वीरपुर का मानसरोवर झील बनेगा नया पर्यटन हब, 32 एकड़ में फैली परियोजना का अधिकारियों ने किया निरीक्षण

फोटो कैप्शन - निरीक्षण करते पदाधिकारी | Prabhat Khabar Network
वीरपुर की मानसरोवर झील परियोजना अब एक बड़े पर्यटन केंद्र के रूप में आकार लेने वाली है. 32 एकड़ में फैली इस महत्वाकांक्षी परियोजना का अधिकारियों ने निरीक्षण कर विकास रोडमैप तैयार करने पर जोर दिया है. यह पहल न केवल पर्यटन को बढ़ावा देगी, बल्कि मत्स्य पालन और पक्षी संरक्षण के साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करेगी.
Supaul News: सुपौल जिले के वीरपुर में वर्षों से चर्चा में रही मानसरोवर झील परियोजना अब एक बार फिर सुर्खियों में है. अनुमंडल मुख्यालय स्थित बस स्टैंड के समीप लगभग 32 एकड़ क्षेत्र में फैली इस महत्वाकांक्षी परियोजना का उप विकास आयुक्त (डीडीसी) इंद्रवीर कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) विनय कुमार और वन प्रमंडल पदाधिकारी (डीएफओ) आतिश कुमार ने संयुक्त रूप से निरीक्षण किया. अधिकारियों ने झील परिसर में चल रहे निर्माण कार्यों का जायजा लिया और इसे एक बड़े पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में प्रारंभिक रोडमैप तैयार करने पर चर्चा की.
भारत-नेपाल सीमा से सटे इस क्षेत्र में पर्यटन की संभावनाओं को देखते हुए प्रशासन अब इस परियोजना को केवल एक झील तक सीमित नहीं रखना चाहता, बल्कि इसे पर्यटन, मत्स्य पालन, पक्षी संरक्षण और स्थानीय आर्थिक विकास से जोड़ने की योजना बना रहा है. यदि परियोजना समय पर पूरी होती है, तो वीरपुर को एक नई पहचान मिल सकती है.
40 मिनट तक चला निरीक्षण, तैयार होगा विकास रोडमैप
डीडीसी, एसडीएम और डीएफओ ने अर्धनिर्मित झील के भीतर पहुंचकर विभिन्न संरचनाओं और उपलब्ध व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया.
करीब 40 मिनट तक चले इस निरीक्षण के दौरान परियोजना की वर्तमान स्थिति, शेष निर्माण कार्य और समग्र विकास की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई. अधिकारियों ने बताया कि निरीक्षण के आधार पर एक विस्तृत प्रारंभिक रिपोर्ट तैयार की जाएगी, जिसे जिलाधिकारी को सौंपा जाएगा.
पर्यटन की अपार संभावनाएं
निरीक्षण के बाद डीडीसी इंद्रवीर कुमार ने कहा कि भारत-नेपाल सीमा के निकट स्थित यह क्षेत्र प्राकृतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है.
उन्होंने कहा कि मानसरोवर झील परियोजना पूरी होने के बाद वीरपुर शहर की सुंदरता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी. साथ ही स्थानीय युवाओं और छोटे व्यवसायियों के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे. प्रशासन का मानना है कि यह झील भविष्य में सुपौल जिले के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल हो सकती है.
मत्स्य पालन और पक्षी संरक्षण को भी मिलेगा बढ़ावा
डीडीसी ने यह भी संकेत दिया कि झील परियोजना को बहुउद्देश्यीय स्वरूप दिया जाएगा.
पर्यटन के साथ-साथ यहां मत्स्य पालन को बढ़ावा देने और पक्षियों के संरक्षण के लिए भी योजनाएं तैयार की जा रही हैं. इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को अतिरिक्त सहारा मिलेगा और पर्यावरणीय संतुलन को भी मजबूती मिलेगी.
डीएफओ बोले, स्थल काफी आकर्षक
वन प्रमंडल पदाधिकारी आतिश कुमार ने बताया कि जिले में पदस्थापना के बाद यह उनका दूसरा दौरा है.
उन्होंने कहा कि मानसरोवर झील का क्षेत्र प्राकृतिक रूप से काफी आकर्षक है और यहां पहले ही उल्लेखनीय कार्य किए जा चुके हैं. शेष बचे निर्माण कार्यों को शीघ्र पूरा कराने के लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित किया जा रहा है.
Supaul News:विकास कार्यों को मिलेगी नई गति
एसडीएम विनय कुमार ने कहा कि वीरपुर में पिछले कुछ समय से विकास कार्यों की गति तेज हुई है.
उन्होंने विश्वास जताया कि मानसरोवर झील परियोजना भी जल्द पूर्ण होगी. निरीक्षण के दौरान अब तक पूरे हो चुके कार्यों की समीक्षा की गई और शेष कार्यों को लेकर विस्तृत चर्चा हुई.
स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा नया आधार
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि झील परियोजना पर्यटन के साथ स्थानीय व्यापार और सेवा क्षेत्र से जुड़ती है, तो इसका लाभ आसपास के बाजार, होटल, परिवहन, हस्तशिल्प और छोटे उद्यमों को भी मिलेगा.
भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में आने वाले पर्यटकों और यात्रियों के लिए यह एक आकर्षक पड़ाव बन सकता है. इससे वीरपुर की पहचान केवल सीमा क्षेत्र के कस्बे के रूप में नहीं, बल्कि एक उभरते पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित हो सकती है.
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By Prabhat Khabar News Desk
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