सीवान के दरौंदा में एमआरएफ, कंपोस्ट प्लांट और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का ग्रामीणों ने किया विरोध, जांच की मांग

Author Ravindra Kumar|Edited by Vivek Ranjan
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प्रखंड कार्यालय पर जाकर प्रदर्शन करते | Prabhat Khabar Network

प्रखंड कार्यालय पर जाकर प्रदर्शन करते

महाराजगंज नगर पंचायत क्षेत्र में बिना पूर्व सूचना और जनसहमति के प्रस्तावित एमआरएफ, कंपोस्ट प्लांट, सैनिटरी लैंडफिल और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के विरोध में ग्रामीणों ने कड़ा रुख अपनाया है. उन्होंने आवेदन सौंपकर योजना पर तत्काल रोक और निष्पक्ष जांच की मांग की है.

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Siwan News: महाराजगंज नगर पंचायत क्षेत्र के लिए प्रस्तावित एमआरएफ (मैटेरियल रिकवरी फैसिलिटी), कंपोस्ट प्लांट, सैनिटरी लैंडफिल और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट को बिना पूर्व सूचना और जनसहमति के स्थापित किए जाने के विरोध में फतेहपुर समेत आसपास के गांवों के ग्रामीणों ने कड़ा विरोध जताया है. ग्रामीणों ने अंचलाधिकारी, दरौंदा को आवेदन सौंपकर योजना पर तत्काल रोक लगाने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है.

बिना सूचना भूमि आवंटन का लगाया आरोप

ग्रामीणों का कहना है कि कोथुआ सारंगपुर पंचायत के फतेहपुर गांव स्थित खाता संख्या-145 एवं सर्वे संख्या-81 की लगभग 8.10 एकड़ भूमि को बिना सार्वजनिक सूचना और ग्रामसभा की सहमति के नगर पंचायत महाराजगंज के लिए एमआरएफ, कंपोस्ट प्लांट, सैनिटरी लैंडफिल और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की स्थापना हेतु आवंटित कर दिया गया है.

झील क्षेत्र में परियोजना से पर्यावरण को खतरे की आशंका

आवेदन में ग्रामीणों ने बताया कि संबंधित भूमि वर्षों से झील (जलभराव क्षेत्र) के रूप में विद्यमान है. ऐसे संवेदनशील क्षेत्र में कचरा और सीवेज से जुड़े संयंत्र स्थापित होने से जल, वायु और मिट्टी के प्रदूषित होने की आशंका है. इससे पर्यावरण के साथ-साथ स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य पर भी गंभीर प्रभाव पड़ सकता है.

कई गांवों के लोगों पर पड़ सकता है असर

ग्रामीणों के अनुसार यदि यहां यह परियोजना स्थापित होती है तो फतेहपुर, अभूई, के.टी. भरौली, डुमरी, चिंतामनपुर समेत आसपास के कई गांवों के हजारों लोगों को दुर्गंध, प्रदूषण और संक्रामक बीमारियों जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है.

जांच और जनसहमति के बाद ही हो निर्णय

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि परियोजना पर तत्काल रोक लगाई जाए, पूरे मामले की पारदर्शी जांच कराई जाए तथा स्थानीय लोगों की सहमति और पर्यावरणीय मानकों का पालन सुनिश्चित करने के बाद ही कोई अंतिम निर्णय लिया जाए. उन्होंने कहा कि जनहित और पर्यावरण की सुरक्षा के लिए वे इस योजना का शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से विरोध जारी रखेंगे.

आवेदन देने के दौरान रहे मौजूद

आवेदन सौंपने के दौरान मुखिया प्रतिनिधि राजमंगल मांझी, जितेंद्र कुमार, रमेश कुशवाहा, अंकित कुमार, उज्जवल कुमार, दीपक कुमार, मनु प्रसाद, मुन्ना पंडित, जाकिर हुसैन, सत्येंद्र महतो, अर्जुन प्रसाद, रमाशंकर मांझी सहित दर्जनों ग्रामीण उपस्थित रहे.

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