H1N1 Cases in Delhi: दिल्ली में बढ़े मामले, LNJP में 70 बेड का बैकअप वार्ड, 10 ICU भी तैयार
दिल्ली में LNJP अस्पताल में H1N1 (स्वाइन फ्लू) मरीजों के इलाज के लिए बनाए गए खास आइसोलेशन वार्ड, फोटो- एएनआई
H1N1 Cases in Delhi: दिल्ली में H1N1 इन्फ्लूएंजा के बढ़ते मामलों से निपटने के लिए स्वास्थ्य व्यवस्थाएं मजबूत की जा रही हैं. लोक नायक जय प्रकाश नारायण (LNJP) अस्पताल में मरीजों के इलाज के लिए विशेष आइसोलेशन वार्ड बनाए गए हैं, जिसमें 70 बेड और 10 ICU बेड शामिल हैं.
H1N1 Cases in Delhi: दिल्ली में H1N1 इन्फ्लूएंजा के बढ़ते मामलो को देखते हुए स्वास्थ्य व्यवस्था मजबूत की जा रही है. लोक नायक जय प्रकाश नारायण (LNJP) अस्पताल में मरीजों के इलाज के लिए अलग आइसोलेशन वार्ड बनाया है. इसके साथ ही मरीजों की संख्या बढ़ने की सूरत में 70 बेड वाला अतिरिक्त वार्ड भी तैयार रखा गया है.
H1N1 के मरीजों के लिए अलग वार्ड
LNJP अस्पताल के दुर्घटना और आपातकालीन विभाग के प्रमुख डॉ. सत्यजीत कुमार के मुताबिक स्वाइन फ्लू से निपटने के लिए अस्पताल ने सात बेड वाला एक विशेष वार्ड बनाया है. इस वार्ड में पांच हाई डिपेंडेंसी बेड हैं, जबकि दो बेड वेंटिलेटर की सुविधा से लैस हैं. इसका मकसद जरूरत पड़ने पर मरीजों को तुरंत इलाज देना है.
मरीज बढ़े तो प्लान B तैयार, 70 बेड का अतिरिक्त वार्ड
अस्पताल ने बढ़ते मामलों की स्थिति के लिए दिल्ली सरकार ने प्लान बी भी रेडी रखा है. डॉ. कुमार ने बताया कि अस्पताल की सातवीं मंजिल पर 70 बेड का वार्ड तैयार किया गया है. जिसे मरीजों की संख्या बढ़ने पर इस्तेमाल किया जा सकता है. इसमें 10 ICU बेड और 60 HDU यानी हाई डिपेंडेंसी यूनिट बेड शामिल हैं.
भारत में H1N1 सबसे ज्यादा मिलने वाला इन्फ्लूएंजा A स्ट्रेन
इससे पहले भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) के महानिदेशक राजीव बहल ने बताया कि इन्फ्लूएंजा A का H1N1 स्ट्रेन भारत में जांच किए गए इन्फ्लूएंजा A मामलो में करीब 98% है. उन्होंने कहा कि देश में श्वसन संक्रमण और दूसरे वायरल प्रकोपों की निगरानी के लिए कई स्तर पर सिस्टम काम कर रहा है.
क्या H1N1 के नए स्ट्रेन का खतरा है?
ICMR के डीजी डॉ. राजीव बहल के मुताबिक मौजूदा H1N1 में कोई नया या असामान्य स्ट्रेन नहीं मिला है. मौजूदा स्थिति seasonal influenza के सामान्य पैटर्न के अनुरूप है और फिलहाल घबराने की जरूरत नहीं बताई गई है.
मौसमी इन्फ्लूएंजा स्व-सीमित रहता है. कोई नया या असामान्य वायरस स्ट्रेन नहीं पाया गया है. भारत में H1N1 अपेक्षित मौसमी बदलाव दिखाता है, कोई असामान्य आनुवंशिक बदलाव नहीं दिखता- आईसीएमआर के डीजी डॉ राजीव बहल
राज्यों से रियल टाइम डेटा पर नजर
राजीव बहल के मुताबिक Integrated Health Information Platform यानी IHIP और National Centre for Disease Control यानी NCDC के जरिए राज्यों से संक्रमण से जुड़ी जानकारी जुटाई जाती है. इस सिस्टम के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जाती है कि देश के अलग-अलग हिस्सों में कौन से वायरस फैल रहे हैं और किस तरह के संक्रमण के मामले सामने आ रहे हैं.
73 अस्पतालों और लैब के जरिए निगरानी
ICMR ने श्वसन वायरस की निगरानी के लिए देशभर में 73 DHR-ICMR Virus Research and Diagnostic Laboratories के नेटवर्क से निगरानी की जा रही है. राजीव बहल के मुताबिक यह NCDC की निगरानी के अलावा एक अतिरिक्त स्तर के रूप में काम करता है. इसके जरिए अस्पताल आधारित सैंपलिंग से H1N1 जैसे श्वसन संक्रमणों पर नजर रखी जाती है.
H1N1 से बचाव के लिए क्या करें?
- खांसते-छींकते समय मुंह-नाक ढकें
- हाथ धोते रहें
- बीमार होने पर घर पर रहें
- आराम और पर्याप्त पानी पीएं
- लक्षण गंभीर या लगातार बने रहें तो डॉक्टर की सलाह लें.
- बिना डॉक्टरों की सलाह के एंटीवायरल या एंटीबायोटिक दवा न लें
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