सुपौल में राजस्व मामलों के निपटारे की डेडलाइन तय, 3 दिन में कार्रवाई और 15 दिन विशेष कैंप

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बैठक करते अपर समाहर्ता, | Prabhat Khabar Network

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सुपौल प्रशासन ने जमीन और राजस्व से जुड़े लंबित मामलों के त्वरित निपटारे पर जोर दिया है. अपर समाहर्ता ने तीन दिनों के अंदर सभी लंबित मामलों का निष्पादन करने का निर्देश दिया है. ई-मापी, लगान वसूली और जमाबंदी अपडेट के लिए 15 दिनों तक विशेष कैंप लगाए जाएंगे.

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Supaul Revenue Cases : सुपौल. जमीन और राजस्व से जुड़े लंबित मामलों के कारण लोगों को होने वाली परेशानी को देखते हुए प्रशासन ने अब इनके त्वरित निष्पादन पर जोर दिया है. बुधवार को सरायगढ़-भपटियाही अंचल में राजस्व कार्यों की समीक्षा के दौरान अपर समाहर्ता सच्चिदानंद सुमन ने सभी लंबित मामलों का तीन दिनों के अंदर निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. वहीं ई-मापी, लगान वसूली और जमाबंदी अपडेट के काम में तेजी लाने के लिए अगले 15 दिनों तक विशेष कैंप लगाने का आदेश दिया गया.

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समीक्षा बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई. इसमें भूमि सुधार उप समाहर्ता, अंचल अधिकारी, राजस्व अधिकारी, राजस्व कर्मचारी और अंचल अमीन शामिल हुए. बैठक में राजस्व से जुड़े अलग-अलग कार्यों की प्रगति की बिंदुवार समीक्षा की गई.

अभियान बसेरा-2 के 25 मामले मिले लंबित

बैठक के दौरान अभियान बसेरा-2 के 25 मामले लंबित पाए गए. अपर समाहर्ता ने इन मामलों के जल्द निष्पादन के लिए संबंधित कर्मचारियों को पात्र लाभुकों के लिए भूमि चिन्हित करने का निर्देश दिया.

अभियान बसेरा-2 जैसे मामलों का सीधा संबंध जरूरतमंद परिवारों से है. ऐसे में प्रशासन ने स्पष्ट किया कि पात्र लाभुकों से जुड़े मामलों को अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रखा जाए. संबंधित कर्मचारियों को निर्धारित प्रक्रिया पूरी कर तेजी से कार्रवाई करने को कहा गया.

15 दिनों तक लगेगा विशेष कैंप

ई-मापी, लगान वसूली और जमाबंदी अपडेशन के कार्यों में तेजी लाने के लिए अगले 15 दिनों तक विशेष कैंप आयोजित करने का निर्देश दिया गया है. इसका उद्देश्य लंबित मामलों को एक निर्धारित अवधि में निपटाना और राजस्व संबंधी कामकाज में तेजी लाना है.

भूमि से जुड़े मामलों में ई-मापी और जमाबंदी रिकॉर्ड का विशेष महत्व है. रिकॉर्ड में अपडेट या जमीन की मापी से जुड़े मामलों के लंबित रहने पर लोगों को अपने ही जमीन संबंधी काम के लिए कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ सकते हैं. ऐसे में विशेष कैंप के जरिए लंबित कार्यों को गति देने पर प्रशासन का जोर है.

दाखिल-खारिज और परिमार्जन मामलों की भी समीक्षा

समीक्षा बैठक में लंबित दाखिल-खारिज और लंबित परिमार्जन मामलों की प्रगति भी देखी गई. इसके अलावा राजस्व महाअभियान, ई-मापी रिपोर्ट और जमाबंदी अपडेट रिपोर्ट समेत अन्य राजस्व कार्यों की स्थिति की समीक्षा की गई.

अपर समाहर्ता ने अधिकारियों और कर्मचारियों को सभी लंबित मामलों का समय-सीमा के भीतर निष्पादन सुनिश्चित करने को कहा. उन्होंने स्पष्ट किया कि लंबित मामलों के निपटारे में किसी तरह की अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए.

जांच से जुड़े आवेदनों पर भी तेजी का निर्देश

बैठक में विभिन्न स्तरों से प्राप्त जांच से संबंधित लंबित आवेदनों की भी समीक्षा की गई. अधिकारियों और कर्मचारियों को ऐसे सभी आवेदनों का शीघ्र निष्पादन करने का निर्देश दिया गया.

अपर समाहर्ता ने राजस्व कार्यों में निर्धारित समय-सीमा का पालन करने पर भी विशेष जोर दिया. उन्होंने कहा कि सभी स्तरों पर काम की नियमित निगरानी होनी चाहिए, ताकि लंबित मामलों की संख्या कम की जा सके और आम लोगों से जुड़े भूमि एवं राजस्व मामलों का समयबद्ध तरीके से निष्पादन सुनिश्चित हो.

Supaul Revenue Cases : नियमित निगरानी से काम में तेजी लाने पर जोर

प्रशासन की समीक्षा का मुख्य फोकस लंबित राजस्व मामलों को कम करना और कार्यों की गति बढ़ाना रहा. अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे राजस्व कार्यों की नियमित निगरानी करें और प्रगति में तेजी लाएं.

अब अगले 15 दिनों तक विशेष कैंप के जरिए ई-मापी, लगान वसूली और जमाबंदी अपडेट जैसे कार्यों को आगे बढ़ाया जाएगा. वहीं अन्य लंबित मामलों को भी तय समय-सीमा में निपटाने का निर्देश दिया गया है. इससे जमीन और राजस्व से जुड़े मामलों के समाधान की उम्मीद कर रहे लोगों को राहत मिलने की संभावना है.

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