इस वर्ष भी रोप-वे का आनंद नहीं ले पाएंगे सैलानी

Updated at : 28 Sep 2020 3:18 AM (IST)
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इस वर्ष भी रोप-वे का आनंद नहीं ले पाएंगे सैलानी

ऐतिहासिक मंदार की तराई में करीब 8 करोड़ की लागत से बनने वाले रोपवे निर्माण की धीमी रफ्तार से इस वर्ष भी सैलानी इसका आनंद नहीं ले पायेंगे. मालूम हो कि 21 जनवरी 2015 में तत्कालीन सीएम जीतन राम मांझी के द्वारा इसका शिलान्यास किया गया था.

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संजीव पाठक, बौंसी : ऐतिहासिक मंदार की तराई में करीब 8 करोड़ की लागत से बनने वाले रोपवे निर्माण की धीमी रफ्तार से इस वर्ष भी सैलानी इसका आनंद नहीं ले पायेंगे. मालूम हो कि 21 जनवरी 2015 में तत्कालीन सीएम जीतन राम मांझी के द्वारा इसका शिलान्यास किया गया था. उस वक्त के पर्यटन मंत्री डॉक्टर जावेद इकबाल अंसारी के अथक प्रयास से रोपवे निर्माण के लिए राशि आवंटित की गयी थी, लेकिन 5 साल बीत जाने के बाद भी अब तक रोपवे निर्माण कार्य पूरा नहीं हो पाया है. शिलान्यास के डेढ़ वर्ष बाद शुभारंभ का संभावित लक्ष्य निर्धारित किया गया था. सितंबर 2017 में कार्य आरंभ किया गया था. राइटस की सहयोगी कंपनी रोपवे एंड रिजॉर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के द्वारा इसका कार्य किया जा रहा है. जिसके अनुसार जनवरी 2019 में ही इसे पूरा कर लिया जाना था.

चार माह का मिला था एक्सटेंशन

जानकारी के अनुसार रोपवे निर्माण कंपनी को पर्यटन विभाग के द्वारा 4 माह का एक्सटेंशन भी दिया गया था. इसके बाद भी रोपवे निर्माण कार्य पूरा नहीं हो पाया. हालांकि कंपनी के अधिकारियों की मानें तो अक्टूबर माह तक रोपवे आरंभ हो सकता है. लोअर प्लेटफॉर्म सेकंड फ्लोर और टॉप फ्लोर का भवन बनकर पूरी तरह से तैयार है. पर्वत के तराई में प्लेटफॉर्म, टिकट घर, सिक्यूरिटी रूम, शौचालय, स्टाफ रूम, मेंटेनेंस रूम सहित अन्य कार्य पूरा हो गया है.

क्या आयी अड़चन

रोपवे आरंभ होने में सबसे पहला अड़चन इसके केबिन का आया. बताया जाता है कि पर्यटन विभाग के द्वारा श्रीनगर के मखदूम साह में बने केबिन की तर्ज पर ही यहां केबिन बनाने का निर्देश दिया गया. जिसके बाद आरआरपीएल द्वारा कोलकाता में इसका निर्माण कराया जा रहा है. बताया जाता है कि अगले माह केबिन आ जायेगा और इसे लगाने के बाद विभाग को सौंप दिया जायेगा. दूसरी ओर पर्यटन विभाग के द्वारा बिजली का काम अब तक नहीं पूरा किया गया है. मंदार की तराई में विद्युत विभाग द्वारा ट्रांसफॉर्मर आदि की व्यवस्था कर दी गयी है, लेकिन पर्वत शिखर तक बिजली नहीं पहुंचने से रोपवे आरंभ होने में विलंब हो सकता है.

कहते हैं विद्युत विभाग के जूनियर इंजीनियर

विभाग के जेई ने बताया कि पर्वत तराई तक बिजली का काम कर दिया गया है. ट्रांसफॉर्मर भी लगा दिया गया है. पर्वत शिखर तक विद्युत कनेक्शन के लिए टेंडर की प्रक्रिया की जायेगी फिर यह कार्य हो पायेगा. राइट्स के इंजीनियर रंजन माधव ने बताया कि अक्तूबर माह के अंत तक रोपवे का कार्य पूरा कर लिया जायेगा और इसे पर्यटन विभाग को सौंप दिया जायेगा. विद्युत कनेक्शन अब तक बाकी है.

posted by ashish jha

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