पीपल के पत्तों से गणेश की कलाकृति बना सोनाक्षी ने मोहा मन,सर्वांगीण विकास में सह-शैक्षिक गतिविधियों की अहम भूमिका

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छात्रा सोनाक्षी की कलाकृति को बच्चों को दिखाते एच एम संजीव गुप्ता | Prabhat Khabar Network

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बड़हरिया प्रखंड के सरकारी विद्यालयों में अर्धवार्षिक मूल्यांकन के तहत सह-शैक्षिक गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है. मध्य विद्यालय कन्या बड़हरिया में सोनाक्षी सोनी ने पीपल के पत्तों से भगवान श्री गणेश की अद्भुत कलाकृति बनाकर सभी का मन मोह लिया.

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Siwan News : बड़हरिया प्रखंड के सरकारी विद्यालयों में अर्धवार्षिक मूल्यांकन परीक्षा के तहत सह-शैक्षिक गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है. इसी क्रम में मध्य विद्यालय कन्या बड़हरिया में छात्र-छात्राओं ने विभिन्न गतिविधियों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया. इस दौरान सातवीं कक्षा की छात्रा सोनाक्षी सोनी ने पीपल के पत्तों से भगवान श्रीगणेश की आकर्षक कलाकृति बनाकर सभी का मन मोह लिया.

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पीपल के पत्तों से बनाई आकर्षक कलाकृति

सोनाक्षी ने पीपल के पत्तों का रचनात्मक इस्तेमाल करते हुए भगवान श्रीगणेश की सुंदर कलाकृति तैयार की. उसकी कलाकारी और रचनात्मक सोच देखकर विद्यालय के शिक्षक और छात्र-छात्राएं काफी प्रभावित हुए. कलाकृति की सराहना करते हुए प्रधानाध्यापक संजीव कुमार गुप्ता ने सोनाक्षी को लेखन सामग्री देकर सम्मानित किया.

प्रधानाध्यापक ने कहा कि बच्चों के भीतर कई तरह की प्रतिभाएं छिपी होती हैं. उन्हें सामने लाने के लिए उचित मंच और अवसर मिलना जरूरी है. सह-शैक्षिक गतिविधियां बच्चों की प्रतिभा को पहचानने और उसे निखारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं.

सर्वांगीण विकास में सह-शैक्षिक गतिविधियों की अहम भूमिका

बीइओ राजीव कुमार पांडेय ने कहा कि विद्यालय में नियमित पढ़ाई के साथ आयोजित होने वाली सह-शैक्षिक गतिविधियां बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक हैं. इन गतिविधियों से बच्चों के शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक, संवेगात्मक और नैतिक विकास में मदद मिलती है.

उन्होंने कहा कि सह-शैक्षिक गतिविधियां शिक्षा का अतिरिक्त हिस्सा नहीं, बल्कि उसका अभिन्न अंग हैं. इनके माध्यम से विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, सहयोग की भावना, नेतृत्व क्षमता और अनुशासन जैसे गुण विकसित होते हैं.

खेल से लेकर कला और विज्ञान तक की गतिविधियां

विद्यालयों में बच्चों की रुचि और प्रतिभा के अनुसार खेलकूद व योग, कला-संस्कृति, संगीत, नृत्य, चित्रकला, नाटक, वाद-विवाद, भाषण, कविता पाठ, पठन क्लब, हस्तकला और विज्ञान प्रदर्शनी जैसी गतिविधियां आयोजित की जाती हैं. इन गतिविधियों के माध्यम से बच्चों को पढ़ाई के साथ अपनी रचनात्मक क्षमता प्रदर्शित करने का अवसर मिलता है.

मौके पर शिक्षक हरिलाल रमण, तारकेश्वर मिश्र, अलका कुमारी, दिव्या गुप्ता, अफसाना खातून सहित अन्य शिक्षक मौजूद थे.

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