मैरवा में शवदाह की जगह पर बनना है कचड़ा निस्तारण प्लांट, विरोध कर रहे लोगों ने काम रुकवाया
शवदाह गृह की जगह बन रहे कचड़ा घर का विरोध करते हुए ग्रामीण | Prabhat Khabar Network
मैरवा में श्मशान घाट पर कचरा निस्तारण प्लांट के निर्माण पर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा. ग्रामीणों ने निर्माण स्थल पर पहुंचकर कार्य रुकवा दिया और प्रशासन को चेतावनी दी. स्थानीय विधायक ने भी मामले को गंभीरता से लिया है.
मैरवा प्रखंड क्षेत्र की कैथवली पंचायत के वार्ड संख्या-5 में प्रस्तावित कचड़ा निस्तारण प्लांट के निर्माण को लेकर मंगलवार को ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा. बड़ी संख्या में ग्रामीण निर्माण स्थल पर पहुंच गए और विरोध प्रदर्शन करते हुए निर्माण कार्य रुकवा दिया. सूचना पर पहुंची पुलिस ने लोगों को समझाकर स्थिति को शांत कराया. ग्रामीणों का आरोप है कि जिस स्थान पर कचड़ा निस्तारण प्लांट बनाया जा रहा है, वहां वर्षों से शवदाह का कार्य होता आ रहा है. उनका कहना है कि दो वर्ष पूर्व भी विरोध के बाद निर्माण कार्य रोक दिया गया था. उस समय तत्कालीन जीरादेई विधायक अमरजीत कुशवाहा ने भी उक्त स्थल पर प्लांट नहीं बनाने की बात कही थी. इसके बावजूद एक बार फिर निर्माण कार्य शुरू करा दिया गया. ग्रामीणों ने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि शवदाह स्थल पर कचड़ा निस्तारण प्लांट बनाने का प्रयास किया गया तो वे व्यापक आंदोलन करेंगे. उनका कहना है कि पहले शवदाह गृह का निर्माण कराया जाए, उसके बाद अन्य योजनाओं पर विचार किया जाए.
इधर, दो दिन पूर्व क्षेत्र भ्रमण के दौरान ग्रामीणों ने अपनी शिकायत जीरादेई विधायक भीष्म प्रताप सिंह के समक्ष भी रखी थी. विधायक ने निर्माण स्थल का निरीक्षण कर पाया कि प्रस्तावित कचड़ा निस्तारण प्लांट और शवदाह स्थल एक-दूसरे से सटे हुए हैं, जो ग्रामीणों की भावनाओं और व्यवहारिक दृष्टि से उचित नहीं है. उन्होंने बीडीओ को मामले की जांच कराने तथा जांच पूरी होने तक निर्माण कार्य स्थगित रखने का निर्देश देने की बात कही.
विधायक ने आरोप लगाया कि उनके निर्देश की भी अनदेखी की गई. उन्होंने कहा कि विकास कार्य जनता की सहमति और हितों को ध्यान में रखकर ही होने चाहिए.
समाजसेवी धर्मेंद्र यादव ने कहा कि ग्रामीणों की पहली मांग शवदाह गृह के निर्माण की है, इसलिए प्राथमिकता उसी को मिलनी चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि लोगों को गुमराह कर कचड़ा निस्तारण प्लांट बनाया जा रहा है, जिसे स्वीकार नहीं किया जाएगा. उनका कहना था कि "जनता से सरकार है, सरकार से जनता नहीं.'' वहीं, स्थानीय प्रतिनिधि शशि यादव ने विरोध के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि कुछ लोग सरकारी विकास कार्य में बाधा उत्पन्न कर रहे हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि योजना के तहत वहां कचड़ा निस्तारण प्लांट और शवदाह गृह दोनों का निर्माण कराया जाएगा तथा सभी कार्य जनता के हित को ध्यान में रखकर किए जा रहे हैं.
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