बरामदा में बैठकर पढ़ाई करते हैं बच्चे

Updated:
विज्ञापन

सरकार शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए तरह-तरह के योजना चलाकर विद्यालय व बच्चों की विकास कर रही है.

विज्ञापन

फोटो 26सीएच 3:- उत्क्रमित मध्य विद्यालय गोमे प्रतापपुर. सरकार शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए तरह-तरह के योजना चलाकर विद्यालय व बच्चों की विकास कर रही है. लेकिन प्रखंड के कई ऐसे विद्यालय हैं, जहां बच्चों को बैठने के लिए समुचित भवन नहीं है. शिक्षक मजबूरी में विद्यालय के बरामदा तो कैंपस में बैठकर पढ़ा रहे है. कुछ ऐसे की मामला प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय गोमे की है. जहां भवन के अभाव में बच्चों को बरामदा में बैठाया जा रहा है. इतना ही नहीं, बल्कि एक ही कक्षा में कई क्लास के बच्चे को बैठाया जाता है. जिससे बच्चों को पढ़ाई करने में काफी परेशानी हो रही है. विद्यालय में 281 बच्चे व चार सहायक शिक्षक हैं. इस संबंध में विद्यालय के प्रधानाध्यापक अवध ठाकुर ने बताया की भवन की काफी अभाव है. भवन के अभाव में बच्चों को बैठाने में काफी परेशानी हो रही है. बच्चे ठीक से बैठ नहीं पाते है. बरामदा में ठीक से टेबल-बेंच नहीं लग पाता है. जिससे बच्चों को पढ़ाने में काफी दिक्कत होती है. यहां तक कि शिक्षकों को आने-जाने व पढ़ाने में भी दिक्कत हो रही है. भवन में अभाव में विद्यालय का अधिकांश सामग्री इधर-उधर रखा हुआ है. जिससे सामग्री चोरी होने का डर बना रहता है. ऑफिस में ठीक से बैठने की जगह नहीं है. जिससे शिक्षक के साथ बैठक करना मुश्किल हो जाता है. कई बार भवन व चहारदीवारी को लेकर शिक्षा विभाग को आवेदन दिया है. इसके अलावा पूर्व बीडीओ को भी अवगत कराया गया है. बीडीओ ने आश्वासन दिया कि डीएमएफटी मद से भवन व चहारदीवारी बनायी जायेगी, लेकिन आज तक भवन व चहारदीवारी नहीं है. सांसद, विधायक व उपायुक्त से समास्या का समाधान की मांग की है.

आपके शहर में

विज्ञापन

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola