राघोपुर में OSR प्रशिक्षण के बाद मुखियाओं का सरकार पर हमला, बोले- आय के स्रोत दिए बिना राजस्व लक्ष्य थोपना उचित नहीं

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कार्यक्रम के दौरान विभिन्न पंचायतों के मुखिया | Prabhat Khabar Network

कार्यक्रम के दौरान विभिन्न पंचायतों के मुखिया | Prabhat Khabar Network

राघोपुर में OSR प्रशिक्षण कार्यक्रम के बाद पंचायत प्रतिनिधियों ने राज्य सरकार की नई राजस्व नीति पर सवाल उठाए हैं. मुखिया संघों का कहना है कि पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए पहले स्थायी आय के स्रोत और पर्याप्त वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराए जाएं.

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Supaul News: सुपौल जिले के राघोपुर में आयोजित ऑन सोर्स रेवेन्यू (OSR) प्रशिक्षण कार्यक्रम के बाद पंचायत प्रतिनिधियों ने राज्य सरकार की नई राजस्व नीति पर सवाल खड़े कर दिए. राघोपुर, बसंतपुर और सरायगढ़-भपटियाही प्रखंड के मुखिया संघों ने संयुक्त रूप से कहा कि पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने की बात तब तक व्यावहारिक नहीं है, जब तक सरकार उन्हें स्थायी आय के स्रोत और पर्याप्त वित्तीय संसाधन उपलब्ध नहीं कराती. मुखियाओं ने मांग की कि 16वें वित्त आयोग के तहत OSR लागू करने से पहले पंचायतों की आर्थिक स्थिति को मजबूत किया जाए.

राघोपुर में आयोजित हुआ OSR प्रशिक्षण कार्यक्रम

गुरुवार को राघोपुर प्रखंड मुख्यालय स्थित टीसीपी भवन में ऑन सोर्स रेवेन्यू (OSR) विषय पर एक दिवसीय प्रखंड स्तरीय गैर-आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया.

प्रशिक्षण में राघोपुर, बसंतपुर और सरायगढ़-भपटियाही प्रखंडों के विभिन्न पंचायतों के मुखियाओं ने भाग लिया और OSR व्यवस्था तथा 16वें वित्त आयोग के प्रावधानों की जानकारी प्राप्त की.

प्रशिक्षण के बाद सरकार की नीति पर जताई आपत्ति

कार्यक्रम समाप्त होने के बाद तीनों प्रखंडों के मुखिया संघों ने संयुक्त प्रेस बयान जारी कर राज्य सरकार की OSR नीति पर पुनर्विचार की मांग की.

इस बयान का नेतृत्व राघोपुर मुखिया संघ के अध्यक्ष प्रकाश यादव, बसंतपुर मुखिया संघ की अध्यक्ष नेहा मौसम खेड़वार और सरायगढ़-भपटियाही मुखिया संघ के अध्यक्ष विजय कुमार यादव ने किया.

“आय के साधन नहीं, फिर कैसे बढ़ाएं राजस्व?”

मुखिया संघ के प्रतिनिधियों ने कहा कि OSR लागू करने का उद्देश्य पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाना बताया जा रहा है, लेकिन अधिकांश पंचायतों के पास आय के पर्याप्त साधन उपलब्ध ही नहीं हैं.

उनका कहना है कि कई पंचायतों में हाट-बाजार, तालाब, पोखर या अन्य स्थायी राजस्व स्रोत नहीं हैं, ऐसे में स्थानीय स्तर पर आय बढ़ाना बेहद कठिन है.

मुखियाओं का तर्क है कि ऐसी स्थिति में पंचायतों पर अतिरिक्त राजस्व संग्रह का दायित्व डालना व्यवहारिक नहीं है.

16वें वित्त आयोग से पहले आर्थिक आधार मजबूत करने की मांग

मुखिया संघ ने कहा कि 16वें वित्त आयोग की अनुशंसाओं के अनुरूप OSR लागू करने से पहले राज्य सरकार को पंचायतों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए.

उन्होंने मांग की कि पंचायतों के लिए स्थायी आय के स्रोत विकसित किए जाएं, आधारभूत संरचनाओं का विस्तार किया जाए और पर्याप्त वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराए जाएं, ताकि वे अपनी जिम्मेदारियों का प्रभावी ढंग से निर्वहन कर सकें.

नल-जल योजना की बदहाल स्थिति का भी उठाया मुद्दा

मुखिया प्रतिनिधियों ने पंचायतों में संचालित नल-जल योजना की स्थिति पर भी चिंता जताई.

उनका कहना है कि कई स्थानों पर योजनाएं बंद पड़ी हैं, जबकि कई जगहों पर पेयजल आपूर्ति नियमित और गुणवत्तापूर्ण नहीं हो रही है.

मुखियाओं ने कहा कि जब बुनियादी सेवाएं ही पूरी तरह सुचारु नहीं हैं, तब पंचायतों पर अतिरिक्त राजस्व संग्रह का दबाव डालना उचित नहीं होगा.

पंचायत सरकार भवन और आधारभूत ढांचे पर जोर

मुखिया संघ ने यह भी कहा कि कई पंचायतों में पंचायत सरकार भवनों का निर्माण कार्य अब तक अधूरा है.

उन्होंने सरकार से मांग की कि पंचायतों के आधारभूत ढांचे को मजबूत किया जाए, स्थायी आय के स्रोत विकसित किए जाएं और स्वच्छता मद को 16वें वित्त आयोग की राशि से अलग रखा जाए.

उनका कहना है कि इन बुनियादी सुधारों के बाद ही OSR व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू किया जा सकता है.

Supaul News: कई जनप्रतिनिधि रहे मौजूद

प्रशिक्षण कार्यक्रम और बाद की बैठक में अनीता देवी, मीरा देवी, सरस्वती देवी, चंदन राम, प्रीति कुमारी, चंद्रकला देवी, गुलेशा खातून, कमलेश साह, नोशी प्रवीण, इंदु देवी सहित तीनों प्रखंडों के अनेक जनप्रतिनिधि मौजूद रहे.

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आशुतोष झा

लेखक के बारे में

By आशुतोष झा

आशुतोष झा प्रिंट माध्यम में 16 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. सामाजिक सरोकार, शिक्षा, अपराध, राजनीति, कला-संस्कृति की खबरों में रुचि रखते हैं. राघोपुर (सुपौल) क्षेत्र में काम कर रहे हैं.

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