सुपौल में फर्जी बायोमीट्रिक व इनरोलमेंट गिरोह का खुलासा: सीएससी सेंटर से 5 लैपटॉप व आईरिस स्कैनर जब्त, 2 गिरफ्तार

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गिरफ्तार सीएससी संचालक | Prabhat Khabar Network

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पुलिस ने सुपौल में एक बड़े साइबर अपराध और फर्जी दस्तावेज गिरोह का पर्दाफाश किया है. एक कॉमन सर्विस सेंटर पर छापेमारी में दो मुख्य संचालकों को गिरफ्तार कर हाईटेक उपकरण जब्त किए गए हैं.

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सुपौल जिले में साइबर अपराध और फर्जी दस्तावेजों के जरिए अवैध कमाई करने वाले एक बड़े नेटवर्क का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है. जिले के मरौना थाना क्षेत्र अंतर्गत भलुआही स्थित एक कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) और डिजिटल स्टूडियो में छापेमारी कर पुलिस ने फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाले रैकेट का पर्दाफाश करते हुए दो शातिरों को रंगेहाथ गिरफ्तार किया है.

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मौके से भारी मात्रा में फर्जीवाड़े में इस्तेमाल होने वाले तकनीकी उपकरण, डमी रबर/सिलिकॉन फिंगरप्रिंट, आईरिस स्कैनर, 5 लैपटॉप तथा बड़ी संख्या में ब्लैंक जन्म प्रमाण-पत्र और अन्य इनरोलमेंट संबंधी दस्तावेज बरामद किए गए हैं.

गुप्त सूचना पर एसपी के निर्देश पर बनी विशेष टीम

इस पूरे गिरोह के कारनामों की जानकारी पुलिस को 10 सितंबर को मिली थी:

  • सटीक इनपुट: मरौना थाना पुलिस को सूचना मिली कि भलुआही इलाके में सीएससी सेंटर की आड़ में अवैध तरीके से कार्ड, निवास प्रमाण-पत्र और जन्म प्रमाण-पत्र जैसे महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेज तैयार किए जा रहे हैं.
  • अवैध वसूली: इन फर्जी दस्तावेजों को बनाने के एवज में भोले-भाले ग्रामीणों और लाभुकों से मनमाना शुल्क वसूला जा रहा था.
  • विशेष टीम का गठन: सूचना की पुष्टि के बाद पुलिस अधीक्षक (SP) के निर्देश पर साइबर थाना के डीएसपी सह थानाध्यक्ष के नेतृत्व में एक संयुक्त विशेष टीम गठित कर त्वरित छापेमारी की योजना बनाई गई.

संजीव सीएससी और अजय डिजिटल स्टूडियो में छापेमारी: हाईटेक उपकरण बरामद

पुलिस की विशेष टीम ने भलुआही स्थित संजीव कॉमन सर्विस सेंटर और अजय डिजिटल स्टूडियो में एक साथ दबिश दी:

  • तकनीकी उपकरण जब्त: तलाशी के दौरान पुलिस ने 5 लैपटॉप, 1 डमी रबर/सिलिकॉन फिंगरप्रिंट (क्लोन अंगूठा), 1 आईरिस स्कैनर, 1 फिंगर स्कैनर और पेनड्राइव जब्त किए.
  • फर्जी दस्तावेज बरामद: सेंटर से भारी मात्रा में पहले से हस्ताक्षरित या खाली ब्लैंक जन्म प्रमाण-पत्र, इनरोलमेंट किए हुए फॉर्म तथा कई संदिग्ध पहचान दस्तावेज बरामद किए गए.

गिरफ्तार आरोपितों का विवरण

पुलिस ने मौके से दो मुख्य संचालकों को गिरफ्तार किया है:

  • सुभेष कुमार: (पिता- शिवनारायण मुखिया), निवासी- ग्राम कुश्मौल, वार्ड नंबर 07, थाना मरौना, जिला सुपौल.
  • अजय कुमार सिंह: (पिता- स्व. विपिन बिहारी), निवासी- ग्राम कुसौर, वार्ड नंबर 05, थाना मधेपुर, जिला मधुबनी.

साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज, पूरे सिंडिकेट की तलाश में छापेमारी

पुलिस की प्राथमिक पूछताछ में यह बात सामने आई है कि यह गिरोह सिलिकॉन फिंगरप्रिंट और फर्जी सॉफ्टवेयर टूल्स के जरिए बायोमीट्रिक सिस्टम को बाईपास कर सरकारी पहचान पत्रों में हेरफेर करता था.

सुपौल साइबर थाने में इस मामले को लेकर सुसंगत कानूनी धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोनों आरोपितों से मिली कड़ियों के आधार पर मधुबनी, सुपौल और आसपास के जिलों में फैले इनके सहयोगियों और मास्टरमाइंड को दबोचने के लिए लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है.

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