सीवान: मैरवा में FLN तीसरे चरण का प्रशिक्षण शुरू, भाषा और गणित शिक्षकों को दिए गए विशेष निर्देश

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मैरवा बीआरसी सभागार में नियुक्त शिक्षकों का एफएलएन का प्रशिक्षण देते हुए | Prabhat Khabar Network

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मैरवा प्रखंड में फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमरेसी (FLN) के तीसरे चरण के लिए शिक्षकों का एक दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों को विद्यालय स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करना है।

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Siwan News: सीवान जिले के मैरवा प्रखंड स्थित बीआरसी सभागार में सोमवार से फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमरेसी (FLN) के तीसरे चरण को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से नामित भाषा और गणित शिक्षकों का एक दिवसीय प्रशिक्षण शुरू हुआ. प्रशिक्षण का उद्देश्य निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों को विद्यालय स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करना है.

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बीईओ ने गंभीरता से प्रशिक्षण लेने की अपील की

प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (बीईओ) धीरेंद्र ओझा ने किया. उन्होंने शिक्षकों से प्रशिक्षण को पूरी गंभीरता से लेने का आग्रह करते हुए कहा कि बच्चों में बुनियादी साक्षरता और संख्या ज्ञान को मजबूत बनाने में शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका है.

उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण में मिली जानकारी को विद्यालयों में प्रभावी ढंग से लागू कर बच्चों के सीखने के स्तर में गुणात्मक सुधार लाया जा सकता है.

प्रशिक्षकों ने बताई FLN की कार्ययोजना

प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षक सह नोडल सहायक शिक्षक अमरेश कुमार ओझा, बीआरपी संतोष सिंह, अनवर हुसैन अंसारी, दीपक कुमार, नरेश कलवार और राजन पांडेय ने शिक्षकों को FLN कार्यक्रम की कार्यप्रणाली और विभिन्न गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी.

इन तीन बिंदुओं पर रहा विशेष फोकस

प्रशिक्षण में तीन प्रमुख विषयों पर विशेष जोर दिया गया—

  • शिक्षकों की भूमिका और जिम्मेदारी: प्रत्येक बच्चे को निपुण भारत मिशन के निर्धारित लक्ष्यों तक पहुंचाने में शिक्षकों की जिम्मेदारियों की विस्तार से जानकारी दी गई.
  • पहली दो घंटियां FLN के लिए आरक्षित: विद्यालयों में प्रतिदिन की पहली दो कक्षाएं FLN के लिए निर्धारित की गई हैं. पहली घंटी भाषा और दूसरी घंटी गणित शिक्षण के लिए होगी.
  • गतिविधि आधारित शिक्षण: बच्चों को खेल, गतिविधियों और रोचक तरीकों से पढ़ाने पर विशेष बल दिया गया, ताकि वे बिना दबाव के आसानी से सीख सकें.

शिक्षकों ने लिया लक्ष्य पूरा करने का संकल्प

प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों में उत्साह देखने को मिला. प्रतिभागियों ने समयबद्ध तरीके से निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों को पूरा करने और विद्यालयों में बच्चों के सीखने के स्तर को बेहतर बनाने का संकल्प लिया.

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