Bokaro News : पांच हाथियों का झुंड फिर पहुंचा गोमिया, दहशत

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Bokaro News : पांच उग्र हाथियों का झुंड 12 दिनों के बाद फिर गोमिया पहुंच गया है.

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फरवरी माह के पहले सप्ताह में गोमिया के बड़कीपुन्नू और गांगपुर (महुआटांड़) में पांच ग्रामीणों (एक बच्चा सहित) को मौत के घाट उतारने वाले पांच उग्र हाथियों का झुंड 12 दिनों के बाद फिर गोमिया पहुंच गया है. इस दौरान हजारीबाग व रामगढ़ की सीमा के एक गांव में भी इन्हीं हाथियों ने सात ग्रामीणों (एक मासूम सहित) को मार डाला है. यह झुंड झुमरा पहाड़ के बलथरवा होते हुए गोसे जंगल और फिर लुगू पहाड़ में घुस गया है. शुक्रवार की मध्य रात्रि को इस झुंड के एक हाथी को लुगू पहाड़ की तलहटी में बसे तुलबुल के पिंडरा गांव में देखा गया. एक वीडियो भी वायरल हुआ है, जिसमें हाथी एक पक्के मकान के मुख्य दरवाजे को तोड़ कर घुसते हुए दिख रहा है. पिंडरा में हाथी ने सूरज हांसदा के घर में खूब उपद्रव किया. दो क्विंटल चावल खा गया और सिलाई मशीन तोड़ दी. खेत में लगी गेहूं की फसल को भी रौंद दी.

इधर, हाथियों के झुंड के लुगू पहाड़ में आने की पुष्टि होने के साथ ही वन विभाग भी सक्रिय हो गया है. प्रशिक्षु डीएफओ संदीप शिंदे ने सोशल मीडिया के जरिए लोगों को सचेत किया है. क्यूआरटी भी लगातार गश्त और मॉनिटरिंग में जुटी हुई है. क्षेत्रों में माइकिंग कर लोगों से सचेत रहने और घरों के बाहर नहीं रहने की अपील की जा रही है. शनिवार को दिन भर हाथियों का यह झुंड ललपनिया के सामने लुगू पहाड़ में था. शाम होते ही इनकी सक्रियता शुरू होने के मद्देनजर वन विभाग का क्यूआरटी दल पुनः सक्रिय हुआ और टीटीपीएस आवासीय परिसर सहित चोरगांवां, तिलैया में माइकिंग की गयी. मालूम हो कि शुक्रवार को बोकारो डीसी द्वारा महुआटांड़ क्षेत्र के 34 सरकारी भवनों को हाथियों से बचाव को लेकर ग्रामीणों के लिए अस्थाई आश्रय स्थल घोषित किया गया है. बताते चले कि तीन हाथियों का एक और झुंड काफी दिनों से बड़कीपुन्नू के कानीडीह जंगल में है.

ग्रामीणों से सतर्क रहने का आग्रह

गोमिया प्रखंड के लुगुबुरु पहाड़ में हाथियों के झुंड के पहुंचने पर गोमिया थाना प्रभारी रवि कुमार ने आसपास के ग्रामीणों को सतर्क किया है. उन्होंने तुलबुल, पिंजरा, टूटी झरना, ललपनिया, चोरगावा, मुरपा, डाकासाड़म, खखंडा, नारण और तिलैया के ग्रामीणों को विशेष रूप से एहतियात बरतने का आग्रह किया है. कहा कि घर के अंदर रहे, शाम और रात के समय अनावश्यक रूप से बाहर नहीं निकले. पक्के मकान में रहे और हाथी के करीब आने पर तुरंत पक्के मकान या उसकी छत पर चले जाये. साथ ही हाथियों को छेड़ने यहा उनके पास जाने की कोशिश बिल्कुल नहीं करें.

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