पोषाहार का बजट अटका, बच्चों की थाली में सिर्फ सूजी का हलवा

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सुजी का हलवा खाते बच्चे | Prabhat Khabar Network

मधुपुर के 212 आंगनबाड़ी केंद्रों में 6 माह से पोषाहार राशि नहीं मिली. उधार पर चल रहे केंद्रों में बच्चों को सूजी का हलवा परोसने की मजबूरी. अभिभावकों में रोष.

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छह माह से पोषाहार की राशि नहीं मिली, 212 आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों की थाली प्रभावित

मधुपुर : प्रखंड एवं शहरी क्षेत्र के 212 आंगनबाड़ी केंद्रों में पिछले छह माह से पोषाहार की राशि नहीं मिलने से बच्चों की पोषण व्यवस्था प्रभावित हो रही है. राशि के अभाव में केंद्रों पर बच्चों को खाने के लिए सूजी का हलवा परोसा जा रहा है. प्रखंड क्षेत्र के 172 और शहरी क्षेत्र के 40 केंद्रों में राशि नहीं मिलने से निर्धारित मेन्यू के अनुसार पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने में परेशानी हो रही है.

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उधार लेकर चला रही थीं केंद्र

सेविकाओं के अनुसार अब तक दुकानदारों से उधार लेकर पोषाहार की व्यवस्था की जा रही थी, लेकिन राशि नहीं आने के कारण दुकानदारों ने भी उधार देना बंद कर दिया है. दाल-चावल, हरी सब्जियां, अंडा, फल सहित अन्य पौष्टिक खाद्य सामग्री की व्यवस्था करना मुश्किल हो गया है.

बच्चों की उपस्थिति भी घटी

पोषाहार की व्यवस्था प्रभावित होने के कारण आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों की उपस्थिति भी कम हो गयी है. सेविकाओं ने कहा कि जल्द राशि उपलब्ध नहीं करायी गयी तो केंद्रों का संचालन करना मुश्किल हो जायेगा.

अभिभावकों ने मांगी बकाया राशि

बच्चों को नियमित और संतुलित पोषण नहीं मिलने को लेकर अभिभावकों में भी रोष है. उनका कहना है कि आंगनबाड़ी केंद्र बच्चों के पोषण और प्रारंभिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. अभिभावकों ने संबंधित विभाग से अविलंब बकाया राशि आवंटित करने की मांग की है, ताकि बच्चों को निर्धारित मानकों के अनुसार पौष्टिक भोजन मिल सके.


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