बिहार में जो मेडल लायेगा...वह नौकरी पायेगा, तेजस्वी यादव ने खिलाड़ियों के लिए किया बड़ा ऐलान

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 16 Dec 2023 9:59 PM

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बिहार को खेल के विषय में अधिक से अधिक विकास करें. जो मेडल लायेगा, वह नौकरी पायेगा. यह नीति बनायी है. बेरोजगारी बहुत है. डिग्री है पर नौकरी नहीं है. बेरोजगारी सबसे बड़ी बाधा है. हमलोगों ने पालिसी लायी है और उसकी शुरूआत की.

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बिहार के उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने शनिवार को पटना में आयोजित एक कार्यक्रम में ‘जो मेडल लायेगा, वह नौकरी पायेगा’ का नारा दिया. उन्होंने कहा कि बिहार को खेल के विषय में अधिक से अधिक विकास करना है और बच्चों को सिर्फ पढ़ाई-लिखाई ही नहीं खेलकूद पर भी ध्यान देना है. हमलोगों ने पालिसी लायी है जिससे बिहार में लोग मेडल लाकर इंस्पेक्टर और बीडीओ बन रहे हैं. पाटलिपुत्र स्पाेर्टस कम्पलेक्स परिसर में एक निजी स्कूल के वार्षिक खेलकूद समारोह को संबोधित करते हुए तेजस्वी ने अपनी डिग्री को लेकर भी बयान दिया. उन्होंने कहा कि हमारे पास जाली डिग्री नहीं है. हम तो दो-दो सीएम के बेटे हैं. चाहते तो डिग्री मिल ही जाता. लेकिन, हमने ईमानदारी से काम किया. बिना किसी का नाम लिए उन्होंने कहा कि बहुत से लोगों के पास जाली डिग्रियां हैं. हमने नहीं लिया. हम पढ़ाई में अच्छे थे, लेकिन डिग्री नहीं ले पाये. बच्चों को डिग्री लेना ही चाहिए. उन्होंने कहा कि कहा कि बेरोजगारी एक बड़ा अभिशाप है, इसे राज्य सरकार दूर कर रही है.

बच्चों को खूब पढ़ाई करना चाहिए और खूब खेलना भी चाहिए

तेजस्वी ने अभिभावकों से कहा कि अब पुराना जमाना नहीं है, जहां पढ़ोगे लिखोगे बनोगे नवाब और खेलो कूदोगे बनोगे खराब माना जाता था. बच्चों को खूब पढ़ाई करना चाहिए और खूब खेलना भी चाहिए. उन्होंने कहा कि आज तो आर्टिफिसियल इंटेलिजेंस का जमाना है. स्पोर्टस का जमाना है. तेजस्वी ने कहा कि कोरोना के बाद तो और भी जरूरी हो गया है कि बच्चे खेलें कूदें. खेलने से बाहर जाने से व्यक्तित्व विकसित होता है. उन्होंने अपने बचपन के दिनों को याद करते हुए कहा कि वह भी ऐसे मौके पर भाग लिया करते थे. छात्रों से कहा कि जो पीछे रह गये वह अपने को फेल नहीं समझे. उन्हें यह समझना चाहिए कि वह सक्सेस की प्रक्रिया में शामिल हो चुके हैं.

जो मेडल लायेगा, वह नौकरी पायेगा

बिहार को खेल के विषय में अधिक से अधिक विकास करें. जो मेडल लायेगा, वह नौकरी पायेगा. यह नीति बनायी है. बेरोजगारी बहुत है. डिग्री है पर नौकरी नहीं है. बेरोजगारी सबसे बड़ी बाधा है. हम लोगों ने पालिसी लायी है और उसकी शुरूआत की. नौकरी मिल रही है. खेलकूद का माहौल सभी स्कूलों में दिखनी चाहिये, खास कर ग्रामीण स्कूलों में. सरकार ने एक लाख से अधिक शिक्षकों की नियुक्ति एक दिन में की है. यह देश के किसी भी राज्य में नहीं हुआ. ग्रामीण स्कूलों में भी बुनियादी सुविधाएं मुहैया करायी जा रही है. उन्होंने कहा कि मैं भी युवा हूं. बिहार के बच्चों का भविष्य बेहतर हो, इसका सपना हम लोगों ने देखा है और इसे पूरा करेंगे.

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