दिल्ली में एक महीने तक धारा 144 लागू, 30 दिनों तक इन चीजों पर रहेगी पाबंदी, जानें कारण

Published by : Pritish Sahay Updated At : 12 Feb 2024 5:58 PM

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Sonipat: Police personnel deployed near Singhu border in view of farmers' 'Delhi Chalo March', in Sonipat district, Monday, Feb. 12, 2024. A large number of farmers from Uttar Pradesh, Haryana and Punjab are expected to march towards the national capital on Tuesday. (PTI Photo)(PTI02_12_2024_000062A)

कल किसानों का प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन शुरू हो रहा है. किसान संगठनों ने दिल्ली चलो मार्च का आह्नान किया है. वहीं, हरियाणा और दिल्ली पुलिस आंदोलन को लेकर पूरी तरह अलर्ट है. दिल्ली पुलिस ने पूरी दिल्ली में एक महीने तक धारा 144 लागू कर दिया है.

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किसानों के कल यानी सोमवार से प्रस्तावित दिल्ली चलो मार्च को देखते हुए दिल्ली में धारा 144 लागू कर दी गई है. दिल्ली के कमिश्नर संजय अरोड़ा ने सोमवार को घोषणा करते हुए कहा कि अब पूरी दिल्ली में धारा 144 लागू कर दी गई है. इससे पहले रविवार को उत्तर पूर्वी दिल्ली और यूपी की सीमाओं पर सीपीसी की धारा 144 लागू की थी. दरअसल दिल्ली पुलिस ने  किसानों के दिल्ली चलो मार्च के कारण बड़े पैमाने पर तनाव और सामाजिक अशांति के खतरे की आशंका को देखते हुए राष्ट्रीय राजधानी में एक महीने के लिए आपराधिक दंड प्रक्रिया संहिता यानी सीआरपीसी (CRPC) की धारा 144 लागू कर दी है. पुलिस ने संभावना जताई है कि मार्च के दौरान किसान पंजाब, उत्तर प्रदेश और हरियाणा से दिल्ली में प्रवेश करने की कोशिश करेंगे.

किन चीजों पर रहेगा प्रतिबंध
धारा 144 लागू हो जाने के कारण राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सभा करने, जुलूस या रैलियां निकालने और लोगों को लाने और ले जाने वाली ट्रैक्टर ट्रॉली के प्रवेश पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध रहेगा. दिल्ली पुलिस कमिश्नर संजय अरोड़ा ने जारी आदेश के जरिए किसी भी प्रकार की रैली या जुलूस निकालने और सड़कों को अवरुद्ध करने पर पूर्ण रूप से रोक लगा दी है. दिल्ली में यह आदेश 12 फरवरी से अगले एक महीने यानी 12 मार्च तक लागू रहेगा. इस आदेश के बाद अब ट्रैक्टर रैलियों के दिल्ली में प्रवेश पर पूरी तरह रोक लग जाएगी. दिल्ली पुलिस का कहना है कि किसानों की प्रस्तावित दिल्ली चलो रैली के नई दिल्ली में प्रवेश करने से यहां तनाव, सार्वजनिक उपद्रव, सार्वजनिक परेशानी, के साथ साथ सामाजिक अशांति फैलने का खतरा है. और हिंसा होने का खतरा है.

दिल्ली पुलिस ने अपने आदेश में कहा है कि धारा 144 के तहत दिल्ली के क्षेत्र के भीतर सार्वजनिक स्थानों पर तेजाब जैसे पदार्थों, विस्फोटकों, आग्नेयास्त्रों या हथियारों को ले जाने पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध रहेगा. दिल्ली पुलिस हरियाणा और उत्तर प्रदेश की सीमाओं से आने वाले सभी वाहनों की कड़ी और गहन जांच करेगी. आदेश में आगे कहा गया है कि मौखिक, लिखित या इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से भावनाओं को भड़काने वाले बयान, नारे और भाषण देने पर प्रतिबंध रहेगा.

असामाजिक तत्व उठा सकते हैं मौके का फायदा
दिल्ली पुलिस ने अपने आदेश में कहा है कि किसानों के प्रदर्शन में भाग लेने वाले लोग दिल्ली में प्रवेश करने के लिए परिवहन के साधन के रूप में ट्रैक्टर, ट्रॉली, ट्रेलर का उपयोग कर सकते हैं. इनसे सड़कों पर अनिवार्य रूप से एक बड़ा खतरा पैदा हो सकता है और इससे ट्रैफिक अनावश्यक रूप से जाम हो सकता है. जिस कारण दिल्ली के निवासियों के लिए परेशानी खड़ी हो सकती है. वहीं, पुलिस का कहना है कि आशंका है कि कुछ असामाजिक तत्व प्रदर्शनकारी समूह स्थिति का फायदा उठा सकते हैं और दिल्ली में शांति, सार्वजनिक व्यवस्था के साथ-साथ कानून व्यवस्था के लिए हानिकारक गतिविधियों में शामिल हो सकते हैं. भाषा इनपुट के साथ

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लेखक के बारे में

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प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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