BSL के बंद पड़े स्कूलों की बदलने लगी तस्वीर, कहीं ट्रेनिंग सेंटर, तो कहीं खुला हॉस्पिटल, देखें तस्वीर
Published by : Samir Ranjan Updated At : 23 Nov 2022 11:08 PM
BSL के बंद पड़े आधा दर्जन से अधिक स्कूल भवन का उपयोग अब दूसरे कार्यों में हो रहा है. किसी स्कूल में आत्मनिर्भर बनाने का प्रशिक्षण, तो किसी स्कूल में अस्पताल खुला है. बीएसएल की ओर से कभी विभिन्न सेक्टरों में 42 स्कूलों का संचालन किया जाता था. फिलहाल, नौ स्कूलों का ही संचालन हो रहा है.

BSL के बंद पड़े स्कूलों की तस्वीर और तकदीर धीरे-धीरे बदल रही है. किसी स्कूल में प्रशिक्षण केंद्र खुल रहा है, तो किसी में अस्पताल खुल चुका है. बीएसएल के बंद पड़े आधा दर्जन से अधिक स्कूल भवन का उपयोग दूसरे कार्यों में हो रहा है. बीएसएल की ओर से कभी विभिन्न सेक्टरों में 42 स्कूलों का संचालन किया जाता था. फिलहाल, नौ स्कूलों का संचालन ही बीएसएल की ओर से किया जा रहा है. मतलब 33 स्कूल बंद हो गये है. बंद पड़े स्कूल भवन खंडहर में तब्दील हो रहे हैं. अब बीएसएल की ओर से एक-एक कर बंद पड़े स्कूल भवनों का उपयोग दूसरे कार्यों में किया जा रहा है, जिससे स्कूल की तसवीर व तकदीर बदल रही है.

बीएसएल में जब लगभग 60 हजार कर्मचारी थे, तब प्रबंधन 42 स्कूल संचालित करता था. उस समय स्कूलों में बच्चों की संख्या लगभग 26 हजार थी. आज कर्मचारियों की संख्या लगभग 10 हजार है. स्कूलों की संख्या नौ है. इनमें आठ सीबीएसई व एक जैक बोर्ड के अंतर्गत संचालित है. इन स्कूलों में बच्चों की संख्या लगभग दो हजार है. बोकारो एलएच एरिया में दो, सेक्टर 1 में तीन, सेक्टर 2 में तीन, सेक्टर 3 में तीन, सेक्टर 4 में दो, सेक्टर 6 में चार, सेक्टर 8 में छह:, सेक्टर 9 में चार, सेक्टर 11 में एक और सेक्टर 12 में दो स्कूल बंद हुये है. बीएसएल नौ में से सात स्कूल को बंद करेगा, सिर्फ दो ही स्कूलों का ही संचालन प्रबंधन करेगा.

फिलहाल, बीएसएल की ओर से संचालित सभी स्कूलों में छात्राओं को नि:शुल्क शिक्षा प्रदान की जा रही है. दो स्कूलों का संचालन सीएसआर के तहत किया जा रहा है, जिसमें बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा, किताब-कॉपी व ड्रेस प्रदान किया जाता है. शेष बंद पड़े स्कूल भवन का उपयोग बीएसएल प्रबंधन दूसरे कार्यों में उपयोग कर रहा है. इसकी शुरूआत लगभग आधा दर्जन से अधिक स्कूलों से हो चुकी है. कहीं महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है तो कहीं बीएसएल के ठेका मजदूरों को सुरक्षा का प्रशिक्षण मिल रहा है. किसी स्कूल में स्वास्थ्य सुविधा मुहैया करायी जा रही है तो कहीं हैंडीक्रॉफ्ट सेंटर खुल रहा है.

बोकारो इस्पात विद्यालय सेक्टर-06 बना वेदांता केयर्स फील्ड हॉस्पिटल
बोकारो इस्पात विद्यालय सेक्टर-06 में वेदांता केयर्स फील्ड हॉस्पिटल खुल गया है. यहां सामान्य बीमारी से ग्रसित मरीजों का इलाज होता है. कुछ माह पहले तक यहां कोरोना का टीका भी लगाया जा रहा था.
बोकारो इस्पात विद्यालय सेक्टर-04-A में चल रहा स्वावलंबन केंद्र
बोकारो इस्पात विद्यालय सेक्टर-04-A में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिये स्वावलंबन केंद्र का संचालन किया जा रहा है. केंद्र का संचालन महिला समिति बोकारो की ओर से किया जा रहा है.
बोकारो इस्पात विद्यालय सेक्टर-01-C में खुलेगा शॉर्ट टर्म स्कील डेवलपमेंट सेंटर
बोकारो इस्पात विद्यालय सेक्टर-01-C में जनवरी 2023 से शॉर्ट टर्म स्किल डेवलपमेंट सेंटर ‘बोकारो दीक्षा’ खुलेगा. यहां ग्रामीण युवाओं को स्व-रोजगार उन्मुख अल्पकालिक प्रशिक्षण प्रदान किया जायेगा.
बोकारो इस्पात विद्यालय सेक्टर-02-D खुलेगा हैंडीक्राफ्ट ट्रेनिंग सेंटर
बोकारो इस्पात विद्यालय सेक्टर-02-D दिसंबर में हैंडीक्राफ्ट ट्रेनिंग सेंटर खुलेगा. यहां ग्रामीण महिला-पुरुषों को जलकुंभी से हस्तशिल्प बनाने के साथ-साथ हैंडीक्रॉफ्ट से जुड़े अन्य प्रशिक्षण भी दिये जायेंगे.
मध्य विद्यालय सेक्टर-02-C बना ठेका कर्मियों का सुरक्षा प्रशिक्षण केंद्र
मध्य विद्यालय सेक्टर-02-C में ठेका कर्मियों का सुरक्षा प्रशिक्षण केंद्र खुला है. यहां बीएसएल की ओर से नियमित रूप से प्लांट के विभिन्न विभागों में कार्यरत ठेका मजदूरों को सुरक्षा का प्रशिक्षण दिया जा रहा है.
रिपोर्ट : सुनील तिवारी, बोकारो.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Samir Ranjan
Senior Journalist with more than 20 years of reporting and desk work experience in print, tv and digital media
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










