Coal India के 64,511 क्वार्टरों पर कब्जा, अकेले CCL के 17,498 आवास घेरे में, बरका-सयाल में सबसे बुरा हाल
कोल इंडिया लिमिटेड
कोल इंडिया की अनुषंगी कंपनियों के 64 हजार से अधिक आवासों पर अवैध कब्जा है. प्रबंधन ने अब इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए एक्शन प्लान तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिसमें डिजिटल डेटाबेस बनाना भी शामिल है.
Coal India News. कोल इंडिया की अनुषंगी कंपनियों के 64 हजार से अधिक आवासों पर अवैध कब्जा है. इनमें बाहरी लोगों के साथ सेवानिवृत्त और कंपनी से अलग हो चुके कर्मचारियों का भी कब्जा है. अब प्रबंधन ने इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए एक्शन प्लान तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. कोल इंडिया की सभी कंपनियों के पास करीब 2.50 लाख आवास हैं. इनमें 85,630 आवास मानक और रहने योग्य हैं, जिनमें कर्मचारी रह रहे हैं. करीब 19,585 आवासों पर सेवानिवृत्त या सेवारत कर्मचारियों का कब्जा है, जबकि करीब 64,511 आवास बाहरी लोगों के कब्जे में हैं.
CCL के 17,498 आवासों पर बाहरी लोगों का कब्जा
सीसीएल में कुल 59,972 आवास चिह्नित किए गए हैं. इनमें 49,253 आवास रहने योग्य पाए गए हैं. वहीं 10,616 आवास जर्जर घोषित किए गए हैं. सीसीएल के 17,498 आवासों पर बाहरी लोगों का कब्जा है, जबकि 3,717 क्वार्टर सेवानिवृत्त या कंपनी से अलग हो चुके कर्मचारियों के कब्जे में हैं. इसके अलावा 628 क्वार्टर सरप्लस हैं. बरका-सयाल क्षेत्र में स्थिति ज्यादा गंभीर है. यहां कुल 13,258 आवासों में से 5,043 पर अवैध कब्जा मिला है. रजरप्पा क्षेत्र में भी 449 क्वार्टर बाहरी लोगों और सेवानिवृत्त कर्मचारियों के कब्जे में हैं.
प्रशासन के सहयोग से खाली कराये जाएंगे
प्रबंधन ने अवैध कब्जे वाले आवासों को प्रशासनके सहयोग से खाली कराने की तैयारी शुरू की है. वहीं लंबे समय से काम कर रहे ठेका कर्मचारियों और सेवानिवृत्त कर्मचारियों को कुछ क्वार्टर लीज लाइसेंस पर देने की संभावना भी तलाशी जा रही है. इसके लिए कानूनी राय और कोयला मंत्रालय के दिशा-निर्देश लिए जाएंगे.
ये भी पढ़ें: Karma Puja School Holiday 2026: झारखंड में करमा पूजा पर किस दिन स्कूल रहेंगे बंद? यहां देखें छुट्टी की अपडेट
बनेगा आवासों का डिजिटल डेटाबेस
कोल इंडिया ने इस मामले में निर्णय लेने के लिए मजदूर प्रतिनिधियों की एक कमेटी बनाई है. कमेटी अवैध कब्जे वाले आवासों को लेकर निर्णय और अनुशंसा करेगी. सभी अनुषंगी कंपनियों के आवासों का डिजिटल डेटाबेस तैयार किया जाएगा. जो क्वार्टर रहने योग्य नहीं हैं या असुरक्षित हो चुके हैं, उन्हें ध्वस्त कर वहां आधुनिक सुविधाओं वाले नए आवास बनाए जाएंगे. कोल इंडिया प्रबंधन और यूनियन प्रतिनिधि मिलकर इसके लिए ठोस एक्शन प्लान तैयार कर रहे हैं.
अलग-अलग कंपनियों में आवासों की स्थिति
| कंपनी | कुल आवास | अमानक आवास | बाहरी लोगों का कब्जा | कर्मियों का कब्जा |
| ईसीएल | 37,798 | 29,282 | 1,465 | 14,296 |
| बीसीसीएल | 44,800 | 16,294 | 18,188 | 5,685 |
| सीसीएल | 59,972 | 10,616 | 17,498 | 3,717 |
| डब्ल्यूसीएल | 16,902 | 278 | 507 | 140 |
| एमसीएल | 34,074 | 9,790 | 4,321 | 6,195 |
| एनसीएल | 14,974 | 1,195 | 1,384 | 287 |
| एसईसीएल | 59,428 | 8,039 | 5,035 | 4,530 |
आपके शहर में
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए