प्रतिकूलता से जूझकर संकल्प की मिसाल कायम की सिद्धांत ने
Author Prabhat khabar news desk
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परीक्षा के दौरान ही पिता का हुआ था निधन, 93 प्रतिशत के साथ 10वीं की परीक्षा में हुआ उत्तीर्ण
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बोकारो.
डीपीएस बोकारो के छात्र सार्थक सिद्धांत ने पिता के निधन के बाद भी अदम्य साहस व दृढ़ संकल्प का परिचय देते हुए 10वीं बोर्ड परीक्षा में 93 प्रतिशत के साथ शानदार प्रदर्शन किया है. 21 फरवरी को सार्थक की पहली 10वीं बोर्ड परीक्षा थी. परीक्षा के अगले दिन 22 फरवरी को उसके पिता दिलीप कुमार झा (डीके झा) का निधन हो गया. श्री झा बोकारो के प्रसिद्ध शिक्षाविद थे. उन्होंने हजारों छात्रों को उच्च शिक्षा हासिल करने में मदद की और उन्हें प्रतिष्ठित कॉलेजों में प्रवेश दिलाया.मां ने परीक्षा देने से मना कर दिया था :
इस अपार दुःख व क्षति के बावजूद सार्थक ने अपनी परीक्षा पर एकाग्रता बनाये रखी. अपनी मां सरोज प्रिया व परिवार के अन्य सदस्यों के सहयोग से तैयारी जारी रखी. हालांकि बेटे के दु:ख को समझते हुए मां ने परीक्षा देने से मना भी किया था, पर सार्थक ने हार नहीं मानी. परिणाम की घोषणा के बाद सार्थक के परिवार ने भावुकता के साथ राहत की सांस ली. यह सफलता सार्थक के लिए केवल परीक्षा में उत्तीर्ण होने से कहीं अधिक है.कठिन परिस्थितियों से जूझने वालों के लिए प्रेरणा :
सार्थक की सफलता पिता को सच्ची श्रद्धांजलि है, जिन्होंने हमेशा शिक्षा व ज्ञान के महत्व पर बल दिया. सार्थक के भाई आदर्श, दोस्त यथार्थ व अमोघ और परिवार के सदस्यों ने उनका अटूट साथ दिया. बोकारो के बुद्धिजीवियों ने सार्थक सिद्धांत को उसकी उपलब्धि पर बधाई दी. उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की. सार्थक की कहानी कठिन परिस्थितियों का सामना कर रहे छात्रों के लिए एक प्रेरणा है.आपके शहर में
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