मॉर्निंग वॉकर के लिए बंद है जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम, 18 अक्तूबर तक निषेधाज्ञा लागू, जानें वजह

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आंदोलन खत्म होने के बाद भी स्टेडियम में एंट्री बंद

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रांची का जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम छात्रों के आंदोलन के बाद अब 18 अक्टूबर तक निषेधाज्ञा के कारण बंद है. मॉर्निंग वॉकर और आम नागरिकों का प्रवेश वर्जित है. प्रशासन ने विधि-व्यवस्था का हवाला दिया है.

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Jaipal Singh Munda Stadium: जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में कभी सुबह होते ही लोगों की चहल-पहल शुरू हो जाती थी. मॉर्निंग वॉकर यहां पहुंचकर सैर करते थे, लेकिन पिछले 25 जुलाई 2026 से स्टेडियम में आम लोगों और मॉर्निंग वॉकर की आवाजाही बंद है. पहले जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में गड़बड़ी के खिलाफ छात्रों के आंदोलन के कारण स्टेडियम बंद रहा और अब जिला प्रशासन की ओर से 60 दिनों के लिए लगाई गयी निषेधाज्ञा (धारा 163) के कारण मॉर्निंग वॉकर यहां नहीं आ पा रहे हैं.

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प्रशासन ने निषेधाज्ञा के पीछे विधि-व्यवस्था, जन-सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को वजह बताया है. वहीं, लोगों का कहना है कि खुले मैदान में सैर करने पर रोक नहीं होनी चाहिए. छात्रों के आंदोलन को 25 जुलाई की शाम मोरहाबादी से जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में शिफ्ट किया गया था. 26 दिनों तक चले आंदोलन के बाद 20 अगस्त को यह समाप्त हुआ. इसके दो दिन बाद जिला प्रशासन ने जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में निषेधाज्ञा लागू करने का आदेश जारी कर दिया. इसकी अवधि 18 अक्तूबर को पूरी होगी.

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आंदोलन खत्म, लेकिन स्टेडियम अब भी बंद

छात्रों का आंदोलन समाप्त होने के बाद लोगों को उम्मीद थी कि स्टेडियम फिर से आम लोगों के लिए खुल जाएगा. लेकिन निषेधाज्ञा लागू होने के कारण ऐसा नहीं हो सका. फिलहाल मॉर्निंग वॉकर को स्टेडियम में प्रवेश की अनुमति नहीं है. प्रशासन का कहना है कि निषेधाज्ञा की अवधि समाप्त होने के बाद स्थिति की समीक्षा की जाएगी.

प्रशासन ने आदेश में क्या दी थी दलील

जिला प्रशासन की ओर से जारी आदेश में कहा गया था कि विभिन्न स्थानों पर धरना-प्रदर्शन, घेराव, जुलूस, रैली और आमसभा का आयोजन किया जा रहा है. कई बार इन कार्यक्रमों की पूर्व सूचना प्रशासन को नहीं दी जाती है. ऐसे आयोजनों से विधि-व्यवस्था और जन-सुरक्षा के साथ यातायात भी प्रभावित होता है. इससे आम नागरिकों को आवागमन में परेशानी होती है.

आदेश में यह भी कहा गया था कि उच्चतम न्यायालय ने शांतिपूर्ण धरना और विरोध-प्रदर्शन को नागरिकों का संवैधानिक अधिकार माना है. हालांकि, इसका प्रयोग सार्वजनिक व्यवस्था, जन-सुरक्षा, यातायात और अन्य नागरिकों के अधिकारों को ध्यान में रखते हुए कानून और सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी वैध निर्देशों के अधीन होना चाहिए.

धरना-प्रदर्शन के लिए कुटे मैदान चिन्हित

उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने कहा कि विधि-व्यवस्था को देखते हुए नये विधानसभा के पास स्थित कुटे मैदान को धरना-प्रदर्शन के लिए चिन्हित किया गया है. जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में निर्माण कार्य चल रहा है और यहां पहले से निषेधाज्ञा लागू है. इसलिए इसकी समीक्षा एसडीओ और पुलिस पदाधिकारियों द्वारा की जाएगी.

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क्या कहते हैं एसडीओ कुमार रजत ?

सवाल- जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम और उसके आसपास निषेधाज्ञा क्यों लागू की गयी?

जवाब- विधि-व्यवस्था और जन-सुरक्षा के साथ यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए निषेधाज्ञा लागू की गयी है.

सवाल- स्टेडियम में मॉर्निंग वॉकर टहला करते थे, इस आदेश से वे वंचित क्यों कर दिये गये हैं?

जवाब- नगर निगम द्वारा स्टेडियम का निर्माण कराया जा रहा है. इसलिए स्टेडियम को बंद किया गया है.

सवाल- निषेधाज्ञा की अवधि खत्म होने के बाद क्या आम लोगों और मॉर्निंग वॉकर को अनुमति मिलेगी?

जवाब- निषेधाज्ञा की समय सीमा खत्म होने के बाद जिला प्रशासन के अधिकारी इसकी समीक्षा करेंगे.

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