सीवान में फाइलेरिया संक्रमण की होगी जांच, 8 प्रखंडों में नाइट ब्लड सर्वे और 12 में प्री-टीएएस
भक्ति में निर्देश देते अधिकारी | Prabhat Khabar Network
सीवान स्वास्थ्य विभाग फाइलेरिया उन्मूलन के लिए खास तैयारी में जुट गया है. जिले के 8 प्रखंडों में नाइट ब्लड सर्वे और 12 प्रखंडों में प्री-टीएएस सर्वे कराया जाएगा. यह जांच संक्रमण की वास्तविक स्थिति का पता लगाने में महत्वपूर्ण होगी.
Siwan News : फाइलेरिया उन्मूलन अभियान को लेकर सीवान स्वास्थ्य विभाग ने संक्रमण की वास्तविक स्थिति का पता लगाने के लिए सर्वे की तैयारी तेज कर दी है. जिले के आठ प्रखंडों में नाइट ब्लड सर्वे और 12 प्रखंडों में प्री-टीएएस यानी प्री-ट्रांसमिशन असेसमेंट सर्वे कराया जाएगा. नाइट ब्लड सर्वे में 20 वर्ष या उससे अधिक उम्र के लोगों के रक्त नमूने लिये जाएंगे. चयनित स्थलों पर रात 10 बजे से 12 बजे तक रक्त पट्ट संग्रह किया जाएगा.
स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य अधिक से अधिक पात्र लोगों की जांच कर संबंधित क्षेत्रों में फाइलेरिया संक्रमण की स्थिति का आकलन करना है.
रात में ही क्यों लिये जाते हैं रक्त के नमूने
नाइट ब्लड सर्वे के दौरान रात में रक्त नमूने लिये जाने की वजह फाइलेरिया के परजीवी से जुड़ी है. स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, फाइलेरिया के परजीवी रात के समय रक्त में अधिक आसानी से पाए जाते हैं. इसी वजह से नमूना संग्रह के लिए रात 10 से 12 बजे का समय निर्धारित किया गया है.
संग्रह किये गये रक्त नमूनों की जांच के आधार पर संबंधित क्षेत्र में संक्रमण की स्थिति का आकलन किया जाएगा. प्रत्येक चयनित क्षेत्र में एक सेंटिनल साइट और दो रैंडम साइट निर्धारित की जाएंगी.
12 प्रखंडों में तीन-तीन साइट पर होगा प्री-टीएएस
प्री-टीएएस के लिए जिले के 12 प्रखंडों में तीन-तीन साइट निर्धारित की जाएंगी. प्रत्येक साइट से 300 लोगों के रक्त नमूने लिये जाएंगे. इस तरह एक प्रखंड से कुल 900 रक्त नमूनों का संग्रह किया जाएगा.
तैयार रक्त पट्टों की माइक्रोस्कोपी जांच होगी. इसके माध्यम से संबंधित क्षेत्र में फाइलेरिया संक्रमण की स्थिति का पता लगाया जाएगा. सर्वे के परिणामों से यह समझने में मदद मिलेगी कि संबंधित क्षेत्रों में संक्रमण अभी मौजूद है या नहीं.
बसंतपुर में हुई प्रखंड स्तरीय समन्वय बैठक
सर्वे की तैयारी को लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, बसंतपुर में प्रखंड स्तरीय समन्वय बैठक आयोजित की गयी. बैठक की अध्यक्षता प्रखंड विकास पदाधिकारी राकेश कुमार ने की. इसमें जिला मलेरिया पदाधिकारी डॉ. ओपी लाल समेत स्वास्थ्य विभाग और विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि शामिल हुए.
बैठक में चयनित स्थलों पर अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने और रक्त नमूना संग्रह के लिए विभागों के बीच समन्वय को लेकर चर्चा की गयी.
आशा, एएनएम और जीविका दीदियां देंगी जानकारी
अधिकारियों ने कहा कि सर्वे की सफलता के लिए जनभागीदारी जरूरी है. आशा, एएनएम, जीविका दीदियां, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और पंचायत प्रतिनिधि लोगों को सर्वे की तिथि, समय और उद्देश्य की जानकारी देंगे.
जनप्रतिनिधियों से भी लोगों को रक्त जांच के लिए प्रेरित करने की अपील की गयी है, ताकि चयनित स्थलों पर अधिक से अधिक पात्र लोगों की जांच हो सके.
सर्वे के आधार पर तय होगी आगे की रणनीति
जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. ओपी लाल ने बताया कि नाइट ब्लड सर्वे और प्री-टीएएस के माध्यम से संबंधित क्षेत्रों में फाइलेरिया संक्रमण की स्थिति का वैज्ञानिक आकलन करने में मदद मिलेगी. सर्वे के परिणामों के आधार पर आगे की रोकथाम और नियंत्रण गतिविधियों की दिशा तय की जा सकेगी.
बैठक में एमओआईसी डॉ. रवि रंजन, वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी प्रीति कुमारी, पीरामल के प्रतिनिधि राजेश तिवारी, इंसेक्ट कलेक्टर रोहित कुमार, वीबीडीएस आरती कुमारी समेत जीविका, पंचायती राज, आईसीडीएस और स्वास्थ्य विभाग के प्रतिनिधि मौजूद रहे.
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