खाद की कालाबाजारी पर विभाग का प्रहार, अनियमितता मिलने पर खाद दुकान का लाइसेंस रद्द, दो से जवाब-तलब

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खाद दुकान की जांच करते अधिकारी | Prabhat Khabar Network

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Agriculture Department Action : : कृषि विभाग ने खाद की कालाबाजारी और अनियमितताओं के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है. एक खाद दुकान का लाइसेंस रद्द कर दिया गया है, जबकि दो अन्य दुकानदारों से जवाब मांगा गया है.

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Agriculture Department Action : जिला कृषि पदाधिकारी के निर्देश पर प्रखंड कृषि पदाधिकारी (बीएओ) नीतीश कुमार ने बाजार क्षेत्र की कई खाद दुकानों का औचक निरीक्षण किया. जांच के दौरान चार दुकानों के रिकॉर्ड, स्टॉक और लाइसेंस की जांच की गई. इस कार्रवाई का उद्देश्य किसानों को निर्धारित मूल्य पर खाद उपलब्ध कराना और कालाबाजारी पर रोक लगाना था.

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एक दुकान में मिलीं कई गंभीर अनियमितताएं

जांच के दौरान नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड-25 स्थित मेला ग्राउंड के समीप काली मंदिर के पास संचालित पूजा ट्रेडर्स में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं. पीओएस मशीन में दर्ज स्टॉक और वास्तविक स्टॉक में भारी अंतर पाया गया. इसके अलावा लाइसेंस में दर्ज स्थान के बजाय दूसरे स्थान पर दुकान संचालित की जा रही थी. लाइसेंस में अंकित पता और वास्तविक दुकान का पता भी अलग मिला. वहीं दुकान पर सूचना पट्ट भी अद्यतन नहीं था.

बिना अभिलेख के मिला खाद का स्टॉक

बीएओ ने बताया कि दुकान में "हरा सोना" ब्रांड के 10 बोरा मिक्सचर खाद का स्टॉक मिला, लेकिन विक्रेता उसके संबंध में कोई वैध खरीद बिल या अभिलेख प्रस्तुत नहीं कर सका. इन सभी अनियमितताओं को गंभीर मानते हुए दुकान का लाइसेंस रद्द करने की अनुशंसा की गई. जिला कृषि पदाधिकारी ने अनुशंसा स्वीकार करते हुए बुधवार को तत्काल प्रभाव से लाइसेंस रद्द कर दिया.

अधिक कीमत पर बिक्री के आरोप में दो से जवाब-तलब

किसानों की शिकायत पर दो अन्य खाद विक्रेताओं की भी जांच की गई. प्रारंभिक जांच में निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर खाद बेचने के आरोप सही पाए गए. इसके बाद दोनों दुकानदारों से स्पष्टीकरण मांगा गया है. विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि उनका जवाब संतोषजनक नहीं मिला तो उनके विरुद्ध भी नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

थोक विक्रेताओं पर भी उठे सवाल

जांच के दौरान कुछ खाद विक्रेताओं ने नाम नहीं प्रकाशित करने की शर्त पर दावा किया कि स्थानीय थोक विक्रेता ही निर्धारित दर से अधिक कीमत पर खाद उपलब्ध कराते हैं. उनका कहना था कि महंगे दाम पर खाद खरीदने के कारण निर्धारित मूल्य पर बिक्री करना मुश्किल हो जाता है. हालांकि इस दावे की विभागीय स्तर पर अलग से जांच की जा सकती है.

कार्रवाई से मचा हड़कंप, किसानों को दी राहत

कृषि विभाग की इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र के खाद व्यवसायियों में हड़कंप मच गया है. विभाग ने साफ किया है कि किसानों के हितों से खिलवाड़ करने, कालाबाजारी करने और अधिक कीमत वसूलने वाले विक्रेताओं के खिलाफ आगे भी लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि किसानों को समय पर उचित मूल्य पर खाद उपलब्ध हो सके.


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