शिक्षकों को पड़े वेतन के लाले
Author Prabhat khabar digital desk
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सीवान : जिले के विभिन्न अपग्रेड मिडिल स्कूल में पदस्थापित सैकड़ों स्नातक प्रशिक्षित नियमित शिक्षकों का वेतन तीन माह से अटका है. जून के बाद ही उन्हें वेतन नहीं मिला है. सरकार ने 25 सितंबर तक दशहरा पर वेतन देने के आदेश दिया है. बावजूद इसके विभाग द्वारा संज्ञान नहीं लिया जा रहा है. वित्त […]
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सीवान : जिले के विभिन्न अपग्रेड मिडिल स्कूल में पदस्थापित सैकड़ों स्नातक प्रशिक्षित नियमित शिक्षकों का वेतन तीन माह से अटका है. जून के बाद ही उन्हें वेतन नहीं मिला है. सरकार ने 25 सितंबर तक दशहरा पर वेतन देने के आदेश दिया है. बावजूद इसके विभाग द्वारा संज्ञान नहीं लिया जा रहा है. वित्त विभाग के प्रधान सचिव के आदेश को ही अधिकारियों ने यहां ठेंगा दिखा दिया है.
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शिक्षा विभाग के अधिकारियों की शिथिलता ने पत्र से जगी उम्मीद पर भी पानी फेर दिया. शिक्षा विभाग के मुताबिक एसएसए मद से जिले के अपग्रेड स्कूल के स्थायी शिक्षकों को वेतन दिया जाता है. इन्हें जून तक का ही वेतन निर्गत किया गया है. साथ ही अन्य शिक्षकों का भी आवंटन रहने के बावजूद जुलाई तक का ही भुगतान किया गया है.
बता दें कि अप्रैल माह से सीएफएमएस के तहत वेतन भुगतान करने की प्रक्रिया लागू है. बहरहाल सॉफ्टवेयर में गड़बड़ी को लेकर जीओबी से भुगतान होने वाले शिक्षकों के वेतन के लाले पड़े हैं. अधिकारी भी ऑपरेटर और कर्मचारी का रोना रोकर अपनी जिम्मेदारी से बचना चाहते हैं.
अधिकारी वेतन भुगतान न होने का स्पष्ट कारण नहीं बता रहे हैं. अब तो दशहरा में भी वेतन मिलने के आसार कम दिख रहा है. वर्तमान में पीएफएमएस अथवा सीएफएमएस (कंप्रिहेंसिव फाइनेंसियल मैनेजमेंट सिस्टम) जैसे नये ऑनलाइन सिस्टम से सभी संवर्गों का वेतन भुगतान किया जा रहा है.
परंतु सरकार की दोहरी नीति एवं विभागीय उदासीनता के कारण अपग्रेड विद्यालयों में पदस्थापित शिक्षकों को अब तक उक्त ऑनलाइन सिस्टम से अछूता रखा गया है. नये सिस्टम में समायोजन नहीं होने से जुलाई 2019 से संबंधित शिक्षकों का वेतन भुगतान लंबित है.
भुगतान प्रणाली को सरल बनाने की मांग: शिक्षकों ने सरकार से वेतन भुगतान प्रणाली को सरल बनाने की गुहार लगायी है. ताकि इन कटौतियों की गणना के लिए बार-बार जिला कार्यालय में चक्कर न लगाना पड़े.
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