अबुआ आवास के लाभुकों को कहां से मिलेगा बालू? बड़ा लगड़ा नदी में लगातार उठाव से ग्रामीण परेशान...
बड़ा लगड़ा नदी से होता बालू खनन
मंझारी थाना क्षेत्र में बड़ा लगड़ा नदी से अवैध बालू खनन का कार्य बेरोक-टोक जारी है. ग्रामीणों के विरोध के बावजूद खनन नहीं रुकने से भविष्य में आवास के लिए बालू की अनुपलब्धता को लेकर चिंता जताई जा रही है.
तांतनगर: मंझारी थाना क्षेत्र के झारखंड-ओड़िशा सीमा पर स्थित बड़ा लगड़ा नदी में अवैध बालू खनन का मामला सामने आया है. ग्रामीणों का आरोप है कि विरोध के बावजूद नदी से दिन-रात बालू का उठाव किया जा रहा है. ट्रैक्टरों के माध्यम से बालू ओड़िशा भेजे जाने की बात भी कही गयी है. इससे ग्रामीणों में नाराजगी के साथ भविष्य में बालू की उपलब्धता को लेकर चिंता बढ़ गयी है.
अबुआ आवास के लाभुकों को बालू नहीं मिलने की चिंता
ग्रामीणों के अनुसार, बड़े पैमाने पर बालू उठाव जारी रहने से नदी में बालू का भंडार लगातार कम हो रहा है. ग्रामीणों ने आशंका जतायी कि यदि इसी तरह खनन जारी रहा, तो आने वाले दिनों में गांव के अबुआ आवास के लाभुकों को निर्माण कार्य के लिए बालू उपलब्ध कराने में परेशानी हो सकती है. उनका कहना है कि झारखंड सीमा से बालू निकालकर ओड़िशा भेजे जाने से क्षेत्र के राजस्व को भी नुकसान हो रहा है.
कई बार शिकायत, कार्रवाई नहीं होने का आरोप
विरोध कर रहे ग्रामीणों ने स्थानीय थाना पर बालू खनन रोकने को लेकर कई बार शिकायत करने का दावा किया है. ग्रामीणों ने पुलिस पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया है. कुछ ग्रामीणों ने थाना स्तर पर कथित मिलीभगत का भी आरोप लगाया है. हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है. ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले की जांच कर अवैध बालू खनन पर रोक लगाने की मांग की है. विरोध करने वालों में अनिल कुमार पान, मंटू मंडल, बलिया मंडल, बिवाल बेहरा और हरिश चंद्र बेहरा शामिल हैं.
आपके शहर में
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए