वीनस दीक्षित को मिलेगा राजकीय शिक्षक पुरस्कार 2026, सीवान की शिक्षिका ने शिक्षा में बनाई अलग पहचान, पढ़िए उनके संघर्ष की कहानी
वीनस दीक्षित
Teachers Day 2026: सीवान की आदर्श राजकीय मध्य विद्यालय की शिक्षिका वीनस दीक्षित को राजकीय शिक्षक पुरस्कार-2026 के लिए चुना गया है। उनके नवाचार और समर्पण ने शिक्षा के क्षेत्र में उन्हें एक खास पहचान दिलाई है।
Teachers Day 2026: (मनीष गिरी) मेहनत, लगन और विद्यार्थियों के प्रति समर्पण के दम पर शिक्षा के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाने वाली सीवान जिले के जीरादेई स्थित आदर्श राजकीय मध्य विद्यालय की शिक्षिका वीनस दीक्षित का चयन राजकीय शिक्षक पुरस्कार-2026 के लिए किया गया है. शिक्षक दिवस के अवसर पर शनिवार को पटना के श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में आयोजित समारोह में उन्हें सम्मानित किया जाएगा.
आपके शहर में
राज्य के सभी 38 जिलों से एक-एक शिक्षक का चयन इस पुरस्कार के लिए किया गया है. सीवान से वीनस दीक्षित का चयन हुआ है.
2013 में शुरू हुआ शिक्षिका बनने का सफर
वीनस दीक्षित ने वर्ष 2013 में शिक्षक भर्ती प्रतियोगिता परीक्षा में सफलता हासिल कर शिक्षिका के रूप में अपने सफर की शुरुआत की. इसके बाद उनकी नियुक्ति जीरादेई प्रखंड स्थित आदर्श राजकीय मध्य विद्यालय में हुई. समाजशास्त्र विषय की शिक्षिका के रूप में उन्होंने विद्यार्थियों को पढ़ाने के साथ-साथ उनके सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दिया.
उनका मानना है कि शिक्षक की भूमिका केवल किताबों तक सीमित नहीं होती है. बच्चों में आत्मविश्वास पैदा करना, उन्हें सामाजिक रूप से जागरूक बनाना और उनकी प्रतिभा को आगे बढ़ने का अवसर देना भी शिक्षक की जिम्मेदारी है. इसी सोच के साथ उन्होंने विद्यालय में शिक्षण के नए तरीकों को अपनाया.

नवाचार के जरिए बच्चों में जगायी सीखने की रुचि
वीनस दीक्षित ने विद्यार्थियों को पढ़ाई से जोड़ने के लिए पारंपरिक शिक्षण पद्धति के साथ कई नवाचारों को अपनाया. उनका प्रयास रहा कि बच्चे केवल पाठ को याद न करें, बल्कि विषय को समझें और उसे अपने जीवन से जोड़कर देखें.
कक्षा में बच्चों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के साथ उन्होंने उन्हें सामाजिक मुद्दों और दैनिक जीवन से जुड़े विषयों की जानकारी देने पर भी जोर दिया. उनके प्रयासों से विद्यालय में विद्यार्थियों के बीच सीखने की रुचि बढ़ी.
नेत्रहीन बच्चियों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास
वीनस दीक्षित की शिक्षकीय यात्रा में समावेशी शिक्षा का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा है. विद्यालय परिसर में संचालित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की नेत्रहीन बच्चियों को भी उन्होंने पढ़ाया. उनका प्रयास रहा कि शारीरिक चुनौतियों के बावजूद इन बच्चियों को शिक्षा के समान अवसर मिलें.
उन्होंने सामान्य विद्यार्थियों के साथ दिव्यांग बच्चों को भी सीखने और आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया. इसी तरह के प्रयासों ने उनके शिक्षण कार्य को अलग पहचान दिलायी.
आपदा प्रबंधन की मास्टर ट्रेनर भी हैं
शिक्षण कार्य के साथ वीनस दीक्षित आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में भी सक्रिय हैं. वह आपदा प्रबंधन की मास्टर ट्रेनर के रूप में विद्यार्थियों और लोगों को आपदा के समय बरती जाने वाली सावधानियों तथा बचाव के उपायों के बारे में जागरूक करती रही हैं.
