सीवान: दरौंदा CHC में पूर्व प्रभारी के फर्जी हस्ताक्षर से 19 लाख का भुगतान, विभागीय जांच पूरी
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दरौंदा | Prabhat Khabar Network
सीवान के दरौंदा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पूर्व प्रभारी के फर्जी हस्ताक्षर से 19 लाख रुपये का भुगतान हुआ है. विभागीय जांच पूरी हो चुकी है और अब पूर्व प्रभारी के हस्ताक्षर के नमूने की जांच की जाएगी. दोषी पाए जाने पर कार्रवाई होगी.
Siwan News : अंतर जिला तबादला होने के बाद भी दरौंदा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के पूर्व प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अमरेश कुमार सिंह के हस्ताक्षर से भुगतान किये जाने का मामला सामने आया है. आरोप है कि तीन जुलाई को उनके फर्जी हस्ताक्षर का इस्तेमाल कर आठ अलग-अलग बिलों के माध्यम से सीएचसी के बैंक खाते से कुल 19 लाख 3 हजार 673 रुपये का भुगतान किया गया. मामले की विभागीय जांच अब पूरी हो गयी है. जांच अधिकारी ने पूर्व प्रभारी के हस्ताक्षर के नमूने की जांच कराने की अनुशंसा की है.
आठ बिलों के जरिए 19.03 लाख रुपये का भुगतान
शिकायत के अनुसार, तीन जुलाई को सीएचसी के बैंक खाते से आठ अलग-अलग भुगतानों के माध्यम से राशि निकाली गयी. इसमें एनएचएम के जून माह के वेतन, सीएचओ प्रोत्साहन राशि, वाहन भुगतान के अलावा दुकानदारों और एजेंसियों को किये गये भुगतान शामिल हैं.
विवरण के अनुसार परमात्मा सिंह को 36,250 रुपये, अनविशा ट्रेडर्स को 54,282 रुपये, ओवरसीज ट्रेडर्स को 65,176 रुपये और गुप्ता इलेक्ट्रिक ट्रेडर्स को 2,29,676 रुपये का भुगतान किया गया. एनएचएम के जून माह के वेतन मद में 6,12,065 रुपये, सीएचओ प्रोत्साहन राशि के एक भुगतान में 4,06,224 रुपये और दूसरे भुगतान में 4 लाख रुपये दिये गये. वहीं वाहन भुगतान के रूप में दुर्गेश पांडेय को एक लाख रुपये का भुगतान दर्ज है.
जांच में संबंधित खातों में राशि जाने की पुष्टि
मामले की जांच जिला मलेरिया पदाधिकारी सह महाराजगंज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. विपिन बिहारी सिन्हा ने की. उन्होंने अपनी जांच रिपोर्ट सिविल सर्जन को सौंप दी है. जांच में यह पाया गया कि भुगतान की गयी राशि संबंधित व्यक्तियों के बैंक खातों में गयी है.
हालांकि, जांच अधिकारी ने भुगतान से जुड़े दस्तावेजों पर किये गये पूर्व प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी के हस्ताक्षर के नमूने की जांच कराने की अनुशंसा की है. अब सिविल सर्जन के स्तर से जांच रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद आगे की कार्रवाई पर निर्णय लिया जाना है.
पूर्व प्रभारी ने फर्जी हस्ताक्षर का लगाया आरोप
पूर्व प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अमरेश कुमार सिंह ने अधिकारियों को दिये आवेदन में आरोप लगाया है कि उनके फर्जी हस्ताक्षर का इस्तेमाल कर आठ बिलों का अवैध रूप से भुगतान किया गया. उन्होंने कहा है कि इनमें से किसी भी भुगतान को उन्होंने स्वीकृत या निष्पादित नहीं किया है.
उन्होंने आशंका जतायी कि किसी अन्य व्यक्ति ने उनके हस्ताक्षर का इस्तेमाल कर वित्तीय अनियमितता की है. डॉ. अमरेश कुमार सिंह ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने के साथ दोषियों के खिलाफ कानूनी और विभागीय कार्रवाई की मांग की है.
हस्ताक्षर की जांच के बाद स्पष्ट होगी स्थिति
जांच रिपोर्ट में राशि के संबंधित व्यक्तियों के खातों में जाने की पुष्टि के बाद अब मुख्य सवाल भुगतान के लिए इस्तेमाल किये गये हस्ताक्षर को लेकर है. जांच अधिकारी ने हस्ताक्षर के नमूने की जांच कराने की अनुशंसा की है. हस्ताक्षर की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि भुगतान में इस्तेमाल किये गये हस्ताक्षर वास्तविक थे या किसी अन्य व्यक्ति द्वारा किये गये थे.
जांच रिपोर्ट के आधार पर होगी आगे की कार्रवाई
सिविल सर्जन डॉ. श्रीनिवास प्रसाद ने कहा कि शिकायत पत्र में लगाये गये आरोपों के आधार पर मामले की जांच करायी जा रही है. जांच के दौरान संबंधित दस्तावेजों और भुगतान से जुड़े अभिलेखों की भी पड़ताल की जा रही है. विस्तृत रिपोर्ट में सामने आये तथ्यों का अध्ययन करने के बाद ही आगे की कार्रवाई का निर्णय लिया जायेगा. दोषी पाये जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जायेगी.
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