UPI के नये नियम का असर: सीवान में कई दुकानदारों ने बंद किया डिजिटल भुगतान

Updated:
विज्ञापन

नगद रुपये देकर खरीदारी करते ग्राहक | Prabhat Khabar Network

WhatsApp चैनल से जुड़ेंगूगल पर प्रभात खबर चुनें

छोटे दुकानदार UPI भुगतान पर शुल्क लगने की चर्चा से असमंजस में हैं. कई दुकानों ने QR कोड हटा दिए हैं, ग्राहक नकद भुगतान के लिए मजबूर हो रहे हैं. इससे डिजिटल पेमेंट करने वाले ग्राहकों को परेशानी हो रही है.

विज्ञापन

UPI Payment : कभी जेब में नकदी की जगह मोबाइल लेकर बाजार निकलने वाले ग्राहकों को अब शहर की कई छोटी दुकानों पर नकद भुगतान के लिए कहा जा रहा है. चाय-नाश्ते की दुकानों से लेकर किराना, फल-सब्जी, जूता-चप्पल और अन्य छोटे कारोबार में यूपीआई भुगतान से दूरी बनाए जाने की स्थिति सामने आ रही है. कई दुकानदारों ने काउंटर से यूपीआई के क्यूआर कोड और स्कैनर हटा दिये हैं, जबकि कुछ दुकानदार ग्राहकों से नकद भुगतान की मांग कर रहे हैं.

विज्ञापन

यूपीआई लेनदेन और भुगतान व्यवस्था में बदलाव को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच छोटे कारोबारियों में शुल्क को लेकर असमंजस बना हुआ है. 15 अक्टूबर से यूपीआई लेनदेन पर 0.4 प्रतिशत मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) लागू होने की चर्चा के बाद छोटे दुकानदारों की चिंता बढ़ गयी है. हालांकि, स्थानीय कारोबारियों के बीच इसको लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है.

छोटे दुकानदारों में सबसे ज्यादा असमंजस

रोजाना यूपीआई से भुगतान लेने वाले छोटे दुकानदार यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि प्रस्तावित शुल्क का उनके कारोबार पर किस तरह असर पड़ेगा. दुकानदारों का कहना है कि छोटे कारोबार में मुनाफा पहले से सीमित रहता है. ऐसे में किसी भी अतिरिक्त शुल्क का सीधा असर उनकी कमाई पर पड़ सकता है.

इसी असमंजस के बीच शहर के कुछ दुकानदार बड़े ऑनलाइन भुगतान से बचने लगे हैं. कई दुकानों के काउंटर से क्यूआर कोड के स्टीकर भी हटा दिये गये हैं. हालांकि, सभी दुकानदारों ने यूपीआई भुगतान बंद नहीं किया है. बड़ी संख्या में कारोबारी अभी भी इसे ग्राहकों के लिए सुविधाजनक माध्यम मानते हुए भुगतान स्वीकार कर रहे हैं.

ग्राहकों को फिर नकदी लेकर निकलने की मजबूरी

रोजमर्रा की जरूरत का सामान खरीदने बाजार पहुंच रहे कई ग्राहक यूपीआई से भुगतान करना चाहते हैं, लेकिन कुछ दुकानों पर उन्हें नकद देने को कहा जा रहा है. इससे उन ग्राहकों को परेशानी हो रही है, जो घर से निकलते समय कम नकदी रखते हैं और मोबाइल से भुगतान करने के आदी हो चुके हैं.

ग्रामीण इलाकों में भी कुछ दुकानदार यूपीआई भुगतान स्वीकार करने से परहेज करने लगे हैं. वहीं, कई दुकानदारों का कहना है कि यूपीआई से भुगतान लेने पर खुले पैसे रखने की परेशानी नहीं होती और लेनदेन भी आसानी से हो जाता है. शुल्क को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं होने के कारण वे आगे की व्यवस्था को लेकर असमंजस में हैं.

कैश भुगतान की ओर लौटने की तैयारी

जूता-चप्पल कारोबारी मोहित ने कहा कि व्यापारी पहले से ही विभिन्न प्रकार के कर और शुल्क का भुगतान करते हैं. ऐसे में यूपीआई लेनदेन पर अतिरिक्त लागत बढ़ने की स्थिति में कारोबारियों पर आर्थिक दबाव बढ़ सकता है. उनका कहना है कि ऐसी स्थिति में कई दुकानदार नकद लेनदेन को प्राथमिकता देने की कोशिश कर सकते हैं.

ऑनलाइन भुगतान की आदत से ग्राहकों की बढ़ी परेशानी

बैंक और एटीएम से नकदी निकालने की आदत छोड़ चुके उपभोक्ताओं के लिए अचानक नकदी की जरूरत पड़ना परेशानी का कारण बन सकता है. लगातार छुट्टियों के दौरान एटीएम में नकदी की उपलब्धता को लेकर भी लोगों को परेशानी होती है. इसके अलावा अलग-अलग बैंकों के एटीएम से निशुल्क निकासी की सीमा भी निर्धारित रहती है.

ऐसे में बार-बार नकदी निकालने वाले ग्राहकों पर एटीएम निकासी शुल्क का अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है. दूसरी ओर, बाजार में नकद भुगतान की जरूरत बढ़ने पर ग्राहकों को अपने पास पर्याप्त नकदी रखने की व्यवस्था भी करनी होगी.

दुकानदार चाहते हैं शुल्क को लेकर स्पष्टता

छोटे कारोबारियों का कहना है कि यूपीआई उनके लिए भी सुविधाजनक भुगतान माध्यम है. ग्राहकों से डिजिटल भुगतान मिलने पर खुले पैसे रखने और नकदी संभालने की परेशानी कम होती है. लेकिन शुल्क संबंधी प्रावधानों को लेकर स्पष्टता नहीं होने से दुकानदार भविष्य की व्यवस्था को लेकर चिंतित हैं.

दूसरी ओर ग्राहक चाहते हैं कि छोटी से छोटी खरीदारी के लिए भी यूपीआई भुगतान की सुविधा उपलब्ध रहे, ताकि उन्हें हर समय नकदी लेकर बाजार नहीं जाना पड़े.

पेट्रोल पंपों पर डिजिटल भुगतान जारी

पेट्रोल पंपों और गैस एजेंसियों पर फिलहाल स्थिति अलग दिखाई दे रही है. अधिकांश पेट्रोल पंपों पर नकद के साथ यूपीआई और कार्ड से भुगतान की सुविधा उपलब्ध है. इसलिए वाहन चालकों और गैस उपभोक्ताओं को भुगतान के विकल्प को लेकर अपेक्षाकृत कम परेशानी हो रही है.

नोट: 0.4% MDR और 15 अक्टूबर से इसके लागू होने संबंधी दावे को यहां स्थानीय कारोबारियों के बीच चल रही चर्चा के रूप में रखा गया है, न कि स्थापित तथ्य के रूप में.

फ़ोटो.नगद रुपये देकर खरीदारी करते ग्राहक | Prabhat Khabar Network
फ़ोटो.नगद रुपये देकर खरीदारी करते ग्राहक | Prabhat Khabar Network

आपके शहर में

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन