राष्ट्र निर्माण में महिलाओं की जिम्मेदारी पुरुषों से अधिक

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बोकारो : इस्पातांचल स्वदेशी मेला में शुक्रवार को राष्ट्र मजबूती व महिलाओं के योगदान पर परिचर्चा हुई. मजदूर मैदान-04 में आयोजित परिचर्चा कार्यक्रम में विभिन्न सेक्टर की महिलाओं ने हिस्सा लिया. अधिवक्ता अनु मिश्र ने कहा : देश को मजबूत बनाने में महिलाओं का योगदान अतुलनीय है. हर क्षेत्र में महिला देश का नाम रोशन […]

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बोकारो : इस्पातांचल स्वदेशी मेला में शुक्रवार को राष्ट्र मजबूती व महिलाओं के योगदान पर परिचर्चा हुई. मजदूर मैदान-04 में आयोजित परिचर्चा कार्यक्रम में विभिन्न सेक्टर की महिलाओं ने हिस्सा लिया.

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अधिवक्ता अनु मिश्र ने कहा : देश को मजबूत बनाने में महिलाओं का योगदान अतुलनीय है. हर क्षेत्र में महिला देश का नाम रोशन कर रही है. जहां तक स्वदेशी की बात है, महिलाओं की जिम्मेदारी पुरुषों की तुलना में ज्यादा है. क्योंकि गृह प्रबंधन की जिम्मेदारी महिलाओं पर ही ज्यादा होती है. समाजसेवी कविता सिंह ने कहा : स्वदेशी को मजबूती देकर ही देश को आर्थिक तौर पर बुलंद किया जा सकता है.

महेश्वरी देवी ने कहा : स्वदेशी की दिशा में महिलाओं के लिए औद्योगिक क्षेत्र में विशेष प्रबंध की जरूरत है. इससे ना सिर्फ महिला स्वावलंबी होंगी, बल्कि आर्थिक क्षेत्र में देश को मजबूती भी मिलेगी. लेखिका कस्तूरी सिन्हा ने कहा : स्वदेशी की शुरुआत घरों से होनी चाहिए. इससे पीढ़ी दर पीढ़ी यह संस्कार आगे बढ़ेगा. मौके पर कई महिला मौजूद थी.

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