सीतामढ़ी के चार प्रखंडों में ड्रोन से कीटनाशक छिड़काव शुरू, नौ हजार एकड़ का रखा गया लक्ष्य

Author Raushan kumar|Edited by Sumit Kumar
Updated:
विज्ञापन

फ़ोटो- निरीक्षण करते सहायक निदेशक व अन्य | Prabhat Khabar Network

WhatsApp चैनल से जुड़ेंगूगल पर प्रभात खबर चुनें

सीतामढ़ी जिले में कृषि को आधुनिक बनाने के लिए ड्रोन से दवा छिड़काव अभियान शुरू हुआ है. रुन्नीसैदपुर प्रखंड में इसका सफल प्रयोग किया गया है. इस योजना के तहत किसानों को 209 रुपये प्रति एकड़ का सरकारी अनुदान मिलेगा.

विज्ञापन

Drone Spray Scheme: सीतामढ़ी जिले में कृषि को हाईटेक बनाने और फसलों को विभिन्न कीट-व्याधियों से सुरक्षित रखने के लिए ड्रोन के माध्यम से दवा छिड़काव अभियान की शुरुआत की गई है. कृषि विभाग के पौधा संरक्षण प्रभाग द्वारा चलाए जा रहे इस अभियान के तहत पहले चरण में रुन्नीसैदपुर प्रखंड के खेतों में ड्रोन से कीटनाशक और पोषक तत्वों का सफल छिड़काव किया गया. इस नई तकनीक के प्रयोग से किसानों में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है.

विज्ञापन

Agriculture Department: चार प्रखंडों में 9 हजार एकड़ का लक्ष्य तय

विभागीय अधिकारियों के अनुसार, जिले भर में ड्रोन से फसल सुरक्षा कार्य को गति देने के लिए कुल 9 हजार एकड़ क्षेत्रफल का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. यह विशेष अभियान जिले के चार प्रमुख प्रखंडों में चलाया जा रहा है, जिनमें रुन्नीसैदपुर, बोखड़ा, परसौनी और बेलसंड प्रखंड शामिल हैं. इन प्रखंडों में दलहनी, तिलहनी और अन्य नकदी फसलों को कीटों के अचानक होने वाले हमलों से बचाने के लिए चरणबद्ध तरीके से छिड़काव पूरा किया जाएगा.

209 रुपये प्रति एकड़ का मिलेगा सरकारी अनुदान

योजना के तहत पौधा संरक्षण विभाग ने ड्रोन से छिड़काव के लिए कुल 419 रुपये प्रति एकड़ की दर तय की है. इसमें किसानों की आर्थिक सहूलियत का पूरा ध्यान रखा गया है. किसानों को अपनी जेब से केवल 210 रुपये प्रति एकड़ का भुगतान करना होगा, जबकि शेष 209 रुपये प्रति एकड़ की अनुदान राशि विभाग सीधे सेवा प्रदाता एजेंसी को देगा. इस सब्सिडी से छोटे व सीमांत किसानों पर आधुनिक तकनीक अपनाने का आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा.

समय और लागत की बचत, अधिकारियों ने किया निरीक्षण

रुन्नीसैदपुर में छिड़काव के दौरान पौधा संरक्षण प्रभाग की सहायक निदेशक आकांक्षा ने खेतों में पहुंचकर कार्यों का औचक निरीक्षण किया. उन्होंने उपस्थित किसानों को बताया कि पारंपरिक स्प्रेयर की तुलना में ड्रोन तकनीक से कुछ ही मिनटों में बड़े भूभाग पर समान रूप से दवा का छिड़काव संभव है. इससे दवाओं की बर्बादी रुकती है और किसानों के श्रम व समय दोनों की बचत होती है. इस अवसर पर दिलीप कुमार सिंह, नवल किशोर सिंह, मनीषा कुमारी और हरेंद्र प्रसाद सिंह सहित कई प्रगतिशील किसान मौजूद रहे.

यह भी पढ़ें... शराब लदी कार ने सड़क किनारे खड़े तीन लोगों को रौंदा, कार छोड़कर तस्कर फरार

आपके शहर में

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन