सुपौल: पिपरा ब्रह्माकुमारी सेवा केंद्र में मना आध्यात्मिक रक्षाबंधन, बहनों ने बांधा रक्षा सूत्र; दिया बुराइयों के त्याग का संदेश
कार्यक्रम को संबोधित करती बहन। | Prabhat Khabar Network
पिपरा स्थित प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय में रक्षाबंधन का पावन पर्व आध्यात्मिक रूप से मनाया गया. इस अवसर पर आत्म-स्मृति का तिलक लगाकर पवित्र रक्षा सूत्र बांधा गया और विकारों के त्याग का संकल्प दिलाया गया.
सुपौल जिले के पिपरा स्थित प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के सेवा केंद्र (बाबा हार्डवेयर परिसर) में रक्षाबंधन का पावन पर्व अत्यंत आध्यात्मिक, गरिमामयी और हर्षोल्लासपूर्ण वातावरण में मनाया गया. इस पावन अवसर पर विशेष सत्संग, स्नेह मिलन और प्रवचन कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें स्थानीय गणमान्य नागरिकों, बुद्धिजीवियों और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया. कार्यक्रम के दौरान ब्रह्माकुमारी बहनों ने सभी को आत्म-स्मृति का तिलक लगाकर पवित्र रक्षा सूत्र बांधा.
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राखी सिर्फ धागा नहीं, पवित्रता और विकारों के त्याग का संकल्प
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सेवा केंद्र की मुख्य संचालिका ब्रह्माकुमारी सुनीता बहन ने रक्षाबंधन के गूढ़ आध्यात्मिक महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला:
- आध्यात्मिक दृष्टिकोण: उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के लौकिक रिश्ते तक सीमित त्योहार नहीं है, बल्कि यह परमात्मा से जुड़ने और अपनी आत्मा की रक्षा करने का पावन संकल्प है.
- सच्चा अर्थ: राखी का वास्तविक अर्थ काम, क्रोध, लोभ, मोह और अहंकार जैसे विकारों व नकारात्मक विचारों का त्याग कर मन में शांति, प्रेम, सद्भाव और आंतरिक पवित्रता को धारण करना है.
आत्म-स्मृति का तिलक और रक्षा सूत्र बंधन
समारोह के दौरान आश्रम की बहनों द्वारा पारंपरिक व आध्यात्मिक रीति-रिवाजों से उत्सव मनाया गया:
- तिलक व रक्षा सूत्र: ब्रह्माकुमारी बहनों ने उपस्थित सभी साधकों और अतिथियों के मस्तक पर आत्म-स्मृति का तिलक लगाया और उनकी कलाई पर पवित्र राखी बांधकर उनके मंगलमय व उज्ज्वल भविष्य की प्रार्थना की.
- प्रसाद व ईश्वरीय संदेश: सभी श्रद्धालुओं का मुख मीठा कराकर उन्हें ईश्वरीय प्रसाद और ईश्वरीय ज्ञान संदेश की प्रतियां भेंट की गईं.
सामूहिक राजयोग ध्यान से सराबोर हुआ वातावरण
कार्यक्रम के समापन सत्र में उपस्थित सभी लोगों को सामूहिक 'राजयोग मेडिटेशन' का अभ्यास कराया गया:
- सद्भाव का संकल्प: श्रद्धालुओं ने ईश्वरीय ज्ञान को अपनी दिनचर्या में उतारने और समाज में शांति, सद्भाव व आपसी भाईचारा फैलाने का दृढ़ संकल्प लिया.
- दिव्य अनुभूति: ध्यान के दौरान पूरा परिसर अलौकिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा से भर उठा.
कार्यक्रम में ये प्रमुख लोग रहे उपस्थित
इस आध्यात्मिक आयोजन में कई वरिष्ठ भाई-बहन और स्थानीय गणमान्य नागरिक मौजूद रहे:
- ब्रह्माकुमारी बहनें: शालिनी बहन, लक्ष्मी बहन, संजू बहन.
- गणमान्य नागरिक: बद्री नारायण गुप्ता, मनोज कुमार, विश्वनाथ शाह, उपेंद्र गुप्ता, राम सिंह उर्फ रामू जी, तेज नारायण साह, नारायण गुप्ता, मुन्ना गुप्ता सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे.
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