सूखे सावन को भिंगाने के लिए हुई बारिश
Author Prabhat khabar digital desk
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बोकारो : आधा से ज्यादा सावन का महीना बीत गया. न तो पवन का शोर हुआ न ही बादलों की गड़गड़ाहट हुई. रविवार को इंद्र देव बरसे. दोपहर एक बजे झमाझम बारिश हुई. एक घंटा के बादल रूक गये. सूर्य व बादलों की आंख मिचौली तो हुई, लेकिन बादल बूंदों के बाण नहीं चला पाये. […]
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बोकारो : आधा से ज्यादा सावन का महीना बीत गया. न तो पवन का शोर हुआ न ही बादलों की गड़गड़ाहट हुई. रविवार को इंद्र देव बरसे. दोपहर एक बजे झमाझम बारिश हुई. एक घंटा के बादल रूक गये. सूर्य व बादलों की आंख मिचौली तो हुई, लेकिन बादल बूंदों के बाण नहीं चला पाये.
बारिश का आना ऐसा ही लगा जैसे सूखे सावन को भिंगाने के लिए ही बारिश हुई हो. चार दिन बाद हुई बाद झमाझम के साथ रिमझिम बारिश की उम्मीद पर बादल खरे नहीं उतरे.
दो डिग्री गिरा तापमान : भले ही एक घंटा की ही बारिश हुई हो, लेकिन लोगों को राहत जरूर मिली. सावन में जेठ की गर्मी का अहसास कर रहे बोकारो को राहत मिली. एक घंटा की बारिश
में अधिकतम तापमान दो डिग्री सेल्सियस गिर गया. शाम तक मौसम सुहावना बना रहा. पांच किमी प्रति घंटा की धीमी दर्जे की हवा मन को तरोताजा कर रही थी.
आओ जरा भींग लें…: बारिश अचानक से हुई. बावजूद इसके लोगों ने बारिश से बचने की कोशिश नहीं की. बाइकर्स से लेकर राहगीर तक भींगते नजर आये. मानों बरसात का स्वागत किया जा रहा हो. बोकारो-माराफारी सड़क पर युवाओं की टोली साइकिलिंग करते नजर आये. मटर गश्ती ऐसी कि न चाहते हुए भी लोगों का ध्यान उनकी ओर जा रहा था.
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