अनुसूचित जाति-जनजाति एक्ट में तीन को दो वर्षों की सजा

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सीवान : प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विनोद शुक्ल की अदालत में अनुसूचित जाति-जनजाति अधिनियम के मामले में तीन आरोपितों को दो वर्षों की सजा सुनायी गयी है. बतादें कि नगर थाना के मकदुम सराय तुरहा टोला निवासी राजाराम गोड़ की पत्नी बबिता देवी ने अपने बयान में कही थी कि सात अक्तूबर 2012 […]

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सीवान : प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विनोद शुक्ल की अदालत में अनुसूचित जाति-जनजाति अधिनियम के मामले में तीन आरोपितों को दो वर्षों की सजा सुनायी गयी है. बतादें कि नगर थाना के मकदुम सराय तुरहा टोला निवासी राजाराम गोड़ की पत्नी बबिता देवी ने अपने बयान में कही थी कि सात अक्तूबर 2012 को संध्या 5.30 बजे मुहल्ला के ही मुन्ना मियां, सगुन मियां, एहसान मियां के खिलाफ मुकदमा दर्ज करायी थी. उसने अपने बयान में कही है कि सभी मुदालह घर में घुस कर मारपीट करने लगे, जाति सूचक गाली देने लगे.
उसके बाद बोला कि मेरे खानदानी जमीन को खरीद ली हो. मेरी बेटी और दामाद बचाने आये तो उसे भी मारपीट कर जख्मी कर दिया गया. अभियोजन से विशेष एपीपी भागवत राम, सूचक के अधिवक्ता शत्रुघ्न पांडे, बचाव पक्ष से अधिवक्ता अजय कुमार त्रिपाठी का बहस सुनने के बाद कोर्ट ने दोषी पाया है.
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