर्व उसने अपना तबादला दुमका करा लिया था. दुमका में योगदान देने के बाद उसने देवघर के बंधा बैजनाथपुर में किराये का कमरा ले लिया. करीब दो दिन पूर्व देवघर पुलिस को सीआइडी से सुधाकर के संबंध में इनपुट मिला. इसके बाद उसकी तलाश शुरू हुई. देवघर पुलिस के इनपुट पर सीआइडी रांची की टीम देवघर पहुंची और मोहनपुर, रिखिया व कुंडा थाना की पुलिस के सहयोग से छापेमारी कर उसे गिरफ्तार कर लिया.

कई प्रतियोगी परीक्षाओं तक पहुंच सकती है जांच

सूत्रों के अनुसार, पूछताछ में सुधाकर के माध्यम से हाइकोर्ट, जेपीएससी, फोरेस्ट सर्विस, सीजीएल समेत कई प्रतियोगी परीक्षाओं में अभ्यर्थियों को पास कराने की बात सामने आयी है. सूत्रों का दावा है कि सुधाकर ने पूछताछ में खुद को इस पूरे नेटवर्क का छोटा प्यादा बताया है. उसके अनुसार, गहन जांच होने पर गलत तरीके से बहाल करीब 1400 लोगों तक मामला पहुंच सकता है. सीजीएल में गड़बड़ी से जुड़े मामले की जांच के दौरान ही सीआइडी के सामने सुधाकर का नाम आया था. इसके बाद उसकी गतिविधियों की जानकारी जुटायी गयी और कार्रवाई की गयी. अब रांची में पूछताछ के दौरान परीक्षा सेटिंग के इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका और पैसे के लेन-देन से संबंधित कई अहम जानकारी सामने आने की संभावना है. कार्रवाई में मोहनपुर थाना प्रभारी संदीप कृष्णा, रिखिया थाना प्रभारी प्रभात कुमार, कुंडा थाना प्रभारी प्रशांत कुमार समेत सशस्त्र पुलिस बल के जवान शामिल थे.

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