Bokaro News : आदर्श आचार संहिता का कड़ाई से अनुपालन का निर्देश

Updated:
विज्ञापन

Bokaro News : नगरपालिका (आम) निर्वाचन, 2026 के दौरान सार्वजनिक व निजी संपत्तियों के विरूपण को रोकने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने सख्त निर्देश जारी किया है.

विज्ञापन

बोकारो, नगरपालिका (आम) निर्वाचन, 2026 के दौरान सार्वजनिक व निजी संपत्तियों के विरूपण को रोकने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने सख्त निर्देश जारी किया है. जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त अजय नाथ झा ने चास-बेरमो अनुमंडल पदाधिकारी व आदर्श आचार संहिता कोषांग को कानून के प्रावधानों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराने को निर्देशित किया है.

चुनाव के दौरान मिलती रहती हैं शिकायत

आयोग की माने, तो चुनाव प्रचार के समय अभ्यर्थी व समर्थकों द्वारा सरकारी व निजी भवनों की दीवार पर पोस्टर चिपकाने, नारे लिखने, बैनर टांगने व चुनाव चिन्ह पेंट करने की लगातार शिकायत मिलती रही है. इससे ना केवल भवनों को नुकसान होता है, बल्कि क्षेत्र की सुंदरता भी प्रभावित होती है.

संपत्ति विरूपण अधिनियम के तहत दंडनीय अपराध

आयोग ने स्पष्ट किया है कि संपत्ति विरूपण अधिनियम, 1987 की धारा-3 के अंतर्गत सार्वजनिक दृश्य में किसी भी प्रकार से संपत्ति को विरूपित करना दंडनीय अपराध है. दोषी पाये जाने पर छह माह तक की सजा, एक हजार रुपये तक जुर्माना अथवा दोनों का प्रावधान है. डीइओ सह डीसी अजयनाथ झा ने बताया कि बिना भवन मालिक की लिखित अनुमति के किसी भी सरकारी या निजी भवन, दीवार, चहारदीवारी या खंभों पर पोस्टर, बैनर, झंडा नहीं लगाये जायेंगे और ना ही नारे लिखे जायेंगे. डीसी ने कहा कि नगरपालिका निर्वाचन दलगत आधार पर नहीं हो रहा है, इसलिए किसी भी राजनीतिक दल के नाम, चिन्ह या बैनर-पोस्टर के माध्यम से प्रचार पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा.

पोस्टर और पर्ची वितरण के नियम

अभ्यर्थी मतदाताओं के बीच पोस्टर या पर्ची वितरित कर सकते हैं. लेकिन, मुद्रित सामग्री पर प्रेस का नाम, पता व हस्तलिखित सामग्री पर लेखक का नाम व पता अंकित होना अनिवार्य होगा. डीसी ने बताया कि सड़क संकेतक, मील के पत्थर, रेलवे लेवल क्रॉसिंग, प्लेटफॉर्म के नाम पट्ट, बस अड्डे व जन सुविधा के लिए लगाए गए सभी सूचना पट्टों को सार्वजनिक संपत्ति की श्रेणी में माना जायेगा.

विरूपण हटाने की जिम्मेदारी अभ्यर्थी की

डीसी ने बताया कि यदि किसी अभ्यर्थी की ओर से संपत्ति विरूपण की घटना सामने आती है, तो संबंधित अभ्यर्थी को अपने खर्चे पर विरूपण हटाकर संपत्ति को मूल स्वरूप में बहाल करना होगा. किसी भी परिस्थिति में सरकारी खर्च से विरूपण नहीं हटाया जायेगा. संबंधित अधिकारियों को नियमित निरीक्षण के निर्देश दिया. उल्लंघन की स्थिति में संपत्ति विरूपण अधिनियम, 1987 व भारतीय न्याय संहिता और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की सुसंगत धाराओं के तहत कार्रवाई की जायेगी.

आपके शहर में

विज्ञापन
विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola