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कभी भी भंग हो सकता है नगर पंचायत का बोर्ड

Updated at : 06 Sep 2025 9:41 PM (IST)
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कभी भी भंग हो सकता है नगर पंचायत का बोर्ड

महाराजगंज नगर पंचायत के क्षेत्र विस्तार की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शनिवार को इसका छह माह का समय पूरा हो गया. इसके साथ ही अब किसी भी समय नगर पंचायत बोर्ड भंग किया जा सकता है

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प्रतिनिधि,सीवान. महाराजगंज नगर पंचायत के क्षेत्र विस्तार की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शनिवार को इसका छह माह का समय पूरा हो गया. इसके साथ ही अब किसी भी समय नगर पंचायत बोर्ड भंग किया जा सकता है.क्षेत्र विस्तार की अधिसूचना के समय ही यह तय हो गया था कि छह माह की अवधि पूरी होने पर बोर्ड कभी भी भंग हो जाएगा और प्रशासनिक व्यवस्था प्रशासक के हाथों में आ जाएगी. इसके बाद राज्य निर्वाचन आयोग नये परिसीमन के आधार पर चुनाव की प्रक्रिया पूरी करायेगा. इसको लेकर नगर निकाय ने विभाग से आवश्यक मार्गदर्शन मांगा है ताकि आगे की कार्रवाई हो सके. पहले महाराजगंज नगर पंचायत में कुल 14 वार्ड थे.लेकिन क्षेत्र विस्तार के बाद वार्डों की संख्या बढ़कर 17 हो गई. इस विस्तार के तहत दो गांव जगदीशपुर और धनछुआ को नगर पंचायत में शामिल किया गया था.इन गांवों को नगर सीमा में लाने का उद्देश्य शहरी सुविधाओं का विस्तार और विकास योजनाओं को तेजी से लागू करना है.इधर, समय सीमा पूरी होने के साथ ही इलाके में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. इधर कुछ ही दिन पहले ही नगर पंचायत के मुख्य पार्षद शारदा देवी की कुर्सी भी टैक्स नहीं जमा करने के मामला में चली गई थी.बताया जाता है कि जिलाधिकारी डॉ.आदित्य प्रकाश ने 30 जुलाई को ही राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव को वार्ड गठन और परिसीमन से संबंधित विस्तृत जानकारी भेज दी थी.इसके आधार पर आयोग आगे की प्रक्रिया में जुटा हुआ है.माना जा रहा है कि बोर्ड भंग होने के बाद जल्द ही प्रशासक नियुक्त किया जायेगा.जो चुनाव होने तक नगर पंचायत का कार्यभार संभालेंगे.नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी हरिश्चंद्र ने बताया कि क्षेत्र विस्तार की अधिसूचना के बाद से ही छह माह की समय सीमा तय थी. अब वह समय पूरा हो चुका है और इसके बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी.उन्होंने कहा कि राज्य निर्वाचन आयोग से इस संबंध में पत्राचार भी किया गया है और चुनाव को लेकर अगले चरण की तैयारी जल्द शुरू हो जायेगी.स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र विस्तार के बाद नगर पंचायत का स्वरूप बड़ा हो गया है और अब जरूरत है कि चुनाव कराकर नये बोर्ड को जिम्मेदारी दी जाए ताकि विकास कार्यों में तेजी आ सके. लोगों को उम्मीद है कि परिसीमन के बाद होने वाले चुनाव से उनकी भागीदारी बढ़ेगी और नये वार्डों में भी शहरी सुविधाओं का लाभ पहुंचेगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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