चतरा जिले में एक सितंबर से आंगनबाड़ी केंद्रों में बंद है पोषाहार, नौनिहालों पर पड़ रहा प्रभाव

Updated:
विज्ञापन

आंगनबाड़ी केंद्र में पढ़ते नौनिहाल | Prabhat Khabar Network

WhatsApp चैनल से जुड़ेंगूगल पर प्रभात खबर चुनें

सिमरिया और लावालौंग के आंगनबाड़ी केंद्रों में 1 सितंबर से पोषाहार बंद है. राशि न मिलने और महंगाई के कारण सेविकाओं ने बच्चों को भोजन देना बंद कर दिया है.

विज्ञापन

सिमरिया. सिमरिया व लावालौंग प्रखंड में 219 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित है. एक सितंबर से सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में एक पोषाहार पूरी तरह से बंद है. केंद्रों में पोषाहार बंद रहने से इसका प्रतिकूल प्रभाव नौनिहालों पर पड़ रहा है. पोषाहार नही मिलने से केंद्रों में बच्चो की उपस्थिति कम होने लगी. केंद्रों में जहां हर दिन 30 से 35 बच्चो की उपस्थिति रहती थी, वहां अब 15 से 20 बच्चे की उपस्थिति रहती है. नाश्ता और भोजन नहीं मिलने से बच्चे केंद्र नही जा रहे है. कई बच्चे केंद्र ना जाकर इधर उधर खेलकर समय बिता रहे है. जिससे सेविकाओं को केंद्र संचालन करने में दिक्कत हो रही है.

विज्ञापन

जनवरी माह से नहीं मिली है पोषाहार की राशि

आंगनबाड़ी केंद्रों में जनवरी माह से पोषाहार की राशि का भुगतान नहीं किया गया. जिसके कारण सेविकाओ को केंद्र का संचालन करने में काफी परेशानी हो रही है. सेविका किसी तरह आठ माह से दुकान से उधारी लेकर केंद्र में पोषाहार चला रही थी. दुकानदार भी अब उधार देने से मना कर दिया. इससे सेविकाओं को परेशानी बढ़ गई और पोषाहार बंद करना पड़ा. सरकार द्वारा हर माह समय पर पोषाहार की राशि भुगतान नहीं किए जाने से सेविकाओं ने केंद्रों में पोषाहार बंद कर दिया है.

बाजार में सामाग्री की महंगाई से परेशानी

बाजार में सूजी 60 रूपये किलो, चीनी 70 रूपये किलो, अरहर दाल 120 रूपये किलो, सरसो तैल 200 रूपये किलो और अंडा दस रुपये पीस मिल रहा है. जबकि सरकार द्वारा सूजी 27 रूपये, चीनी 38 रूपये, सरसो तैल 100 रूपये, अरहर दाल 86 रूपये और अंडा 6 रूपये पीस की दर से वहन किया जाता है. इस स्थिति में सेविकाओं को पोषाहार चलाना मुश्किल हो गया है. महंगाई के कारण सेविका पोषाहार चलाने से असमर्थ है.

सामग्री महंगी, कम भुगतान से पोषाहार चलाना मुश्किल: जिला अध्यक्ष

आंगनबाड़ी वर्कर यूनियन की जिला अध्यक्ष प्रतिमा देवी ने कहा कि केंद्रों में आठ माह से पोषाहार का राशि का भुगतान नहीं किया गया है. आठ माह तक किसी तरह कर्ज लेकर केंद्रों में पोषाहार चलाया गया. दुकान में उधारी ज्यादा हो गया. दुकानदार देने से साफ इंकार कर दिया है, अब ज्यादा कर्ज लेकर पोषाहार चलाना संभव नहीं है. उन्होंने कहा कि दिन प्रतिदिन महंगाई बढ़ती जा रही है और बाजार में सूजी, चीनी दाल, तैल और अंडा आदि सामाग्री का दम हर दिन बढ़ रहा है. जबकि सरकार द्वारा इन समानो के लिए कम राशि वहन की जाती है. ऐसे में पोषाहार चलाना बहुत मुश्किल हो रहा था.

यूनियन के निर्णय पर केंद्रों में पोषाहार बंद किया गया. उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा आठ माह पोषाहार की राशि भुगतान करने और बाजार के रेट पर राशि वहन की जाती है तभी केंद्रों में पोषाहार का वितरण किया जाएगा.

आपके शहर में

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola