Bokaro News: राष्ट्र निर्माण में साहित्यकारों की अहम भूमिका : जीएम

Updated:
विज्ञापन

Bokaro News: सेक्टर पांच स्थित बोकारो इस्पात पुस्तकालय में कवि गोष्ठी आयोजित, काव्य धाराओं से सराबोर हुए श्रोता.

विज्ञापन

बोकारो, बोकारो इस्पात संयंत्र के सेक्टर पांच स्थित बोकारो इस्पात पुस्तकालय में कवि गोष्ठी आयाेजित की गयी, जिसमें नगर के कवियों व साहित्यकारों ने अपनी सशक्त रचनाओं से श्रोताओं को काव्य-रस में सराबोर कर दिया. मुख्य अतिथि महाप्रबंधक (ठेका प्रकोष्ठ-गैर संकार्य) कमलेश कुमार ने राष्ट्र निर्माण में साहित्यकारों की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डालते हुए प्रस्तुति के माध्यम से कवियों की कल्पनाशीलता की सराहना की. विशिष्ट अतिथि उप-महाप्रबंधक (संपर्क एवं प्रशासन) आलोक कुमार ने कहा कि कविता मनुष्य की सुप्त भावनाओं को जागृत कर उसमें ऊर्जा व संवेदनशीलता का संचार करने की अद्भुत क्षमता रखती है. कवियों ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया. अखिल भारतीय चेतना दर्पण की केंद्रीय समिति की सदस्य कस्तूरी सिन्हा ने कहा कि साहित्यकार लेखनी के माध्यम से राष्ट्र की दिशा निर्धारित करते हैं. बीएसएल स्थानीय साहित्यकारों को मंच प्रदान कर प्रतिभा को निरंतर प्रोत्साहित कर रहा है.

भला ऐसी होली है किस काम की…होली खेले मेरे लाल, शोणित से भींगे हुए हैं…

रंजना श्रीवास्तव ने ‘पुष्पों के रंगों में रंगकर’, अर्चना मिश्र ने ‘एक दिन छायी आईआईटी भी जाएगी उस अनंत अंधेरे में’, गंगेश पाठक ने ‘मित्र के समान’, अमृता शर्मा ने ‘भला ऐसी होली है किस काम की’, कस्तूरी सिन्हा ने ‘होली खेले मेरे लाल, शोणित से भीगे हुए हैं’, लव कुमार ने ‘जो देशभक्ति नहीं करोगे तो देशभक्त कैसे बनोगे’, अनिल कुमार श्रीवास्तव ने ‘खुद से ही सवाल करता हूँ’, रजतनाथ ने ‘मेरी फूस की झोपड़ी’ कविता प्रस्तुत किया.

परिचय पूछ रहे हो मेरा…बाग तो बहुत हैं पर…होली पावन अइछ मनभावन…

क्रांति श्रीवास्तव ने ‘परिचय पूछ रहे हो मेरा’, पंकज कुमार दास ने ‘बाग तो बहुत हैं पर…’, तथा अरुण पाठक ने ‘होली पावन अइछ मनभावन’ शीर्षक कविताओं का पाठ किया. इसके अतिरिक्त अतुल कुमार, आरपी वर्मा, रंजन कुमार व ब्रह्मानंद गोस्वामी ने भी अपनी प्रस्तुतियों से श्रोताओं का मनोरंजन किया. कार्यक्रम की सफलता में सहायक प्रबंधक (संपर्क एवं प्रशासन) मानस चंद्र रजवार की महत्वपूर्ण भूमिका रही. गोष्ठी का संचालन लव कुमार ने किया, जबकि अध्यक्षता कर रहीं अमृता शर्मा ने अंत में सभी के प्रति आभार व्यक्त किया. यह आयोजन बोकारो इस्पात संयंत्र की अपने सामाजिक व सांस्कृतिक दायित्वों के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है. साहित्य और कला के प्रोत्साहन के माध्यम से बीएसएल न केवल बौद्धिक चेतना का विकास कर रहा है, बल्कि सामुदायिक जुड़ाव को सुदृढ़ करते हुए एक समृद्ध सांस्कृतिक वातावरण के निर्माण में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है.

आपके शहर में

विज्ञापन
विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola