बिना मुआवजा या नौकरी दिये जमीन का इस्तेमाल कर रही रेल प्रशासन

विरोध करते रैयतगण | Prabhat Khabar Network
चाईबासा में रेल प्रशासन द्वारा बिना अधिग्रहण और मुआवजा दिए आदिवासी जमीन इस्तेमाल करने पर ग्रामीणों ने विरोध जताया है. जानिए पूरी खबर विस्तार से.
प्रतिनिधि, चाईबासा
सदर अंचल अंतर्गत सिंहपोखरिया स्टेशन के सामने रेल प्रशासन द्वारा आदिवासी रैयती जमीन पर बिना अधिग्रहण, बिना मुआवजा दिए ही इस्तेमाल करने को लेकर बैठक किया गया. ग्रामीणों का कहना है कि रेल ठेकेदार द्वारा मनमर्जी के कारण हमारे खेती जमीनों पर पोल गिराया गया है जिस कारण से इस बार कुछ हिस्सों में खेती नहीं कर पाए हैं.
रेल प्रशासन बिना अधिग्रहण किए बिना मुआवजा या नौकरी दिए ही जमीन को इस्तेमाल कर रही है. जब ठेकेदार को मना करने पर जेल भेजने की धमकी दिया जाता है. आदिवासी किसान मजदूर पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष जॉन मिरन मुंडा ने कहा कि अंग्रेज देश में 200 साल शासन चलाया और रेल लाइन बिछा कर यहां का लौह अयस्कों को लेने का काम किया है और उससे हथियार बनाकर दुनियां में शासन करने का काम किया था.
लेकिन उसका यहां के आदिवासियों ने शुरू में विरोध किया था. बैठक में निर्णय लिया गया कि धरना प्रदर्शन कर जमीन का सीमांकन करने का मांग किया जायेगा. बैठक मेंं काफी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे.
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