सीतामढ़ी: BDO संघ ने प्रभारी डीएम को सौंपा ज्ञापन, 20 सितंबर तक समाधान नहीं तो सामूहिक अवकाश का ऐलान
प्रभारी डीएम को ज्ञापन जिलाध्यक्ष व अन्य
बिहार ग्रामीण विकास सेवा के अधिकारी अपनी लंबित मांगों को लेकर 21 सितंबर से सामूहिक अवकाश पर जा सकते हैं. संघ ने सरकार को 20 सितंबर तक का अल्टीमेटम दिया है. जानें क्या हैं प्रमुख मांगें और इसका क्या हो सकता है असर.
Sitamarhi News: सीतामढ़ी. बिहार ग्रामीण विकास सेवा के अधिकारियों की लंबित मांगों को लेकर एक बार फिर हलचल तेज हो गयी है. बिहार ग्रामीण विकास सेवा संघ ने 21 सितंबर से सामूहिक अवकाश पर जाने की तैयारी शुरू कर दी है. शुक्रवार को जिला मुख्यालय में संघ की बैठक जिलाध्यक्ष अभिषेक चन्दन, बीडीओ डुमरा, की अध्यक्षता में हुई. बैठक में लंबित मांगों और प्रस्तावित सामूहिक अवकाश को लेकर विचार-विमर्श किया गया.
बैठक के बाद संघ की ओर से सामूहिक अवकाश पर जाने के संबंध में प्रभारी डीएम सह डीडीसी श्वेता भारती को ज्ञापन भी सौंपा गया. संघ ने सरकार और विभाग को अपनी मांगों के समाधान के लिए 20 सितंबर तक का समय दिया है. निर्धारित अवधि में मांगों पर कोई फलाफल नहीं मिलने की स्थिति में 21 सितंबर से सामूहिक अवकाश पर जाने का निर्णय लिया गया है.
20 सितंबर तक समाधान का इंतजार
जिलाध्यक्ष अभिषेक चन्दन ने बताया कि बिहार ग्रामीण विकास सेवा संघ पिछले कई वर्षों से अपनी लंबित मांगों को लेकर विभाग और सरकार को पत्र देता रहा है. संघ की ओर से मांगों के समाधान के लिए लगातार पहल की जाती रही है.
अब संघ ने 20 सितंबर तक का समय दिया है. निर्धारित तिथि तक मांगों के संबंध में कोई सकारात्मक निर्णय नहीं होने पर 21 सितंबर से संघ के निर्णय के आलोक में सामूहिक अवकाश पर जाने की तैयारी है. यह सामूहिक अवकाश मांग पूरी होने तक जारी रखने की बात कही गयी है.
राज्य सेवा संवर्ग का दर्जा समेत कई मांगें
संघ की प्रमुख लंबित मांगों में बिहार ग्रामीण विकास सेवा को राज्य सेवा संवर्ग का दर्जा देना शामिल है. इसके अलावा सेवा संरचना में सुधार और पदोन्नति से जुड़ी मांग भी रखी गयी है.
बीडीओ के लिए पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराने की मांग भी संघ की ओर से की गयी है. संघ का कहना है कि ये मांगें लंबे समय से लंबित हैं और इनके समाधान के लिए विभाग एवं सरकार के स्तर पर पहल की जरूरत है.
सामूहिक अवकाश से प्रभावित हो सकते हैं प्रखंड स्तर के काम
बीडीओ के सामूहिक अवकाश पर जाने की स्थिति में प्रखंड स्तर पर विकास योजनाओं की निगरानी प्रभावित हो सकती है. इसके साथ ही विभिन्न प्रशासनिक कार्यों पर भी असर पड़ने की संभावना है.
जाति प्रमाण पत्र, आवासीय प्रमाण पत्र समेत अन्य प्रशासनिक कार्यों के निष्पादन में भी परेशानी हो सकती है. हालांकि सामूहिक अवकाश की स्थिति और उसके प्रभाव के संबंध में आगे की स्थिति संघ और प्रशासन के स्तर पर होने वाले निर्णय पर निर्भर करेगी.
बैठक में कई अधिकारी रहे मौजूद
सामूहिक अवकाश को लेकर हुई बैठक में जिले के विभिन्न प्रखंडों के बीडीओ और ग्रामीण विकास सेवा से जुड़े अधिकारी शामिल हुए. बैठक में लंबित मांगों को लेकर संघ की आगे की रणनीति पर चर्चा की गयी.
इस मौके पर एनईपी निदेशक शशिकांत शर्मा, बीडीओ देवेंद्र कुमार समेत अन्य प्रखंडों के बीडीओ मौजूद रहे. संघ की ओर से मांगों को लेकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर प्रस्तावित सामूहिक अवकाश की जानकारी भी दी गयी.
21 सितंबर से सामूहिक अवकाश की तैयारी
संघ के अनुसार 20 सितंबर तक मांगों के संबंध में समाधान नहीं निकलने पर 21 सितंबर से सामूहिक अवकाश शुरू किया जाएगा. ऐसे में अब सभी की नजर सरकार और विभाग की ओर से होने वाली पहल पर है. मांगों पर समय सीमा के भीतर कोई निर्णय होता है या नहीं, इसके आधार पर संघ के अगले कदम की स्थिति स्पष्ट होगी.
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