विभिन्न शैक्षणिक और सामाजिक कार्यक्रमों में भी उनकी सक्रिय भागीदारी रही है. शिक्षा के साथ सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यों में योगदान के कारण उनकी पहचान एक सक्रिय शिक्षिका के रूप में बनी है.
एलएलबी और बीएड के बाद अब एमए की पढ़ाई
वीनस दीक्षित ने एलएलबी के बाद बीएड की पढ़ाई पूरी की. वर्तमान में वह एमए की पढ़ाई भी कर रही हैं. शिक्षक बनने के बाद भी लगातार पढ़ाई जारी रखना उनके सीखने और खुद को बेहतर बनाने की कोशिश को दर्शाता है.
उनके पति संदीप कुमार तिवारी पंजाब नेशनल बैंक में मैनेजर हैं. उनकी दो बेटियां हैं. एक बेटी बीटेक की पढ़ाई कर रही है, जबकि दूसरी बेटी सीवान के केंद्रीय विद्यालय में आठवीं कक्षा की छात्रा है.
देवरिया में मायका, सीवान में ससुराल
वीनस दीक्षित का मायका उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के बरहज बरारी दीक्षित गांव में है. उनका ससुराल सीवान जिले के नौतन प्रखंड के नारायणपुर गांव में है.
परिवार के सहयोग ने भी उनके शिक्षकीय सफर को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी. हालांकि, माता-पिता के नाम और पिता के पेशे की विस्तृत जानकारी की पुष्टि उपलब्ध स्रोतों से नहीं हुई है. इसलिए इस संबंध में अपुष्ट जानकारी जोड़ना उचित नहीं होगा.
परिवार से मिली सीख को बच्चों तक पहुंचाया
वीनस दीक्षित की सफलता के पीछे उनकी मेहनत और लगातार सीखने की प्रवृत्ति अहम रही है. परिवार से मिले संस्कार और शिक्षा के प्रति लगाव ने उन्हें शिक्षक बनने की दिशा में आगे बढ़ाया. शिक्षिका बनने के बाद उन्होंने इसी सोच को अपने विद्यार्थियों तक पहुंचाने का प्रयास किया.
उनके लिए बच्चों की सफलता ही सबसे बड़ा पुरस्कार रही है. अब राज्य सरकार की ओर से राजकीय शिक्षक पुरस्कार के लिए चयन उनके वर्षों के कार्य को मिली बड़ी पहचान है.
सम्मान से बढ़ी विद्यालय परिवार की खुशी
वीनस दीक्षित के राजकीय शिक्षक पुरस्कार-2026 के लिए चयन की जानकारी मिलने के बाद आदर्श राजकीय मध्य विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं और विद्यार्थियों में खुशी का माहौल है. विद्यालय परिवार के लिए यह गौरव का क्षण है कि उसकी शिक्षिका को राज्य स्तर पर सम्मान मिलने जा रहा है.
उनके चयन से जिले के दूसरे शिक्षकों में भी उत्साह है. शिक्षकों का मानना है कि ऐसे सम्मान से शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर काम करने और नए प्रयोग करने की प्रेरणा मिलती है.
आज पटना में मिलेगा राजकीय शिक्षक पुरस्कार
शिक्षक दिवस के अवसर पर 5 सितंबर 2026 को पटना के श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में आयोजित समारोह में वीनस दीक्षित को राजकीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा. सीवान जिले से उनका चयन शिक्षा जगत की महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है.
2013 में शिक्षक बनने से शुरू हुआ उनका सफर अब राज्य स्तरीय सम्मान तक पहुंच चुका है. मेहनत, नवाचार, समावेशी शिक्षा और विद्यार्थियों के प्रति समर्पण ने उन्हें यह मुकाम दिलाया है. उनका यह सम्मान सीवान के साथ-साथ उन तमाम शिक्षकों के लिए प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों के बीच बच्चों के भविष्य को बेहतर बनाने में जुटे हैं.
इसे भी पढ़ें: सीवान की शिक्षिका वीनस दीक्षित को मिलेगा राजकीय शिक्षक पुरस्कार 2026, 5 सितंबर को पटना में सम्मान
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए